एशियन गेम्स 2026: स्क्वैश सेमीफाइनल में मलेशिया से 2-1 की हार, भारत को ब्रॉन्ज मेडल से करना पड़ा संतोष
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष स्क्वैश टीम को एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में 1 अक्टूबर को नागोया में मलेशिया के हाथों 2-1 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे टीम का फाइनल में पहुँचने का सपना टूट गया और उसे ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा। नागोया किंजो फुतो एरिना में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन निर्णायक क्षणों में पिछड़ गया।
मुख्य घटनाक्रम
मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए निराशाजनक रही। व्यक्तिगत इवेंट में सिल्वर मेडलिस्ट अभय सिंह को व्यक्तिगत इवेंट के गोल्ड मेडलिस्ट ईन यो के हाथों 0-3 (8-11, 8-11, 8-11) से शिकस्त मिली। 27 मिनट तक चले इस मैच में अभय ने प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने की पूरी कोशिश की, लेकिन तीनों गेम में हार का सामना करना पड़ा।
मलेशिया की 1-0 की बढ़त के बाद भारत को दूसरे मैच में जीत की दरकार थी। वीर चोटरानी ने यह जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए संजय जीवा को 3-0 (11-4, 11-8, 11-5) से हराकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। वीर ने पहले गेम से ही अपना वर्चस्व स्थापित किया और पूरे मैच में कोई मौका नहीं दिया।
निर्णायक मैच का रोमांच
स्कोर बराबर होने के बाद वेलावन सेंथिलकुमार और अमीशेनराज चंद्रन के बीच निर्णायक मुकाबला हुआ। वेलावन ने पहले गेम को कड़े संघर्ष के बाद 12-10 से जीता, लेकिन चंद्रन ने दूसरे गेम में जबरदस्त वापसी करते हुए 11-8 से बराबरी की। मलेशियन खिलाड़ी ने तीसरा गेम भी 11-8 से अपने नाम कर 2-1 की बढ़त बना ली।
भारत की उम्मीदें जीवित रखने के लिए वेलावन ने चौथे गेम में पूरा जोर लगाया और स्कोर देर तक करीबी बना रहा। हालाँकि, चंद्रन ने अंतिम क्षणों में संयम बनाए रखते हुए गेम 11-9 से जीत लिया और मलेशिया ने मैच 2-1 से अपने नाम कर लिया।
भारत के प्रदर्शन का विश्लेषण
यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था — अभय सिंह ने सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीता था। गौरतलब है कि टीम इवेंट में भारत का यह प्रदर्शन फिर भी ऐतिहासिक रूप से सकारात्मक माना जाएगा, क्योंकि ब्रॉन्ज मेडल भी एशियाई स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। निर्णायक मैच में वेलावन सेंथिलकुमार का पहला गेम जीतना दिखाता है कि भारतीय टीम में क्षमता है, लेकिन लंबे मुकाबलों में निरंतरता बनाए रखना अभी भी चुनौती बना हुआ है।
आगे क्या
इस हार के साथ भारत की फाइनल तक पहुँचने की उम्मीदें समाप्त हो गईं। फाइनल में मलेशिया का सामना पाकिस्तान से होगा। भारतीय टीम अब ब्रॉन्ज मेडल के साथ स्वदेश लौटेगी। इस नतीजे के बाद भारतीय स्क्वैश के कोचिंग और रणनीतिक पहलुओं पर नए सिरे से विचार-विमर्श की संभावना है।