30 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एशियन गेम्स में भारत ने कंपाउंड आर्चरी के तीनों स्वर्ण जीते, LA 2028 ओलंपिक कोटा भी हासिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एशियन गेम्स में भारत ने कंपाउंड आर्चरी के तीनों स्वर्ण जीते, LA 2028 ओलंपिक कोटा भी हासिल

सारांश

एशियन गेम्स में भारत ने कंपाउंड आर्चरी की तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते और LA 2028 ओलंपिक का कोटा भी सुनिश्चित किया। आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने रांची में खिलाड़ियों की सराहना करते हुए झारखंड में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का संकल्प जताया।

मुख्य बातें

भारत ने एशियन गेम्स में कंपाउंड आर्चरी की महिला, मिक्स्ड और पुरुष — तीनों टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते।
महिला टीम ने चीन को 238-234 से हराकर खिताब का बचाव किया।
पुरुष टीम ( साहिल जाधव, गणेश, कुशल ) ने चीन को 238-237 से हराया।
चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव ने मिक्स्ड इवेंट में शूट-ऑफ जीतकर LA 2028 ओलंपिक का कोटा दिलाया।
आर्चरी प्रीमियर लीग सीजन 2 8 अक्टूबर से हैदराबाद में शुरू होगा।
अर्जुन मुंडा ने झारखंड में एशिया कप और एशियन आर्चरी चैंपियनशिप की मेजबानी के प्रयास का संकल्प जताया।

आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने 30 सितंबर 2026 को रांची स्थित अपने आवास पर एक प्रेसवार्ता में एशियन गेम्स में भारतीय तीरंदाजों के ऐतिहासिक प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि कंपाउंड आर्चरी में तीनों स्वर्ण पदक — महिला टीम, मिक्स्ड टीम और पुरुष टीम — भारत के नाम करना और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करना देश के लिए गर्व का क्षण है।

मुख्य घटनाक्रम

एशियन गेम्स में भारत की महिला कंपाउंड टीम ने चीन को 238-234 से हराकर खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। मिक्स्ड टीम इवेंट में चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने शूट-ऑफ में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा भी सुनिश्चित कर लिया।

पुरुष कंपाउंड टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया। साहिल जाधव, गणेश और कुशल की तिकड़ी ने चीन को 238-237 के बेहद करीबी मुकाबले में हराया। मुंडा ने बताया कि शुरुआत में पीछे रहने के बावजूद भारतीय तीरंदाजों ने दबाव में लगातार सटीक निशाने लगाए, जो उनके आत्मविश्वास और तैयारी को दर्शाता है।

तीरंदाजी की जड़ें और ग्रामीण प्रतिभा

मुंडा ने इस अवसर पर भारतीय तीरंदाजी की विस्तृत पहुँच को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस खेल की ताकत केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है — ग्रामीण क्षेत्रों और सुदूर इलाकों से आने वाले तीरंदाज अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि तीरंदाजी का गहरा संबंध आदिवासी और ग्रामीण जीवन की परंपराओं से रहा है, और झारखंड इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी आने वाली पीढ़ियों के लिए 'संपदा' के समान हैं, और उन्हें बेहतर अवसर तथा अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर दिलाना ज़रूरी है।

संस्थागत सहयोग और भविष्य की योजनाएँ

मुंडा ने तीरंदाजी के राष्ट्रीय प्रायोजक NTPC के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि संस्थागत सहयोग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी बताया कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नियमित कार्य योजना लागू की जाएगी। गौरतलब है कि पैरा आर्चरी में भी हाल के दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने सराहनीय प्रदर्शन किया है।

झारखंड में तीरंदाजी के विकास के लिए एशिया कप और एशियन आर्चरी चैंपियनशिप जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी का प्रयास किया जाएगा। मुंडा के अनुसार, यदि राज्य सरकार इसमें रुचि दिखाती है, तो झारखंड के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रतियोगिता और सीखने का अनूठा अवसर मिलेगा।

आर्चरी प्रीमियर लीग — अगला अध्याय

मुंडा ने बताया कि आर्चरी प्रीमियर लीग का दूसरा सीजन 8 अक्टूबर से हैदराबाद में शुरू होगा, जिसमें दुनिया भर के तीरंदाज हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के टूर्नामेंट भारतीय तीरंदाजों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का व्यावहारिक अनुभव देते हैं और देश में खेल की लोकप्रियता बढ़ाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय तीरंदाजी वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति और अधिक मज़बूत कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी अब रिकर्व आर्चरी है — जो ओलंपिक में मुख्य खेल है और जहाँ भारत अभी भी कोरिया, जापान और चीन से पीछे है। मुंडा की ग्रामीण प्रतिभा की बात सही दिशा में है, पर झारखंड में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए राज्य सरकार की इच्छाशक्ति और बुनियादी ढाँचे की उपलब्धता ज़रूरी शर्त है — जिसका ब्यौरा अभी अस्पष्ट है। 2028 ओलंपिक कोटा के साथ उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन इसे मेडल में बदलने के लिए सिर्फ उत्साह नहीं, ठोस तैयारी और दीर्घकालिक संसाधन चाहिए।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स में भारत ने कंपाउंड आर्चरी में कितने स्वर्ण पदक जीते?
भारत ने एशियन गेम्स में कंपाउंड आर्चरी की तीनों टीम स्पर्धाओं — महिला, मिक्स्ड और पुरुष — में स्वर्ण पदक जीते। तीनों ही फाइनल में चीन को पराजित किया गया।
LA 2028 ओलंपिक के लिए भारत ने आर्चरी कोटा कैसे हासिल किया?
मिक्स्ड कंपाउंड टीम इवेंट में चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने शूट-ऑफ में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक जीता, जिससे भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा मिला।
पुरुष कंपाउंड टीम में कौन-से तीरंदाज शामिल थे?
पुरुष कंपाउंड टीम में साहिल जाधव, गणेश और कुशल शामिल थे। इस टीम ने चीन को 238-237 के बेहद करीबी अंतर से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
आर्चरी प्रीमियर लीग का दूसरा सीजन कब और कहाँ होगा?
आर्चरी प्रीमियर लीग का दूसरा सीजन 8 अक्टूबर से हैदराबाद में शुरू होगा। इसमें दुनिया भर के तीरंदाज हिस्सा लेंगे, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा।
अर्जुन मुंडा ने झारखंड में तीरंदाजी के विकास के लिए क्या कहा?
अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड में एशिया कप और एशियन आर्चरी चैंपियनशिप जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की भागीदारी से यहाँ के खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर खेलने और सीखने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 8 घंटे पहले
  3. 8 घंटे पहले
  4. 9 घंटे पहले
  5. 9 घंटे पहले
  6. 10 घंटे पहले
  7. 12 घंटे पहले
  8. 3 दिन पहले