चिकिता तनिपार्थी ने एशियाई खेलों में जीते दो स्वर्ण, तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना की तीरंदाज चिकिता तनिपार्थी ने एशियाई खेलों में एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर राज्य और देश का नाम रोशन किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार, 30 सितंबर को चिकिता और उनकी टीम को हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकिता का नाम अब तेलंगाना के खेल इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है।
दो स्वर्ण पदकों की उपलब्धि
चिकिता तनिपार्थी ने एशियाई खेलों में महिला मिक्स्ड तीरंदाजी टीम स्पर्धा में अपनी साथी खिलाड़ियों वेन्नम ज्योति सुरेखा और प्रथिका प्रदीप के साथ मिलकर पहला स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने साहिल जाधव के साथ मिक्स्ड कंपाउंड तीरंदाजी स्पर्धा में दूसरा स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया।
मिक्स्ड कंपाउंड स्पर्धा का फाइनल 157-157 के बराबर स्कोर पर समाप्त हुआ, जिसके बाद रोमांचक शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने धैर्य और कौशल का परिचय देते हुए दक्षिण कोरिया की पार्क जुंगयून और चोई योंगही को पीछे छोड़ दिया।
ओलंपिक कोटा भी हासिल
इस जीत का महत्व केवल पदक तक सीमित नहीं है। चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव ने मिक्स्ड कंपाउंड तीरंदाजी में स्वर्ण जीतकर 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। गौरतलब है कि मिक्स्ड टीम तीरंदाजी स्पर्धा लॉस एंजिल्स 2028 में पहली बार ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही है, जिससे यह उपलब्धि और भी ऐतिहासिक बन जाती है।
इस जीत के साथ भारत ने LA 2028 में मिक्स्ड टीम स्पर्धा के लिए कोटा स्थान भी सुरक्षित कर लिया है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि चिकिता के अथक अभ्यास, लगन और दृढ़ संकल्प से हासिल की गई ये जीतें राज्य के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने वैश्विक मंच पर भारत और तेलंगाना की खेल क्षमता को प्रदर्शित किया है।
रेड्डी ने पेद्दापल्ली मूल की चिकिता के माता-पिता और कोचों को भी उनकी प्रतिभा को पहचानने और निरंतर प्रोत्साहन देने के लिए विशेष बधाई दी। उन्होंने विजेताओं को आने वाले वर्षों में और अधिक सफलताएँ अर्जित करने की शुभकामनाएँ दीं।
आम खिलाड़ियों पर असर और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने एशियाई खेलों में भाग लेने वाले सभी भारतीय एथलीटों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियाँ देश के युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी में लगातार मज़बूत उपस्थिति दर्ज कर रहा है।
चिकिता की यह दोहरी सफलता तेलंगाना में खेल अवसंरचना और प्रशिक्षण में निवेश की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, और आलोचकों का कहना है कि राज्य सरकार को इस गति को बनाए रखने के लिए ज़मीनी स्तर पर खेल कार्यक्रमों को और मज़बूत करना होगा।