एशियन गेम्स 2026: चिकिथा तनिपार्थी का दूसरा गोल्ड, बोलीं — 'यह मेरे पिता का सपना था'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तीरंदाज़ चिकिथा तनिपार्थी और राजेश जाधव की जोड़ी ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी में एशियन गेम्स के मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी इवेंट में दक्षिण कोरिया को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह चिकिथा का इन्हीं खेलों में दूसरा स्वर्ण पदक है, और इस जीत के साथ भारत ने ओलंपिक कोटा हासिल करने वाली पहली भारतीय टीम होने का गौरव भी अर्जित किया।
मुख्य घटनाक्रम
मिक्स्ड कंपाउंड इवेंट का फ़ाइनल मुकाबला अत्यंत रोमांचक रहा, जिसे शूट-ऑफ तक खिंचना पड़ा। राजेश जाधव और चिकिथा तनिपार्थी की भारतीय जोड़ी ने दबाव में संयम बनाए रखते हुए दक्षिण कोरिया को मात दी। यह जीत भारतीय तीरंदाज़ी के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि इससे टीम ने ओलंपिक कोटा भी सुनिश्चित कर लिया।
इससे पहले उसी दिन, चिकिथा तनिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इस प्रकार चिकिथा एक ही एशियन गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली तीरंदाज़ बन गईं।
चिकिथा की प्रतिक्रिया
जीत के बाद चिकिथा तनिपार्थी ने कहा, 'मैं पदक तालिका बराबर देख रही हूं। मैं सोच रही थी कि हमें अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। आखिरकार हमें सोना मिल गया। ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने वाली हम पहली भारतीय टीम हैं। मैं शांत रहने और आत्मविश्वास बनाए रखने की कोशिश कर रही हूं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं मेडल को अपने माता-पिता और देशवासियों को समर्पित करना चाहती हूं, जिन्होंने हमारा समर्थन किया। गोल्ड मेडल जीतने का सपना मेरे पिता का है। मैं अपने पिता की बदौलत ही आर्चरी में आई।' उन्होंने अपने प्रशिक्षण में अभिषेक वर्मा और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में विवेक सर के मार्गदर्शन का भी विशेष उल्लेख किया।
ओलंपिक कोटा और आगे की राह
चिकिथा ने बताया कि वे धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भागीदारी बढ़ा रही हैं और खुद को निरंतर बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं। यह ओलंपिक कोटा भारतीय तीरंदाज़ी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, क्योंकि कंपाउंड आर्चरी अभी ओलंपिक खेलों में शामिल नहीं है — लेकिन इस प्रदर्शन ने भविष्य की संभावनाओं को और पुख्ता किया है।
गौरतलब है कि भारत की तीरंदाज़ी में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय उभार आया है, और एशियन गेम्स 2026 में एकाधिक स्वर्ण पदक इस प्रगति की पुष्टि करते हैं।
देशवासियों से अपील
चिकिथा ने भारतीय दर्शकों से आग्रह किया कि वे एशियन गेम्स में भाग ले रहे खिलाड़ियों को देखें और उनका उत्साहवर्धन करें। जीत के जश्न के बीच उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में यह भी कहा कि मैच के बाद इंटरव्यू की व्यस्तता के बीच उन्हें भूख लग रही है और वे कोई जापानी व्यंजन आज़माना चाहती हैं।
भारतीय तीरंदाज़ी का यह स्वर्णिम दौर आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में और भी ऊँची उड़ान भरने का संकेत देता है।