एशियन गेम्स तीरंदाजी: चिकिथा तनिपार्थी कंपाउंड महिला सिंगल्स क्वार्टर-फाइनल में 144-143 से हारीं
सारांश
मुख्य बातें
भारत की स्टार तीरंदाज चिकिथा तनिपार्थी 1 अक्टूबर 2026 को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेले गए कंपाउंड महिला व्यक्तिगत क्वार्टर-फाइनल में इंडोनेशिया की नुरिसा डियान अशरीफा से 144-143 के बेहद करीबी अंतर से पराजित होकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। यह हार इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भारत ने कंपाउंड इवेंट में सभी पाँच स्वर्ण पदक जीते थे — और इस बार पहली बार भारत उस खिताब का बचाव करने में विफल रहा।
मुकाबले का रोमांचक घटनाक्रम
शुरुआती दो राउंड में चिकिथा पीछे रहीं, लेकिन तीसरे राउंड में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली। हालाँकि अंतिम राउंड में किस्मत ने साथ नहीं दिया — चिकिथा ने 8, 9, 10 का स्कोर किया, जबकि नुरिसा ने 10, 10, 9 का स्कोर कर मुकाबला पलट दिया।
महज एक अंक के अंतर से हुई यह हार भारतीय तीरंदाजी प्रशंसकों के लिए निराशाजनक रही। गौरतलब है कि चिकिथा इन खेलों में अब तक उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही थीं।
चिकिथा की इन खेलों में उपलब्धियाँ
व्यक्तिगत इवेंट में हार के बावजूद चिकिथा के लिए यह एशियन गेम्स कुल मिलाकर यादगार रहे। उन्होंने आइची-नागोया में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
पहले उन्होंने पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ मिलकर महिला कंपाउंड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता, जहाँ भारत ने चीन को 238-234 से हराया। उल्लेखनीय है कि यह 238 का स्कोर विश्व रिकॉर्ड के बराबर था, जो इंचियोन 2014 में कोरियाई टीम ने बनाया था। भारत ने इस इवेंट में 2018 में रजत और 2014 में कांस्य पदक जीता था — इस बार स्वर्ण के साथ उसने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराया।
इसके बाद चिकिथा ने साहिल जाधव के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। फाइनल में दक्षिण कोरिया के पार्क जुंगयून और चोई योंगही के खिलाफ आखिरी राउंड के बाद स्कोर 157-157 से बराबर था, और शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में कोटा भी मिल गया — विशेष बात यह है कि यह इवेंट ओलंपिक में पहली बार शामिल होगा।
पुरुष टीम का भी शानदार प्रदर्शन
साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु की भारतीय पुरुष कंपाउंड तिकड़ी ने भी चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता। साहिल के लिए यह खेलों में दूसरा स्वर्ण पदक था।
हांगझोऊ 2023 का सुनहरा अध्याय और अब की चुनौती
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी टीम से उम्मीदें बेहद ऊँची थीं। हांगझोऊ 2023 में भारत ने कंपाउंड स्पर्धाओं के सभी पाँच स्वर्ण पदक जीते थे। इस बार व्यक्तिगत महिला इवेंट में स्वर्ण न आ पाना एक उल्लेखनीय बदलाव है।
चिकिथा के लिए व्यक्तिगत खिताब का सपना इस बार अधूरा रहा, लेकिन टीम स्पर्धाओं में उनके योगदान और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कोटा हासिल करने से उनका यह अभियान ऐतिहासिक महत्व का रहा। आने वाले समय में ओलंपिक की तैयारियाँ भारतीय तीरंदाजी के लिए अगली बड़ी परीक्षा होंगी।