30 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम का गोल्ड, चीन को 238 234 से हराया

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एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम का गोल्ड, चीन को 238 234 से हराया

सारांश

ओकाजाकी में एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने चीन को 238 234 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता। ज्योति सुरेखा, चिकिथा तानिपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने दबाव में भी संयम बनाए रखा — यह जीत भारतीय तीरंदाज़ी के लिए एशियाई स्तर पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

मुख्य बातें

भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में चीन को 238 234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
टीम में ज्योति सुरेखा , चिकिथा तानिपार्थी और पृथिका प्रदीप शामिल थीं।
ज्योति सुरेखा ने यह पदक अपने माता पिता को समर्पित किया और SAI व सरकार के सहयोग की सराहना की।
पृथिका प्रदीप ने कहा कि इस जीत से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
यह जीत भारत की एशियाई खेलों में तीरंदाज़ी के क्षेत्र में बढ़ती ताकत को दर्शाती है।

भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को 238 234 के अंतर से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ज्योति सुरेखा, चिकिथा तानिपार्थी और पृथिका प्रदीप की इस तिकड़ी ने दबाव भरे मुकाबले में संयम और सटीकता का शानदार प्रदर्शन किया।

मुख्य घटनाक्रम

फाइनल मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने 238 अंक हासिल किए, जबकि चीन की टीम 234 अंकों पर सिमट गई। यह जीत भारतीय कंपाउंड आर्चरी के लिए एशियाई स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, क्योंकि एशियाई खेलों में चीन परंपरागत रूप से इस खेल में प्रभावी रहा है।

ज्योति सुरेखा की प्रतिक्रिया

स्वर्ण पदक जीतने के बाद ज्योति सुरेखा ने कहा, "इस बात की बेहद खुशी है कि हमने आज अपना बेस्ट प्रदर्शन किया और भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत सके। हम मैच के दौरान एक दूसरे को लगातार मोटिवेट कर रहे थे कि चाहे जो भी हो हमें अपना बेस्ट देना है और अंत तक लड़ना है।" उन्होंने यह पदक अपने माता पिता को समर्पित किया और कहा कि परिवार से बात हुई और सभी बेहद खुश हैं।

ज्योति ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उपकरण, बुनियादी ढाँचे और विदेशी एक्सपोज़र हर मोर्चे पर उन्हें पूरा सहयोग मिला है। उनके अनुसार, "यह बहुत ही अच्छी बात है, क्योंकि हम सपोर्ट के साथ ही कुछ हासिल कर पाते हैं।"

पृथिका प्रदीप का अनुभव

पृथिका प्रदीप ने बताया कि टीम इवेंट में गोल्ड जीतने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसे बड़े मंच पर दबाव स्वाभाविक होता है, लेकिन उन्होंने अपने हर शॉट पर ध्यान केंद्रित रखा और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश की। पृथिका ने भी यह पदक अपने माता पिता को समर्पित किया।

आम जनता और खेल जगत पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियाई खेलों में तीरंदाज़ी में अपनी पहचान मज़बूत करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। गौरतलब है कि भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने पिछले कुछ वर्षों में विश्व स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, और यह स्वर्ण पदक उस यात्रा का एक अहम पड़ाव है।

क्या होगा आगे

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाज़ों के इस प्रदर्शन से आगामी विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक चक्र के लिए टीम का मनोबल निश्चित रूप से ऊँचा रहेगा। SAI और भारतीय तीरंदाज़ी संघ से उम्मीद की जा रही है कि इस सफलता के बाद खिलाड़ियों को और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यवस्थित ढाँचे की पुष्टि है जो SAI और सरकारी सहयोग से पिछले कुछ वर्षों में बना है। हालाँकि, यह सवाल अब भी प्रासंगिक है कि ओलंपिक में कंपाउंड तीरंदाज़ी की अनुपस्थिति इन खिलाड़ियों की वैश्विक पहचान को सीमित करती है। एशियाई स्तर पर चीन को हराना कठिन उपलब्धि है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब इन खिलाड़ियों को ओलंपिक मंच पर भी समान अवसर मिले। भारतीय तीरंदाज़ी संघ को इस गति को बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक प्रशिक्षण कैलेंडर और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने किसे हराया?
भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी में फाइनल में चीन को 238 234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। टीम में ज्योति सुरेखा, चिकिथा तानिपार्थी और पृथिका प्रदीप शामिल थीं।
ज्योति सुरेखा ने गोल्ड जीतने के बाद क्या कहा?
ज्योति सुरेखा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत सकी। उन्होंने यह पदक अपने माता पिता को समर्पित किया और SAI व सरकार के सहयोग की सराहना की।
पृथिका प्रदीप ने एशियन गेम्स गोल्ड के बारे में क्या कहा?
पृथिका प्रदीप ने कहा कि टीम इवेंट में गोल्ड जीतने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि दबाव के बावजूद उन्होंने अपने हर शॉट पर ध्यान केंद्रित रखा और यह पदक भी अपने माता पिता को समर्पित किया।
भारतीय आर्चरी टीम को किस तरह का सरकारी सहयोग मिल रहा है?
ज्योति सुरेखा के अनुसार, भारतीय सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) उपकरण, बुनियादी ढाँचे और विदेशी एक्सपोज़र हर मोर्चे पर टीम का साथ देते हैं। उनका कहना है कि इस सहयोग के बिना ऐसी उपलब्धियाँ हासिल करना संभव नहीं होता।
एशियन गेम्स 2026 की महिला कंपाउंड आर्चरी का फाइनल स्कोर क्या रहा?
फाइनल में भारत ने 238 अंक हासिल किए जबकि चीन 234 अंकों पर रहा। इस प्रकार भारत ने 4 अंकों के अंतर से स्वर्ण पदक जीता।
राष्ट्र प्रेस
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