30 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को 238-237 से हराकर जीता गोल्ड

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एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को 238-237 से हराकर जीता गोल्ड

सारांश

ओकाजाकी में एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को रोमांचक मुकाबले में 238-237 से हराया। दो पॉइंट पीछे से वापसी कर जीता गया यह स्वर्ण, भारत के लिए तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम स्पर्धाओं में क्लीन स्वीप का हिस्सा है — और हांगझोऊ 2023 के खिताबों की सफल रक्षा भी।

मुख्य बातें

कुशल दलाल , साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु ने फाइनल में चीन को 238-237 से हराकर गोल्ड जीता।
भारत फाइनल में दो पॉइंट पीछे था; चीन के जियाओ लियाओ के 8 के शॉट ने पासा पलटा।
सेमीफाइनल में भारत ने कोरिया को 236-229 से हराया था।
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम स्पर्धाओं — पुरुष, महिला और मिक्स्ड — में क्लीन स्वीप किया।
मिक्स्ड टीम के गोल्ड से 2028 ओलंपिक के लिए कोटा भी सुनिश्चित हुआ।
भारत ने हांगझोऊ 2023 में जीते तीनों कंपाउंड टीम खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखे।

भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी में एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को रोमांचक मुकाबले में 238-237 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की इस तिकड़ी ने भारत के लिए कंपाउंड तीरंदाजी में गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी की — और देश का एशियन गेम्स में तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम स्पर्धाओं में क्लीन स्वीप सुनिश्चित किया।

रोमांचक फाइनल का घटनाक्रम

मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए आसान नहीं रही। पहले एंड में तीसरे और पाँचवें शॉट पर दो 9 लगने के कारण भारत 58-60 से पीछे हो गया। दूसरे एंड में भारतीय तीरंदाजों ने छह परफेक्ट 10 दागे, फिर भी स्कोर 118-120 रहा और चीन की बढ़त बनी रही।

तीसरे एंड के बाद अंतर घटकर मात्र एक पॉइंट — 178-179 — रह गया, जिसने फाइनल को तनाव की कगार पर ला खड़ा किया। निर्णायक मोड़ तब आया जब चीन के जियाओ लियाओ ने अंतिम एंड में 8 का शॉट मारा, जिससे भारत के लिए बराबरी और आगे निकलने का मौका खुल गया। भारतीय तिकड़ी ने आखिरी छह शॉट बेदाग खेले और 238 का स्कोर बनाकर एक पॉइंट के अंतर से स्वर्ण पदक पक्का किया।

सेमीफाइनल में कोरिया को दी मात

फाइनल से पहले भारतीय पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को 236-229 के बड़े अंतर से हराया था। कोरियाई दल में चोई यून ग्यू, चोई योंगही और किम जोंगहो शामिल थे।

भारत का ऐतिहासिक क्लीन स्वीप

पुरुष टीम की यह जीत एकाकी उपलब्धि नहीं थी। इससे पहले चिकिथा तानिपार्थी और साहिल जाधव की मिक्स्ड कंपाउंड जोड़ी ने कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड जीता था — जिससे 2028 ओलंपिक के लिए कोटा भी सुनिश्चित हुआ। इसके अतिरिक्त, चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की महिला कंपाउंड टीम ने चीन को 238-234 से हराकर तीसरा स्वर्ण भारत की झोली में डाला।

गौरतलब है कि भारत ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भी तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम स्वर्ण पदक जीते थे। इस बार ओकाजाकी में उन तीनों खिताबों को सफलतापूर्वक बरकरार रखना भारतीय तीरंदाजी की निरंतरता और गहराई का प्रमाण है।

आम जनता और खेल जगत पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत ओलंपिक में तीरंदाजी पदक के लिए लंबे समय से प्रयासरत है। कंपाउंड स्पर्धा ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल नहीं है, लेकिन मिक्स्ड टीम के गोल्ड से मिले 2028 ओलंपिक कोटा ने रिकर्व तीरंदाजी में भी उम्मीदें जगाई हैं। भारतीय तीरंदाजी संघ के लिए यह परिणाम अगले चक्र की योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

क्या होगा आगे

एशियन गेम्स 2026 में भारत का तीरंदाजी अभियान जारी है। कंपाउंड स्पर्धाओं में क्लीन स्वीप के बाद अब निगाहें रिकर्व वर्ग पर होंगी। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की यह तिकड़ी आने वाले अंतरराष्ट्रीय सत्रों में भारत की मुख्य ताकत बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी की व्यवस्थित ताकत का प्रमाण है — लगातार दो एशियन गेम्स में तीनों टीम खिताब जीतना संयोग नहीं, बल्कि एक परिपक्व खेल पारिस्थितिकी तंत्र की निशानी है। विडंबना यह है कि कंपाउंड तीरंदाजी ओलंपिक कार्यक्रम में नहीं है, इसलिए यह वर्चस्व वैश्विक सुर्खियों में उतना नहीं आता जितना आना चाहिए। मिक्स्ड टीम से मिला 2028 ओलंपिक कोटा असली रणनीतिक लाभ है — और यही वह धागा है जो कंपाउंड की सफलता को भारत के ओलंपिक सपने से जोड़ता है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने कौन सा पदक जीता?
भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी में फाइनल में चीन को 238-237 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु इस विजयी टीम में शामिल थे।
भारत ने फाइनल में पिछड़ने के बाद जीत कैसे हासिल की?
भारत पहले एंड के बाद 58-60 से पीछे था और तीसरे एंड तक 178-179 पर था। निर्णायक मोड़ तब आया जब चीन के जियाओ लियाओ ने अंतिम एंड में 8 का शॉट मारा, जिसके बाद भारतीय तिकड़ी ने आखिरी छह शॉट बेदाग खेलते हुए 238 का स्कोर बनाया और एक पॉइंट से गोल्ड जीता।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का कंपाउंड आर्चरी में क्लीन स्वीप क्या है?
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम स्पर्धाओं — पुरुष, महिला और मिक्स्ड — में स्वर्ण पदक जीते। यह हांगझोऊ 2023 में जीते तीनों खिताबों की सफल रक्षा भी है।
क्या इस जीत से भारत को ओलंपिक कोटा मिला?
हाँ, चिकिथा तानिपार्थी और साहिल जाधव की मिक्स्ड कंपाउंड जोड़ी की गोल्ड जीत से 2028 ओलंपिक के लिए कोटा सुनिश्चित हुआ। हालाँकि कंपाउंड स्पर्धा स्वयं ओलंपिक कार्यक्रम में नहीं है।
भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में कैसा प्रदर्शन किया?
चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता, जो भारत के क्लीन स्वीप का हिस्सा रहा।
राष्ट्र प्रेस
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