एशियन गेम्स 2026: महिला रिकर्व टीम ने कोरिया को 5-3 से हराकर रचा इतिहास, भारत का 11वाँ गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारत की महिला रिकर्व तीरंदाज़ी टीम ने 2 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की — अंकिता भक्त, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति की तिकड़ी ने 10 बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर रिकर्व महिला टीम इवेंट में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीता। यह जीत भारत का इन खेलों का 11वाँ स्वर्ण पदक भी है।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे जीता ऐतिहासिक स्वर्ण
फाइनल मुकाबला ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेला गया। पहले सेट में दोनों टीमों ने 54-54 का बराबरी का स्कोर किया, जिससे दोनों को एक-एक अंक मिला और स्कोर 1-1 हो गया।
दूसरे सेट में कोरिया ने 10, 9 और 9 के साथ मज़बूत शुरुआत की। भारत ने 10 से जवाब दिया, लेकिन कीर्ति का 8 का शॉट दबाव बढ़ा गया। अंकिता के एक अहम 10 के बाद, 17 वर्षीया कुमकुम ने शानदार 10 दागकर सेट बराबर कर दिया — स्कोर 2-2।
तीसरे सेट में कोरिया ने तीन बार लगातार 8 का स्कोर किया, जिससे भारत को मौका मिला। कुमकुम के 10 के साथ सेट भारत के नाम रहा और स्कोर 4-2 हो गया।
चौथे और निर्णायक सेट में, कीर्ति ने 9, अंकिता ने 9 और फिर कुमकुम ने 10 दागकर सेट बराबर किया — और 5-3 की कुल बढ़त से गोल्ड पक्का हो गया। गौरतलब है कि भारत ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार रिकर्व टीम फाइनल में प्रवेश किया था।
सरकार की प्रतिक्रिया
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा, 'भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड। अंकिता भक्त, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति को एशियन गेम्स 2026 में रिकर्व महिला टीम इवेंट में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतने पर हार्दिक बधाई। एक यादगार प्रदर्शन और देश के लिए गर्व का पल।'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'रिकर्व आर्चरी में भारत के लिए एक गोल्डन ब्रेकथ्रू। एक करीबी फाइनल मुकाबले में साउथ कोरिया को 5-3 से हराकर भारतीय तिकड़ी ने इस इवेंट में भारत के लिए पहला एशियन गेम्स गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। इंडियन आर्चरी के लिए एक शानदार अचीवमेंट। जय हिंद।'
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी एक्स पर बधाई देते हुए लिखा, 'आर्चरी में इतिहास रचा गया। इंडिया की विमेंस रिकर्व टीम के लिए पहला एशियन गेम्स गोल्ड, इन तीन आर्चर्स और इंडियन आर्चरी के लिए एक यादगार पल। देश के लिए गर्व का पल। बहुत बढ़िया, चैंपियंस।'
ऐतिहासिक महत्व
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि दक्षिण कोरिया रिकर्व तीरंदाज़ी में 10 बार की एशियन गेम्स चैंपियन रह चुकी है — उसे हराना भारतीय तीरंदाज़ी के इतिहास में एक असाधारण उपलब्धि मानी जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय तीरंदाज़ी ने पिछले कुछ वर्षों में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाना शुरू किया है।
आगे की राह
इस ऐतिहासिक जीत से भारतीय तीरंदाज़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी। 17 वर्षीया कुमकुम अनिल मोहोद की इस प्रदर्शन पर विशेष नज़र है — आने वाले ओलंपिक चक्र में उनसे बड़ी उम्मीदें होंगी।