2 अक्टूबर 2026
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एशियन गेम्स तीरंदाजी: भारत को पुरुष रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर, फाइनल में कोरिया ने 5-1 से हराया

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एशियन गेम्स तीरंदाजी: भारत को पुरुष रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर, फाइनल में कोरिया ने 5-1 से हराया

सारांश

भारत ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष रिकर्व टीम इवेंट में लगातार दूसरी बार सिल्वर जीता, लेकिन फाइनल में फिर कोरिया की दीवार नहीं तोड़ पाया। नीरज चौहान, यशदीप भोगे और ओलंपियन धीरज बोम्मादेवरा की तिकड़ी 5-1 से हारी — वही नतीजा, वही प्रतिद्वंद्वी, जैसा हांगझोऊ 2023 में हुआ था।

मुख्य बातें

भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने 2 अक्टूबर 2026 को ओकाजाकी में एशियन गेम्स फाइनल में सिल्वर मेडल जीता।
फाइनल में दक्षिण कोरिया ने भारत को 5-1 से हराया; कोरिया नौ बार का चैंपियन।
भारतीय टीम में नीरज चौहान , यशदीप भोगे और ओलंपियन धीरज बोम्मादेवरा शामिल थे।
यह एशियन गेम्स में भारत का इस इवेंट में लगातार दूसरा सिल्वर है — हांगझोऊ 2023 में भी कोरिया से हारे थे।
पहले सेट में दोनों टीमें 56-56 पर बराबर रहीं; कोरिया ने दूसरा और तीसरा सेट क्रमशः 57-50 और 56-54 से जीता।

भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम ने 2 अक्टूबर 2026 को ओकाजाकी के चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में एशियन गेम्स फाइनल में सिल्वर मेडल जीता। नौ बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया ने भारतीय तिकड़ी को 5-1 से पराजित किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

मुख्य घटनाक्रम

भारतीय टीम में नीरज चौहान, यशदीप भोगे और ओलंपियन धीरज बोम्मादेवरा शामिल थे। उनके सामने दक्षिण कोरिया की किम जे देओक, किम वूजिन और ली वूसोक की तिकड़ी थी। पहले सेट में दोनों टीमों ने 56-56 की बराबरी की — दोनों ने तीन-तीन बार 10 पॉइंट हासिल किए। भारत के पास पहला सेट जीतने का सुनहरा अवसर था, जब उन्हें अंतिम तीन तीरों से 28 पॉइंट चाहिए थे, लेकिन टीम ने 10, 8 और 9 का स्कोर कर केवल 27 पॉइंट बनाए और बराबरी पर रहे।

दूसरे सेट में कोरियाई खिलाड़ियों ने चार तीर 10 पर लगाए, जबकि भारत की ओर से एक भी तीर 10 पर नहीं लगा। धीरज लक्ष्य से चूके और आठ के दो शॉट लगाए, जिससे कोरिया ने यह सेट 57-50 से जीता। तीसरे सेट में भारत ने पहले तीन तीरों से 28 पॉइंट लिए — नीरज ने 10 और यशदीप व धीरज ने 9-9 पॉइंट बनाए। किंतु चौथे तीर पर नीरज केवल 7 पॉइंट ही बना सके, जो अंततः निर्णायक साबित हुआ। कोरिया ने अंतिम सेट 56-54 और मैच 5-1 से जीत लिया।

लगातार दूसरा सिल्वर

गौरतलब है कि यह एशियन गेम्स में भारत का लगातार दूसरा सिल्वर मेडल है इस इवेंट में। हांगझोऊ 2023 में भी भारतीय पुरुष रिकर्व टीम फाइनल में दक्षिण कोरिया से हार गई थी। ओलंपियन धीरज बोम्मादेवरा उस टीम का भी अभिन्न हिस्सा थे। यह एक उभरता हुआ पैटर्न है — भारत लगातार रजत तक पहुँच रहा है, लेकिन कोरिया की दीवार पार करना अभी भी शेष है।

कोरिया की अजेय बादशाहत

दक्षिण कोरिया इस इवेंट में नौ बार का चैंपियन है और उसका वर्चस्व निर्विवाद रहा है। तीसरे सेट में कोरियाई तीरंदाजों ने 9 से कम का कोई भी शॉट नहीं लगाया, जो उनकी तकनीकी श्रेष्ठता को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय तीरंदाजी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति मज़बूत की है, फिर भी कोरिया के विरुद्ध सेट जीतना टीम के लिए चुनौती बना हुआ है।

आगे का रास्ता

भारतीय तीरंदाजी में प्रतिभा का अभाव नहीं है — बोम्मादेवरा का ओलंपिक अनुभव और नीरज चौहान व यशदीप भोगे की युवा ऊर्जा इस टीम को भविष्य में और मज़बूत बनाती है। अगले ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में कोरिया को चुनौती देने के लिए भारत को अपनी तकनीकी खामियाँ — खासकर निर्णायक क्षणों में सटीकता — दूर करनी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक पैटर्न है। भारत निर्णायक क्षणों में — पहला सेट गँवाना, धीरज का तीसरे सेट में सात का शॉट — तकनीकी दबाव में चूकता है, जबकि कोरिया की सटीकता टूटती नहीं। सवाल यह है कि भारतीय तीरंदाजी का ढाँचा इस 'सिल्वर की दीवार' को तोड़ने के लिए कोरियाई मॉडल से क्या सीख रहा है। बोम्मादेवरा जैसे ओलंपियन की मौजूदगी उम्मीद जगाती है, लेकिन रजत की पुनरावृत्ति बताती है कि अकेली प्रतिभा पर्याप्त नहीं — प्रणालीगत सुधार ज़रूरी है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारत की पुरुष रिकर्व टीम को कौन-सा मेडल मिला?
भारतीय पुरुष रिकर्व टीम को 2 अक्टूबर 2026 को ओकाजाकी में हुए फाइनल में दक्षिण कोरिया से 5-1 से हारने के बाद सिल्वर मेडल मिला। टीम में नीरज चौहान, यशदीप भोगे और धीरज बोम्मादेवरा शामिल थे।
फाइनल में भारत को किस स्कोर से हार मिली?
दक्षिण कोरिया ने फाइनल 5-1 से जीता। पहला सेट 56-56 की बराबरी पर रहा, दूसरा सेट 57-50 और तीसरा सेट 56-54 से कोरिया ने जीता।
क्या भारत ने पहले भी इस इवेंट में एशियन गेम्स सिल्वर जीता है?
हाँ, यह भारत का पुरुष रिकर्व टीम इवेंट में लगातार दूसरा एशियन गेम्स सिल्वर मेडल है। हांगझोऊ 2023 में भी भारत इसी इवेंट के फाइनल में दक्षिण कोरिया से हारा था।
धीरज बोम्मादेवरा कौन हैं और इस टीम में उनकी क्या भूमिका है?
धीरज बोम्मादेवरा एक ओलंपियन तीरंदाज हैं जो 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स की सिल्वर मेडल विजेता टीम का भी हिस्सा थे। वे भारतीय तीरंदाजी के अनुभवी स्तंभ हैं।
दक्षिण कोरिया इस इवेंट में कितनी बार चैंपियन रहा है?
दक्षिण कोरिया पुरुष रिकर्व टीम इवेंट में नौ बार का एशियन गेम्स चैंपियन है। ओकाजाकी 2026 में उन्होंने अपना यह वर्चस्व एक बार फिर बरकरार रखा।
राष्ट्र प्रेस
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