3 अक्टूबर 2026
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कुमकुम मोहोद ने एशियन गेम्स 2026 में इंडिविजुअल रिकर्व गोल्ड जीता, LA28 का कोटा हासिल किया

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कुमकुम मोहोद ने एशियन गेम्स 2026 में इंडिविजुअल रिकर्व गोल्ड जीता, LA28 का कोटा हासिल किया

सारांश

17 साल की कुमकुम मोहोद ने ओकाजाकी में ओलंपिक चैंपियन को क्वार्टर फाइनल में और वर्ल्ड चैंपियनशिप सिल्वर मेडलिस्ट को सेमीफाइनल में हराया — फिर शूट-ऑफ में 10 स्कोर करके गोल्ड जीता। एशियन गेम्स 2026 में मेडल हैट्रिक के साथ वे इंडिविजुअल रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला और LA28 की कोटा-होल्डर बन गई हैं।

मुख्य बातें

कुमकुम मोहोद (17 वर्ष) आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में इंडिविजुअल रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
फाइनल में दक्षिण कोरिया की येजिन ओह को शूट-ऑफ में 10-8 से हराया; ओह 5-3 से आगे थीं।
कुमकुम ने एक ही एशियन गेम्स में मेडल हैट्रिक पूरी की — टीम रिकर्व गोल्ड, मिक्स्ड टीम सिल्वर और इंडिविजुअल गोल्ड।
क्वार्टर फाइनल में मौजूदा ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियन कांग चाएयंग को हराया।
इस जीत से भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक्स का इंडिविजुअल कोटा मिला।
रैंकिंग राउंड में 10वें स्थान से शुरुआत कर गोल्ड तक का सफर।

कुमकुम मोहोद ने 3 अक्टूबर 2026 को ओकाजाकी में आयोजित आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स के फाइनल में दक्षिण कोरिया की येजिन ओह को शूट-ऑफ में हराकर इंडिविजुअल रिकर्व गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मात्र 17 साल की उम्र में कुमकुम यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। इस जीत के साथ उन्होंने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक्स के लिए भारत का इंडिविजुअल कोटा भी सुनिश्चित कर लिया।

मेडल की हैट्रिक

इंडिविजुअल गोल्ड से पहले कुमकुम ने महिलाओं के रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड और मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीते थे। इस प्रकार उन्होंने एक ही एशियन गेम्स में मेडल की हैट्रिक पूरी की — एक ऐसी उपलब्धि जो भारतीय तीरंदाजी में विरले ही देखने को मिलती है। गौरतलब है कि रैंकिंग राउंड में 10वें स्थान पर रहने के बाद उनसे इस स्तर के प्रदर्शन की उम्मीद कम ही जताई जा रही थी।

मुख्य मुकाबले और रास्ता

कुमकुम ने क्वार्टर फाइनल में मौजूदा ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियन कांग चाएयंग को हराकर सबको चौंका दिया। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट, चीन की जिंगयी झू, को पराजित किया।

फाइनल में ओह 5-3 से आगे चल रही थीं और उन्हें टाइटल से केवल एक टाई सेट दूर था। कुमकुम ने पाँचवें सेट में परफेक्ट 30 का स्कोर करके बराबरी की और मुकाबले को शूट-ऑफ तक खींचा। शूट-ऑफ में कुमकुम ने 10 का स्कोर किया, जबकि कोरियाई खिलाड़ी केवल 8 पर रोक दी गईं।

जीत के बाद कुमकुम की प्रतिक्रिया

ऐतिहासिक गोल्ड के बाद कुमकुम ने शांत अंदाज़ में कहा, 'इंडिविजुअल गोल्ड जीतने और ओलंपिक कोटा हासिल करने का इमोशन और फीलिंग अभी भी मेरे अंदर नहीं उतरी है। अभी जीतने जैसा महसूस नहीं हो रहा है।' उनकी यह प्रतिक्रिया उस संयमित मानसिकता का प्रमाण है जिसने उन्हें पूरे टूर्नामेंट में स्थिर रखा।

प्रोसेस-ओरिएंटेड मानसिकता का असर

कुमकुम ने बताया कि उन्होंने न तो गोल्ड को टारगेट बनाया और न ही विरोधी के नाम या प्रतिष्ठा पर ध्यान दिया। उनके अनुसार, 'मैंने अपने खास पॉइंट्स, प्रोसेस और अपनी सांस पर ध्यान दिया। विरोधी को देखो भी नहीं और उनकी बात भी मत सुनो — बस खुद पर ध्यान दो।'

उनके कोच ने भी यही मंत्र दोहराया — ज़ोन में रहो, विरोधी की चाल पर नज़र मत डालो। यह अनुशासन रेंज से परे भी जारी रहता है: कुमकुम कॉन्संट्रेशन, मेडिटेशन, विजुअलाइजेशन और बुक रीडिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बताती हैं।

LA28 और आगे की राह

ओकाजाकी में मिले इंडिविजुअल ओलंपिक कोटे के साथ कुमकुम का अगला बड़ा पड़ाव लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक्स होगा, लेकिन उनका कहना है कि फोकस किसी एक इवेंट तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, 'मैं ओलंपिक और बाकी मैचों पर फोकस करना चाहती हूं। मैं हर मैच में अपना बेस्ट देना चाहती हूं।' भारतीय तीरंदाजी के लिए यह एक ऐसी युवा प्रतिभा का उदय है जो आने वाले वर्षों में और बड़े मंच पर चमकने की क्षमता रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय तीरंदाजी की सोच में बदलाव की झलक है — जहाँ 17 साल की एक खिलाड़ी ओलंपिक चैंपियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट को एक ही टूर्नामेंट में पराजित करती है। उनकी 'प्रोसेस-फर्स्ट' मानसिकता उस कोचिंग पारिस्थितिकी की पुष्टि करती है जो परिणाम की जगह निष्पादन को केंद्र में रखती है। असली सवाल यह है कि क्या भारतीय खेल तंत्र इस प्रतिभा को LA28 तक उसी तरह पोषित कर पाएगा — बिना दबाव और मीडिया-अपेक्षाओं के बोझ तले दबाए। रैंकिंग में 10वें स्थान से गोल्ड तक का सफर दिखाता है कि भारतीय महिला तीरंदाजी की गहराई अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुमकुम मोहोद ने एशियन गेम्स 2026 में कौन-कौन से मेडल जीते?
कुमकुम मोहोद ने आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में कुल तीन मेडल जीते — महिला रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड, मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर, और इंडिविजुअल रिकर्व इवेंट में गोल्ड। इस तरह उन्होंने एक ही एशियन गेम्स में मेडल हैट्रिक पूरी की।
कुमकुम मोहोद ने इंडिविजुअल रिकर्व फाइनल कैसे जीता?
फाइनल में कुमकुम दक्षिण कोरिया की येजिन ओह से 3-5 से पीछे थीं। उन्होंने पाँचवें सेट में परफेक्ट 30 का स्कोर करके बराबरी की और शूट-ऑफ में 10 बनाम 8 के स्कोर से जीत दर्ज की।
कुमकुम मोहोद ने किन बड़े खिलाड़ियों को हराया?
कुमकुम ने क्वार्टर फाइनल में मौजूदा ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियन कांग चाएयंग (दक्षिण कोरिया) और सेमीफाइनल में 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट जिंगयी झू (चीन) को हराया। ये दोनों जीतें किसी भी स्तर पर उल्लेखनीय मानी जा रही हैं।
क्या कुमकुम मोहोद LA28 ओलंपिक्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं?
हाँ, ओकाजाकी में इंडिविजुअल रिकर्व गोल्ड जीतकर कुमकुम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक्स के लिए भारत का इंडिविजुअल कोटा हासिल कर लिया है। हालाँकि वे कहती हैं कि उनका फोकस सिर्फ ओलंपिक तक सीमित नहीं, बल्कि हर मैच में बेहतरीन प्रदर्शन देने पर रहेगा।
कुमकुम मोहोद की सफलता का राज़ क्या है?
कुमकुम का कहना है कि वे मैच के दौरान विरोधी पर नहीं, बल्कि अपने प्रोसेस, सांस और खास पॉइंट्स पर ध्यान देती हैं। इसके साथ ही वे रेंज से परे मेडिटेशन, विजुअलाइजेशन और बुक रीडिंग को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बताती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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