एशियन गेम्स: भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराया, फाइनल में चीन से भिड़ंत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी के चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को रोमांचक मुकाबले में 234-233 से पराजित किया। चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की इस तिकड़ी ने अब गोल्ड मेडल मैच में जगह बना ली है, जहाँ उनका सामना चीन से होगा। दक्षिण कोरिया अब चीनी ताइपे के साथ ब्रॉन्ज मेडल मैच खेलेगा।
मुकाबले का रोमांचक क्रम
भारत ने एंड-1 में तीन तीरों से 29 अंक के साथ शुरुआत की, जिसमें चिकिथा और ज्योति ने 10-10 तथा पृथिका ने 9 का स्कोर किया। दक्षिण कोरिया ने पहली पारी में परफेक्ट 30 से दस्तक दी। हालाँकि भारतीय तिकड़ी ने एंड-1 के दूसरे भाग में भी परफेक्ट 30 दागते हुए बराबरी की, और दक्षिण कोरिया की येरिन पार्क के 9 के स्कोर के बाद पहला एंड 59-59 से बराबर रहा।
एंड-2 में पृथिका और ज्योति ने 10-10 दागे जबकि चिकिथा ने 9 का स्कोर किया। कोरियाई खिलाड़ियों के तीन लगातार 9 के स्कोर से भारत 88-86 की बढ़त बना चुका था। इसके बाद भारत ने दो इनर-10 और एक सामान्य 10 जोड़कर स्कोर 118-115 कर लिया।
कोरिया की चुनौती और भारत का जवाब
एंड-3 में दक्षिण कोरिया ने दो 10 और एक 9 से शुरुआत की। ज्योति के 9 के बाद कोरिया ने लगातार तीन परफेक्ट 10 जमाकर मैच को रोमांचक बना दिया। इस एंड के अंत में भारत की बढ़त घटकर महज एक अंक — 174-173 — रह गई।
एंड-4 में दक्षिण कोरिया ने दो 10 और एक 9 के साथ वापसी की कोशिश की। चिकिथा ने 9 से शुरुआत की, लेकिन पृथिका और ज्योति दोनों ने 10-10 दागकर भारत की बढ़त सुरक्षित रखी। अंतिम तीन तीरों में दोनों टीमों ने दो 10 और एक 9 का स्कोर किया, और भारत ने 234-233 के अंतर से जीत दर्ज करते हुए फाइनल में प्रवेश किया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में भारत ने आर्चरी में रिकॉर्ड नौ पदक जीते थे — जिनमें पाँच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य शामिल थे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की महिला कंपाउंड आर्चरी टीम लगातार एशिया की शीर्ष टीमों को चुनौती देने वाली ताकत बन चुकी है।
आगे क्या होगा
ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिथा तानिपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी गोल्ड मेडल की दावेदार के रूप में चीन का सामना करेगी। चीन इस स्पर्धा में पारंपरिक रूप से मज़बूत प्रतिद्वंद्वी रहा है, इसलिए फाइनल एक उच्च-दबाव वाला मुकाबला होने की संभावना है। भारत की जीत उसके 2023 के शानदार प्रदर्शन को और आगे ले जाने का अवसर होगी।