एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को 238-237 से हराकर जीता गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी में एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को रोमांचक मुकाबले में 238-237 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की इस तिकड़ी ने भारत के लिए कंपाउंड तीरंदाजी में गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी की — और देश का एशियन गेम्स में तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम स्पर्धाओं में क्लीन स्वीप सुनिश्चित किया।
रोमांचक फाइनल का घटनाक्रम
मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए आसान नहीं रही। पहले एंड में तीसरे और पाँचवें शॉट पर दो 9 लगने के कारण भारत 58-60 से पीछे हो गया। दूसरे एंड में भारतीय तीरंदाजों ने छह परफेक्ट 10 दागे, फिर भी स्कोर 118-120 रहा और चीन की बढ़त बनी रही।
तीसरे एंड के बाद अंतर घटकर मात्र एक पॉइंट — 178-179 — रह गया, जिसने फाइनल को तनाव की कगार पर ला खड़ा किया। निर्णायक मोड़ तब आया जब चीन के जियाओ लियाओ ने अंतिम एंड में 8 का शॉट मारा, जिससे भारत के लिए बराबरी और आगे निकलने का मौका खुल गया। भारतीय तिकड़ी ने आखिरी छह शॉट बेदाग खेले और 238 का स्कोर बनाकर एक पॉइंट के अंतर से स्वर्ण पदक पक्का किया।
सेमीफाइनल में कोरिया को दी मात
फाइनल से पहले भारतीय पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को 236-229 के बड़े अंतर से हराया था। कोरियाई दल में चोई यून ग्यू, चोई योंगही और किम जोंगहो शामिल थे।
भारत का ऐतिहासिक क्लीन स्वीप
पुरुष टीम की यह जीत एकाकी उपलब्धि नहीं थी। इससे पहले चिकिथा तानिपार्थी और साहिल जाधव की मिक्स्ड कंपाउंड जोड़ी ने कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड जीता था — जिससे 2028 ओलंपिक के लिए कोटा भी सुनिश्चित हुआ। इसके अतिरिक्त, चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की महिला कंपाउंड टीम ने चीन को 238-234 से हराकर तीसरा स्वर्ण भारत की झोली में डाला।
गौरतलब है कि भारत ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भी तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम स्वर्ण पदक जीते थे। इस बार ओकाजाकी में उन तीनों खिताबों को सफलतापूर्वक बरकरार रखना भारतीय तीरंदाजी की निरंतरता और गहराई का प्रमाण है।
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत ओलंपिक में तीरंदाजी पदक के लिए लंबे समय से प्रयासरत है। कंपाउंड स्पर्धा ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल नहीं है, लेकिन मिक्स्ड टीम के गोल्ड से मिले 2028 ओलंपिक कोटा ने रिकर्व तीरंदाजी में भी उम्मीदें जगाई हैं। भारतीय तीरंदाजी संघ के लिए यह परिणाम अगले चक्र की योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्या होगा आगे
एशियन गेम्स 2026 में भारत का तीरंदाजी अभियान जारी है। कंपाउंड स्पर्धाओं में क्लीन स्वीप के बाद अब निगाहें रिकर्व वर्ग पर होंगी। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की यह तिकड़ी आने वाले अंतरराष्ट्रीय सत्रों में भारत की मुख्य ताकत बनी रहेगी।