एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने 238-234 से चीन को हराकर गोल्ड जीता, वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी के चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए फाइनल में चीन को 238-234 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की इस तिकड़ी ने 238 अंकों का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर दर्ज किया, जो इस स्पर्धा में अब तक का सर्वश्रेष्ठ है। एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह सातवाँ स्वर्ण पदक है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर की दास्तान
भारतीय तिकड़ी ने 238 अंकों का जो स्कोर बनाया, वह इससे पहले किसी भी टीम ने नहीं बनाया था। पुराना रिकॉर्ड कोरियाई टीम ने 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में स्थापित किया था। यह वही दक्षिण कोरियाई टीम थी जिसे भारत ने इस बार के सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी — एक प्रतीकात्मक और प्रेरणादायक संयोग।
मुख्य घटनाक्रम: एंड-दर-एंड दबदबा
शुरुआती एंड में भारत ने 30-28 की बढ़त लेकर पहल अपने हाथ में रखी। दूसरे एंड में चिकिथा के एक 9 के बावजूद पृथिका और ज्योति ने लगातार 10 लगाए और स्कोर 119-116 तक पहुँचा दिया।
तीसरे एंड में चीन ने दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन पृथिका और ज्योति की परफेक्ट शूटिंग ने भारत की बढ़त को 178-175 तक बनाए रखा। अंतिम एंड में चीन ने तीनों तीरों में 10 लगाकर अंतर घटाने की कोशिश की, परंतु भारतीय तिकड़ी ने भी तीनों तीरों में 10 लगाकर फाइनल स्कोर 238-234 पर समाप्त किया और खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।
भारत के पदक तालिका में योगदान
इस स्वर्ण के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 53 हो गई है — 7 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य। तुलनात्मक रूप से, हांगझोऊ 2023 में भारत ने रिकॉर्ड 9 पदक जीते थे, जिनमें 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य शामिल थे। गौरतलब है कि भारत लगातार एशियन गेम्स में आर्चरी की कंपाउंड स्पर्धाओं में दमदार उपस्थिति दर्ज कराता रहा है।
ज्योति सुरेखा वेन्नम की अगुआई में टीम का प्रदर्शन
ज्योति सुरेखा वेन्नम पूरे टूर्नामेंट में अपनी निरंतरता के लिए उल्लेखनीय रहीं — उन्होंने लगभग हर एंड में 10 लगाए और टीम का आधार बनी रहीं। पृथिका प्रदीप ने भी दबाव के क्षणों में अपनी परिपक्वता का प्रमाण दिया। चिकिथा तानिपार्थी ने कुछ एंड में 9 लगाए, परंतु अंतिम राउंड में वापसी करते हुए टीम के जीत में पूरा योगदान दिया।
आगे क्या
यह जीत भारत के लिए आर्चरी में एक नई पीढ़ी के उदय का संकेत है। ओकाजाकी में मिली इस सफलता के बाद उम्मीद की जा रही है कि यह तिकड़ी आगामी विश्व चैम्पियनशिप में भी भारत की उम्मीदों की प्रमुख वाहक बनेगी। एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन अभी जारी है और पदक तालिका में और सुधार की संभावना बनी हुई है।