एशियन गेम्स 2026: अभय सिंह स्क्वैश पुरुष फाइनल में, इरफान को 3-0 से हराया; अनाहत भी फाइनल में
सारांश
मुख्य बातें
भारत के अभय सिंह ने 26 सितंबर 2026 को नागोया में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 3-0 (11-3, 12-10, 11-6) से करारी शिकस्त देकर एशियन गेम्स 2026 के पुरुष सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में शानदार प्रवेश किया। इससे पहले अनाहत सिंह महिला सिंगल्स फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर चुकी हैं, जिससे भारत का स्क्वैश में ऐतिहासिक प्रदर्शन जारी है।
अभय सिंह का ऐतिहासिक सफर
दुनिया के 26वें नंबर के खिलाड़ी अभय सिंह, सौरव घोषाल के बाद एशियन गेम्स पुरुष सिंगल्स फाइनल में पहुँचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। गौरतलब है कि घोषाल ने 2014 और 2023 में एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। अभय की यह उपलब्धि भारतीय पुरुष स्क्वैश के लिए एक मील का पत्थर है।
मैच का रोमांचक विवरण
अभय ने पहला गेम 11-3 से आसानी से जीतकर दमदार शुरुआत की। दूसरे गेम में इरफान ने कड़ी टक्कर दी और स्कोर 10-10 तक पहुँच गया, लेकिन अभय ने संयम बनाए रखते हुए 12-10 से गेम अपने नाम किया और 2-0 की बढ़त बना ली। तीसरे गेम में अभय ने खेल पर पूरी पकड़ बनाए रखी, चार मैच प्वाइंट हासिल किए और पहले ही मैच प्वाइंट पर 11-6 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया।
उल्लेखनीय है कि इरफान ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में भारत के वीर छोटरानी को हराया था, जिससे उनके खिलाफ यह जीत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
फाइनल में क्या होगा
फाइनल में अभय का सामना संभावित रूप से एक और पाकिस्तानी खिलाड़ी नूर जमान से हो सकता है, क्योंकि उनका मुकाबला शनिवार को ही मलेशिया के ईन योव एनजी से होना निर्धारित है। दोनों भारतीय खिलाड़ी — अभय और अनाहत — गोल्ड मेडल जीतने की स्थिति में लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालिफाई कर सकते हैं।
अनाहत सिंह की जबरदस्त वापसी
18 वर्षीय अनाहत सिंह ने जापान की विश्व रैंकिंग में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 (9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3) से हराकर महिला सिंगल्स फाइनल में अपनी जगह पक्की की। शुरुआती दो गेम गंवाने के बावजूद उन्होंने शानदार मानसिक दृढ़ता दिखाई। एक समय 8-10 से पीछे रहने के बाद उन्होंने तीसरे गेम में गेम प्वाइंट्स बचाते हुए 12-10 से वापसी की और फिर बाकी दो गेम आसानी से जीते।
अनाहत एशियन गेम्स महिला सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं — यह भारतीय महिला स्क्वैश के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है।
भारत के लिए क्या मायने रखता है
यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियन गेम्स में स्क्वैश में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। यदि दोनों खिलाड़ी गोल्ड मेडल जीतते हैं, तो यह भारतीय स्क्वैश के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा और 2028 ओलंपिक में स्क्वैश की वापसी से पहले देश की स्थिति को मजबूत करेगा। भारतीय स्क्वैश अब विश्व मंच पर एक गंभीर ताकत के रूप में उभर रहा है।