एशियन गेम्स 2026: पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी में भारत का गोल्ड, चीन को 238-237 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी में खेले गए एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को रोमांचक मुकाबले में 238-237 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की इस तिकड़ी ने चीन के जियाओ लियाओ, जिनयी लियू और जिंग्यू शी को महज एक अंक से मात देकर भारत की झोली में यह बहुमूल्य गोल्ड डाला।
रोमांचक फाइनल का हाल
मुकाबला अंत तक कड़ा रहा — दोनों टीमें एक-दूसरे से बराबरी की टक्कर लेती रहीं। भारतीय तिकड़ी ने दबाव में भी संयम बनाए रखा और अंतिम राउंड में निर्णायक अंतर बनाया। 238-237 का यह स्कोर बताता है कि जीत कितने कम अंतर से मिली, जो इस प्रदर्शन को और अधिक यादगार बनाता है।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
साहिल जाधव ने गोल्ड जीतने के बाद कहा, 'मुझे लग रहा है कि मेरी मेहनत थोड़ी-बहुत सफल हो गई। मैं सोचकर आया था कि हमें अपना बेस्ट प्रदर्शन करना है। भारतीय टीम की जो तैयारी और क्षमता है, अगर पूरी तरह उसका उपयोग होता है, तो गोल्ड से कम आएगा ही नहीं।'
साहिल ने आगे जोड़ा, 'गोल्ड जीतने के बाद अपनी मेहनत पर भरोसा हो गया है। साथ ही यह भी एहसास हो गया है कि सफलता के लिए कितनी मेहनत ज़रूरी है। मैं यह पदक अपने माता-पिता, कोच, आर्चरी एसोसिएशन, फिजियो और भारतीय ओलंपिक संघ को समर्पित करना चाहता हूँ।'
कुशल दलाल ने कहा, 'जब से एशियन गेम्स शुरू हुए हैं, हम पहले दिन से ही मेडल टैली देख रहे थे। मेडल तो आ रहे थे, लेकिन गोल्ड के रूप में नहीं आ रहे थे। आज तीन गोल्ड आए। हम इंडिया को और ऊपर ले जाना चाहते हैं। गोल्ड जीतने से एथलीटों को आगे के सभी टूर्नामेंटों के लिए प्रेरणा मिलती है।'
भारत के लिए तीरंदाजी में तिहरा गोल्ड
30 सितंबर का दिन भारतीय तीरंदाजी के लिहाज़ से ऐतिहासिक रहा — इस एक दिन में भारत ने कंपाउंड वर्ग में तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। पुरुष टीम की जीत से पहले चिकिथा तानिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने कंपाउंड मिक्स्ड इवेंट में कोरिया को कड़े शूट-ऑफ में पराजित कर गोल्ड जीता। इस जीत की एक अहम उपलब्धि यह भी रही कि 2028 ओलंपिक के लिए भारत का कोटा स्थान सुनिश्चित हो गया।
इससे पहले महिला कंपाउंड टीम — चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम — ने भी चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। गौरतलब है कि एक ही दिन में कंपाउंड वर्ग के तीनों गोल्ड भारत के खाते में जाना भारतीय तीरंदाजी की बढ़ती ताक़त का प्रमाण है।
आगे क्या
इन जीतों के साथ भारत की एशियन गेम्स 2026 की मेडल टैली में उल्लेखनीय उछाल आया है। कुशल दलाल के शब्दों में, टीम का इरादा यहीं नहीं रुकना — आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में इस गति को बनाए रखते हुए 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए और मजबूत तैयारी करना है।