एशियन गेम्स तीरंदाजी: धीरज-कुमकुम को रिकर्व मिक्स्ड फाइनल में सिल्वर, चीन ने छीना ओलंपिक कोटा
सारांश
मुख्य बातें
धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की मिक्स्ड रिकर्व आर्चरी जोड़ी ने 2 अक्टूबर 2026 को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेले गए एशियन गेम्स फाइनल में चीन से हार के बाद सिल्वर मेडल से संतोष किया। चीन ने गोल्ड जीतने के साथ ही लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का कोटा भी अपने नाम कर लिया, जबकि भारतीय जोड़ी यह अहम कोटा हासिल करने से चूक गई।
मुख्य घटनाक्रम
फाइनल मुकाबले में चीन ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। पहले सेट में भारत ने 9 और 8 के स्कोर से शुरुआत की, जबकि चीन ने 10 और 8 से जवाब दिया। धीरज का 7 का स्कोर नुकसानदेह रहा, हालांकि कुमकुम ने 10 लगाया। चीन ने दो बार 10 का स्कोर करके पहला सेट जीता और 2-0 की बढ़त बना ली।
दूसरे सेट में दोनों पक्षों ने 8 और 9 के स्कोर किए, किंतु चीन ने अंत में दो बार 10 लगाकर बढ़त 4-0 कर ली। तीसरे सेट में भारत ने कुछ संघर्ष दिखाया — धीरज ने सेंटर हिट किया और कुमकुम ने 10 का स्कोर जोड़ा। चीन ने 10 और 7 का स्कोर किया, जिससे यह सेट भारत के खाते में गया और स्कोर 4-2 हुआ।
चौथे सेट में भारत ने 9-9 और 10-9 के स्कोर बनाए। चीन के झू ने 9 और ली ने 10 का स्कोर किया, जिससे सेट 37-37 से टाई रहा — और चूँकि टाई की स्थिति में गोल्ड चीन के पास आया, भारत सिल्वर पर सिमट गया।
सेमीफाइनल की वापसी
फाइनल से पहले धीरज और कुमकुम की जोड़ी ने सेमीफाइनल में 3-1 से पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी की और मेज़बान जापान को 5-3 से हराया। इसी के साथ यह जोड़ी एशियन गेम्स रिकर्व मिक्स्ड टीम फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गई — यह अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
भारतीय तीरंदाजी का बड़ा दिन
गौरतलब है कि इसी दिन सुबह भारतीय महिला रिकर्व टीम ने एशियन गेम्स में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता था, जब उन्होंने फाइनल में 10 बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराया। इस प्रकार 2 अक्टूबर भारतीय रिकर्व तीरंदाजी के लिए ऐतिहासिक रहा — एक ही दिन में एक गोल्ड और एक सिल्वर।
ओलंपिक कोटा और आगे की राह
एशियन गेम्स में रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड जीतने वाली टीम को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का सीधा कोटा मिलता है। चीन के गोल्ड जीतने के कारण यह कोटा भारत को नहीं मिल सका। अब भारतीय जोड़ी को ओलंपिक कोटा के लिए भविष्य के क्वालिफिकेशन इवेंट पर निर्भर रहना होगा। यह सिल्वर मेडल रिकर्व तीरंदाजी में भारत की बढ़ती ताकत का संकेत ज़रूर देता है, और 2028 के लिए उम्मीदें बनाए रखता है।