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एशियन गेम्स तीरंदाजी: चिकिथा तनिपार्थी कंपाउंड महिला सिंगल्स क्वार्टर-फाइनल में 144-143 से हारीं

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एशियन गेम्स तीरंदाजी: चिकिथा तनिपार्थी कंपाउंड महिला सिंगल्स क्वार्टर-फाइनल में 144-143 से हारीं

सारांश

चिकिथा तनिपार्थी एशियन गेम्स 2026 के कंपाउंड महिला सिंगल्स क्वार्टर-फाइनल में महज एक अंक से बाहर हुईं — लेकिन इसी अभियान में उन्होंने दो स्वर्ण और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कोटा भी जीता। हांगझोऊ के पाँच स्वर्ण वाली भारतीय तीरंदाजी को पहली बार व्यक्तिगत इवेंट में झटका लगा।

मुख्य बातें

चिकिथा तनिपार्थी कंपाउंड महिला व्यक्तिगत क्वार्टर-फाइनल में इंडोनेशिया की नुरिसा डियान अशरीफा से 144-143 से हारीं।
यह पहली बार है जब भारत ने हांगझोऊ 2023 में जीते गए कंपाउंड व्यक्तिगत महिला स्वर्ण का बचाव नहीं किया।
चिकिथा ने आइची-नागोया में महिला टीम और मिक्स्ड टीम इवेंट में दो स्वर्ण पदक जीते।
भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में कोटा मिला — यह इवेंट ओलंपिक में पहली बार शामिल होगा।
पुरुष कंपाउंड टीम — साहिल जाधव , कुशल दलाल , गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु — ने भी चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
महिला कंपाउंड टीम ने 238 के विश्व रिकॉर्ड-बराबर स्कोर से चीन को 238-234 से हराया।

भारत की स्टार तीरंदाज चिकिथा तनिपार्थी 1 अक्टूबर 2026 को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेले गए कंपाउंड महिला व्यक्तिगत क्वार्टर-फाइनल में इंडोनेशिया की नुरिसा डियान अशरीफा से 144-143 के बेहद करीबी अंतर से पराजित होकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। यह हार इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भारत ने कंपाउंड इवेंट में सभी पाँच स्वर्ण पदक जीते थे — और इस बार पहली बार भारत उस खिताब का बचाव करने में विफल रहा।

मुकाबले का रोमांचक घटनाक्रम

शुरुआती दो राउंड में चिकिथा पीछे रहीं, लेकिन तीसरे राउंड में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली। हालाँकि अंतिम राउंड में किस्मत ने साथ नहीं दिया — चिकिथा ने 8, 9, 10 का स्कोर किया, जबकि नुरिसा ने 10, 10, 9 का स्कोर कर मुकाबला पलट दिया।

महज एक अंक के अंतर से हुई यह हार भारतीय तीरंदाजी प्रशंसकों के लिए निराशाजनक रही। गौरतलब है कि चिकिथा इन खेलों में अब तक उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही थीं।

चिकिथा की इन खेलों में उपलब्धियाँ

व्यक्तिगत इवेंट में हार के बावजूद चिकिथा के लिए यह एशियन गेम्स कुल मिलाकर यादगार रहे। उन्होंने आइची-नागोया में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

पहले उन्होंने पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ मिलकर महिला कंपाउंड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता, जहाँ भारत ने चीन को 238-234 से हराया। उल्लेखनीय है कि यह 238 का स्कोर विश्व रिकॉर्ड के बराबर था, जो इंचियोन 2014 में कोरियाई टीम ने बनाया था। भारत ने इस इवेंट में 2018 में रजत और 2014 में कांस्य पदक जीता था — इस बार स्वर्ण के साथ उसने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराया।

इसके बाद चिकिथा ने साहिल जाधव के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। फाइनल में दक्षिण कोरिया के पार्क जुंगयून और चोई योंगही के खिलाफ आखिरी राउंड के बाद स्कोर 157-157 से बराबर था, और शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में कोटा भी मिल गया — विशेष बात यह है कि यह इवेंट ओलंपिक में पहली बार शामिल होगा।

पुरुष टीम का भी शानदार प्रदर्शन

साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु की भारतीय पुरुष कंपाउंड तिकड़ी ने भी चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता। साहिल के लिए यह खेलों में दूसरा स्वर्ण पदक था।

हांगझोऊ 2023 का सुनहरा अध्याय और अब की चुनौती

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी टीम से उम्मीदें बेहद ऊँची थीं। हांगझोऊ 2023 में भारत ने कंपाउंड स्पर्धाओं के सभी पाँच स्वर्ण पदक जीते थे। इस बार व्यक्तिगत महिला इवेंट में स्वर्ण न आ पाना एक उल्लेखनीय बदलाव है।

चिकिथा के लिए व्यक्तिगत खिताब का सपना इस बार अधूरा रहा, लेकिन टीम स्पर्धाओं में उनके योगदान और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कोटा हासिल करने से उनका यह अभियान ऐतिहासिक महत्व का रहा। आने वाले समय में ओलंपिक की तैयारियाँ भारतीय तीरंदाजी के लिए अगली बड़ी परीक्षा होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी व्यक्तिगत खिताब की चूक सवाल उठाती है कि क्या हम व्यक्तिगत स्पर्धाओं में लगातार शीर्ष प्रदर्शन के लिए पर्याप्त तैयार हैं। लॉस एंजिल्स 2028 में कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के ओलंपिक डेब्यू से पहले यह हार एक आवश्यक सबक है — तकनीकी दक्षता तो है, लेकिन अंतिम राउंड के मानसिक दबाव प्रबंधन पर काम करना होगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिकिथा तनिपार्थी एशियन गेम्स 2026 में क्यों बाहर हुईं?
चिकिथा तनिपार्थी कंपाउंड महिला व्यक्तिगत क्वार्टर-फाइनल में इंडोनेशिया की नुरिसा डियान अशरीफा से 144-143 के एक अंक के अंतर से हारकर बाहर हुईं। निर्णायक क्षण अंतिम राउंड में आया जब चिकिथा ने 8, 9, 10 स्कोर किया जबकि नुरिसा ने 10, 10, 9 का स्कोर कर बाजी पलट दी।
एशियन गेम्स 2026 में चिकिथा तनिपार्थी ने कितने पदक जीते?
चिकिथा तनिपार्थी ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीते — महिला कंपाउंड टीम इवेंट में (चीन को 238-234 से हराकर) और कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में साहिल जाधव के साथ (शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया को हराकर)। व्यक्तिगत इवेंट में वे क्वार्टर-फाइनल में बाहर हुईं।
भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में कंपाउंड तीरंदाजी का कोटा कैसे मिला?
चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव ने एशियन गेम्स 2026 में कंपाउंड मिक्स्ड टीम फाइनल में दक्षिण कोरिया को शूट-ऑफ में हराया, जिससे भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा मिल गया। उल्लेखनीय है कि यह इवेंट ओलंपिक में पहली बार शामिल हो रहा है।
हांगझोऊ 2023 में भारत का कंपाउंड तीरंदाजी में क्या प्रदर्शन था?
हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने सभी पाँच स्वर्ण पदक जीते थे। इस बार आइची-नागोया में पहली बार भारत कंपाउंड महिला व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर पाया।
भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने एशियन गेम्स 2026 में कैसा प्रदर्शन किया?
चिकिथा तनिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। 238 का यह स्कोर विश्व रिकॉर्ड के बराबर था, जो कोरियाई टीम ने इंचियोन 2014 में बनाया था।
राष्ट्र प्रेस
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