एशियन गेम्स 2026: आर्चरी में भारत के 2 गोल्ड, कोच जीवनजोत बोले — '9 10 पदक से कम नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तीरंदाज़ी दल ने एशियन गेम्स 2026 में 30 सितंबर को नागोया में दो स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। महिला कंपाउंड टीम और मिक्स्ड कंपाउंड जोड़ी — दोनों ने स्वर्णिम सफलता हासिल की। इस उपलब्धि के बाद भारतीय आर्चरी टीम के मुख्य कोच जीवनजोत सिंह ने भरोसा जताया कि दल इस स्पर्धा में कुल 9 से 10 पदक घर लाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में चीन को 238 234 से पराजित करके पहला स्वर्ण पदक जीता। इस विजेता टीम में चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम शामिल थीं।
इसके बाद राजेश जाधव और चिकिथा तानिपार्थी की मिक्स्ड कंपाउंड जोड़ी ने रोमांचक मुकाबले में दक्षिण कोरिया को शूट ऑफ में मात दी। फाइनल 157 157 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसके बाद भारतीय जोड़ी ने शूट ऑफ में दक्षिण कोरिया के पार्क जुंगयून और चोई योंगही को हराकर दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
ओलंपिक कोटा भी हासिल
मिक्स्ड कंपाउंड इवेंट में इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा भी सुरक्षित कर लिया। गौरतलब है कि यह इवेंट पहली बार ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा, जो इस जीत को और भी ऐतिहासिक बनाता है।
कोच जीवनजोत सिंह की प्रतिक्रिया
कोच जीवनजोत सिंह ने कहा, "हमारा प्रदर्शन अब तक बहुत अच्छा रहा है। हमारे मैच अभी भी बाकी हैं। हमें उम्मीद है कि हम यहां से 9 से 10 मेडल घर लाएंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले एशियन गेम्स में देश को 9 मेडल दिलाए थे। हम उससे कम नहीं जीतेंगे।"
उन्होंने भारत सरकार और देशवासियों के समर्थन की भी सराहना की। उनके अनुसार, "सरकार ने हमें भारत और जापान दोनों जगह बेहतरीन सुविधाएं दीं। इसकी वजह से एथलीट यहां बिना किसी चिंता या डर के प्रदर्शन कर पा रहे हैं।"
हांगझोऊ 2023 की विरासत
यह ऐसे समय में आया है जब भारत हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में आर्चरी में रिकॉर्ड 9 पदक — जिनमें 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य शामिल थे — जीत चुका है। कोच जीवनजोत सिंह ने स्पष्ट किया है कि नागोया में दल उसी प्रदर्शन की बराबरी करने या उसे पीछे छोड़ने के इरादे से उतरा है।
आगे की राह
भारतीय आर्चरी दल के अभी कई मुकाबले शेष हैं और दल का मनोबल इन दो स्वर्ण पदकों से काफी ऊँचा है। यदि कोच का लक्ष्य पूरा होता है, तो भारत एशियन गेम्स में आर्चरी के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कर सकता है।