एशियन गेम्स 2026: राजेश-चिकिता की मिक्स्ड कंपाउंड जोड़ी फाइनल में, थाईलैंड को 156-155 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
ओकाजाकी के चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में 30 सितंबर 2026 को खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी जोड़ी राजेश जाधव और चिकिता तनिपार्थी ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जोड़ी ने थाईलैंड के पीरावत रत्तनपोंगकियाट और कानोकनापुस काएवचोमफू को रोमांचक मुकाबले में 156-155 के अंतर से पराजित किया। यह जीत भारत के लिए इस टूर्नामेंट में तीरंदाज़ी के मोर्चे पर एक और बड़ी उपलब्धि है।
मुकाबले का रोमांचक घटनाक्रम
पहले एंड में चिकिता और राजेश ने तीन 10 और एक 9 के साथ शुरुआत की, जबकि थाई जोड़ी 9 और 8 से पिछड़ी। पहले एंड के बाद भारत 39-37 से आगे था। दूसरे राउंड में राजेश ने लगातार 10-10 का स्कोर किया और चिकिता ने भी साथ दिया, जिससे बढ़त तीन अंकों तक पहुँच गई। दूसरे राउंड के अंत में भारत 77-75 से आगे था।
तीसरे राउंड में थाईलैंड ने 10 के साथ दमदार वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने कोई गलती नहीं की और 117-115 की बढ़त बरकरार रखी। आखिरी राउंड में थाई जोड़ी ने बेहतरीन 10 से शुरुआत की। चिकिता से एक 9 के कारण भारत की बढ़त एक अंक घट गई, लेकिन राजेश के 10 ने स्थिति संभाली और भारत 136-135 पर आगे हो गया।
निर्णायक क्षण में थाईलैंड के दोनों तीरंदाज़ों ने 10-10 का स्कोर किया और दबाव बढ़ा दिया। परंतु चिकिता ने 10 लगाया और उसके बाद राजेश के अंतिम 10 ने फाइनल में जगह पक्की कर दी — अंतिम स्कोर 156-155 रहा।
चिकिता का दूसरा गोल्ड मेडल मैच
यह चिकिता तनिपार्थी का इन गेम्स में दूसरा गोल्ड मेडल मैच होगा। इससे पहले उन्होंने पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ मिलकर महिला टीम इवेंट के फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। यह प्रदर्शन उन्हें इन गेम्स की सबसे प्रभावशाली भारतीय खिलाड़ियों में से एक बनाता है।
भारत की पदक तालिका और ऐतिहासिक संदर्भ
एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का सातवाँ स्वर्ण पदक है। अब तक कुल 53 पदक — 7 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य — भारत के खाते में आ चुके हैं। गौरतलब है कि भारत ने इस इवेंट में 2018 में रजत और 2014 में कांस्य पदक जीता था। अब पहली बार स्वर्ण की दावेदारी बेहद मज़बूत नज़र आ रही है।
तुलनात्मक रूप से देखें तो हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भारत का आर्चरी अभियान सर्वाधिक सफल रहा था — 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 9 पदक जीते थे, जिनमें कंपाउंड वर्ग के सभी पाँच स्वर्ण शामिल थे। मौजूदा टीम उसी परंपरा को आगे बढ़ाती दिख रही है।
आगे क्या
भारतीय मिक्स्ड जोड़ी का फाइनल मुकाबला साउथ कोरिया और चीन के बीच हुए दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। इसके अलावा, भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम भी बुधवार को साउथ कोरिया के खिलाफ अपने सेमीफाइनल में उतरेगी। आइची-नागोया में आर्चरी में भारत के पदकों की संख्या और बढ़ सकती है।