आर्चरी विश्व कप स्टेज 2: भारतीय महिलाएँ कोरिया को 5-1 से हराकर फाइनल में, पुरुष टीम बाहर
सारांश
मुख्य बातें
शंघाई, 7 मई 2026 — भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दीपिका कुमारी, अंकिता भक्त और युवा कुमकुम मोहोद की नेतृत्व में आर्चरी विश्व कप स्टेज 2 के सेमीफाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराकर रविवार को दूसरी सीड चीन के खिलाफ फाइनल में जगह बना ली। यह विजय भारतीय आर्चरी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जहाँ भारत की महिला टीम ने विश्व के सबसे प्रतिष्ठित आर्चरी पावरहाउस को हराया।
महिला रिकर्व टीम का शानदार प्रदर्शन
भारतीय तिकड़ी ने मैच की शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया, सेट 1 में कोरियाई टीम को पीछे छोड़कर शुरुआती बढ़त हासिल की। दूसरा सेट दोनों टीमों के लिए प्रतिद्वंद्वितापूर्ण रहा, जहाँ दोनों ने 56 के समान स्कोर के साथ समाप्त किया, जिससे सेट पॉइंट्स का बंटवारा हुआ और भारत 2-1 की बढ़त बनाए रहा। निर्णायक सेट में, भारतीय टीम ने असाधारण प्रदर्शन किया — दो 9 के साथ स्थिर शुरुआत के बाद तीन 10 और एक एक्स के अविश्वसनीय रन के साथ मैच को सील कर दिया।
पुरुष टीम की निराशाजनक शुरुआत
धीरज बोम्मादेवरा, तरुणदीप राय और यशदीप संजय भोगे की पुरुष रिकर्व टीम को प्रतियोगिता में निराशा का सामना करना पड़ा। टीम पहले राउंड में बांग्लादेश से 2-6 से हार गई, जिससे वह स्पर्धा से बाहर हो गई।
अन्य भारतीय टीमों का प्रदर्शन
ओजस और अदिति गोपीचंद स्वामी की संयुक्त-मिश्रित रिकर्व टीम क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के एलेक्सिस रुइज और जेम्स लुट्ज के खिलाफ 156-157 से करीबी मुकाबले में हार गई। अंकिता और धीरज की रिकर्व मिश्रित टीम ब्राजील की एना लुइजा स्लियाचटिकस कैटानो और मार्कस डी'अल्मेडा की जोड़ी से शुरुआती दौर में 5-4 से हार गई।
कंपाउंड टीमों की चुनौतियाँ
भारतीय कंपाउंड पुरुष टीम — ओजस प्रवीण देवताले, साहिल राजेश जाधव और कुशल दलाल — सेमीफाइनल में विश्व रिकॉर्ड धारक जेम्स लुट्ज और गेयस कार्टर, लुइस प्राइस की अमेरिकी टीम से 234-235 से हार गई। दो शूट-ऑफ के बाद टीम चीन से ब्रॉन्ज मेडल मैच भी हार गई। इसी बीच, अदिति, प्रगति और ज्योति सुरेखा वेन्नम की महिला संयुक्त कंपाउंड टीम तुर्की की हेजल बुरुन, डेफने काकमक और एमिन राबिया ओगुज की तिकड़ी से क्वार्टर फाइनल में 227-233 से हार गई।
फाइनल की ओर भारत की यात्रा
महिला रिकर्व टीम का फाइनल में पहुँचना भारतीय आर्चरी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। कोरिया के खिलाफ जीत यह साबित करती है कि भारतीय खिलाड़ी विश्व के शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। रविवार का फाइनल चीन के खिलाफ होगा, जो पहली सीड है और भारत के लिए एक और बड़ी चुनौती प्रस्तुत करेगा।