कुमकुम मोहोद ने एशियन गेम्स रिकर्व इंडिविजुअल में गोल्ड जीता, LA 2028 ओलंपिक कोटा भी हासिल
सारांश
मुख्य बातें
कुमकुम मोहोद ने 3 अक्टूबर 2026 को ओकाजाकी में इतिहास रच दिया — 17 वर्षीय इस भारतीय तीरंदाज ने एशियन गेम्स के रिकर्व महिला इंडिविजुअल फाइनल में दक्षिण कोरिया की येजिन ओह को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस ऐतिहासिक जीत के साथ कुमकुम एशियन गेम्स के इस इवेंट में कोई भी पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं, और भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का इंडिविजुअल कोटा भी मिला।
रोमांचक फाइनल का घटनाक्रम
पाँच सेट के बाद मुकाबला 5-5 से बराबर रहा, जिसके बाद एक-तीर के शूट-ऑफ से विजेता का फैसला होना था। येजिन ओह ने 8 का स्कोर किया, लेकिन कुमकुम ने शांत चित्त से 10 का सटीक निशाना लगाकर टाइटल अपने नाम कर लिया।
फाइनल की शुरुआत कुमकुम के लिए अच्छी नहीं रही थी। ओह ने पहला सेट 29-27 से जीता और दूसरे सेट में 29-29 की बराबरी के बाद 3-1 की बढ़त बना ली। लेकिन तीसरे सेट में कुमकुम ने लगातार तीन 10 का निशाना लगाकर परफेक्ट 30 का स्कोर बनाया, जबकि ओह 29 पर रुकीं — स्कोर 3-3 हो गया।
चौथे सेट में ओह ने 28-27 से फिर बढ़त ली और 5-3 से टाइटल के करीब पहुँच गईं। परंतु निर्णायक पाँचवें सेट में कुमकुम ने एक बार फिर परफेक्ट 30 का स्कोर दर्ज किया — तीनों तीर 10 पर। ओह केवल 28 बना सकीं, और मुकाबला 5-5 पर शूट-ऑफ में पहुँच गया।
ऐतिहासिक अभियान — वर्ल्ड चैंपियंस को धूल चटाई
कुमकुम का यह गोल्ड महज फाइनल की जीत नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में असाधारण प्रदर्शन की परिणति है। उन्होंने रैंकिंग राउंड में 10वें स्थान पर क्वालीफाई किया था, लेकिन क्वार्टरफाइनल में दक्षिण कोरिया की मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक टीम गोल्ड मेडलिस्ट कांग चाएयंग को पराजित किया।
सेमीफाइनल में उन्होंने 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट चीन की जिंगी झू को 6-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया — और एशियन गेम्स के इंडिविजुअल रिकर्व फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इवेंट का ब्रॉन्ज मेडल चीन की युवेई हुआंग ने हमवतन जिंगी झू को 6-4 से हराकर जीता।
ओलंपिक कोटा का महत्त्व
गोल्ड मेडल के साथ ही भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए रिकर्व महिला इंडिविजुअल का कोटा मिल गया है। कुमकुम और येजिन ओह दोनों ने अपने-अपने देशों के लिए एक-एक ओलंपिक कोटा हासिल किया। यह कोटा भारतीय तीरंदाजी के लिए खास अहमियत रखता है क्योंकि रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में भारतीय महिला तीरंदाजों का ओलंपिक प्रतिनिधित्व सीमित रहा है।
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारतीय तीरंदाजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिशें तेज हो रही हैं। कुमकुम की उम्र महज 17 साल है, और 2028 के ओलंपिक तक वे अपनी प्रतिभा को और निखार सकती हैं। गौरतलब है कि भारतीय महिला तीरंदाजों ने रिकर्व इंडिविजुअल के इस एशियाई मंच पर पहले कभी पदक नहीं जीता था।
क्या होगा आगे
कुमकुम की नज़र अब अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर अपनी रैंकिंग मज़बूत करने और लॉस एंजिल्स 2028 की तैयारी पर होगी। भारतीय तीरंदाजी संघ के लिए यह परिणाम आने वाली प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।