एशियन गेम्स 2026: भारत की पुरुष व महिला स्क्वैश टीम सेमीफाइनल में, दो और मेडल पक्के
सारांश
मुख्य बातें
भारत की पुरुष और महिला स्क्वैश टीम ने एशियन गेम्स 2026 में 30 सितंबर को नागोया के किंजो फुतो एरिना में क्वार्टर फाइनल जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस उपलब्धि के साथ ही आइची-नागोया खेलों में स्क्वैश स्पर्धा में भारत के लिए दो और पदक सुनिश्चित हो गए हैं।
पुरुष टीम का सफर: कुवैत को 2-0 से हराया
शीर्ष वरीयता प्राप्त और मौजूदा चैंपियन भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में कुवैत को 2-0 से पराजित किया। पहले मुकाबले में वीर छोटरानी को कुवैत के बदर अलमोगरेबी से कड़ी टक्कर मिली — दूसरा गेम गँवाने के बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 12-10, 8-11, 11-0, 11-5 से 34 मिनट में जीत दर्ज की।
इसके बाद अभय सिंह कोर्ट पर उतरे और अम्मार अल्तामिमी को 11-3, 11-4, 11-8 से हराकर टाई भारत के नाम कर दी। तीसरे मैच की ज़रूरत ही नहीं पड़ी। गौरतलब है कि इससे पहले पूल ए में भारत ने चीन को 3-0 से हराया था, जिसमें सूरज कुमार चंद, वीर छोटरानी और वेलवन सेंथिलकुमार ने अपने-अपने मैच जीते थे।
महिला टीम का प्रदर्शन: सिंगापुर को 2-0 से मात
भारतीय महिला टीम ने क्वार्टर फाइनल में सिंगापुर को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल की राह पकड़ी। पहले मैच में तन्वी खन्ना ने औ येओंग वाई लिन के खिलाफ पहले तीन गेम तक कड़ी टक्कर झेली, लेकिन चौथे गेम में दबदबा बनाते हुए 11-6, 4-11, 15-13, 11-1 से 32 मिनट में जीत हासिल की।
दूसरे मैच में अनाहत सिंह ने भारत की जीत पक्की करते हुए टीम को सेमीफाइनल में पहुँचाया। यह ऐसे समय में आया है जब अनाहत पहले ही महिला सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।
स्क्वैश में भारत की मेडल तस्वीर
इन दोनों टीमों के सेमीफाइनल में पहुँचने से पहले ही भारत नागोया में स्क्वैश में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर चुका है। अभय सिंह ने पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को हराकर सिल्वर मेडल जीता, जबकि अनाहत सिंह ने महिला सिंगल्स में भी सिल्वर अपने नाम किया। इसके अलावा जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
अब टीम स्पर्धाओं में दोनों सेमीफाइनल जीतने पर भारत के पास गोल्ड मेडल का मौका होगा, और हार की स्थिति में भी कम से कम दो ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हैं।
आगे क्या होगा
पुरुष टीम, जो पिछले एशियन गेम्स की चैंपियन है, एक बार फिर फाइनल की दहलीज़ पर खड़ी है। महिला टीम भी अपनी पोडियम फिनिश को स्वर्ण में बदलने के इरादे से उतरेगी। दोनों सेमीफाइनल मुकाबले नागोया में ही खेले जाएँगे। भारतीय स्क्वैश के इतिहास में यह अवसर विशेष महत्व रखता है — एक ही संस्करण में दोनों टीमों का एक साथ सेमीफाइनल में पहुँचना भारतीय स्क्वैश की गहराती ताकत का प्रमाण है।