धीरज-कुमकुम ने अंताल्या वर्ल्ड कप में जीता रिकर्व मिक्स्ड टीम गोल्ड, ओलंपिक चैंपियन कोरिया को 5-1 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की भारतीय जोड़ी ने अंताल्या आर्चरी वर्ल्ड कप में रिकर्व मिक्स्ड टीम का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में भारतीय तीरंदाजों ने ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-1 के अंतर से पराजित किया — यह दोनों खिलाड़ियों का पहला वर्ल्ड कप मिक्स्ड टीम स्वर्ण पदक है।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार को खेले गए फाइनल में धीरज और कुमकुम ने कोरिया के ओह ये-जिन और किम जे-डेओक को 37-36, 37-36, 39-39 के सेट स्कोर से मात दी। निर्णायक क्षण में धीरज ने अपने अंतिम तीर पर परफेक्ट 10 दागकर भारत की जीत सुनिश्चित की। कुमकुम ने मैच में तीन बार 9 का स्कोर किया, जबकि धीरज ने दो 9 और एक 8 के साथ टीम वर्क का बेहतरीन नमूना पेश किया।
खिलाड़ियों का परिचय और पृष्ठभूमि
24 वर्षीय धीरज बोम्मादेवरा विश्व रैंकिंग में 16वें स्थान पर हैं और भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले रिकर्व तीरंदाज हैं। इससे पहले उन्होंने 2024 में अंकिता भक्त के साथ और 2025 में भजन कौर के साथ मिक्स्ड टीम में कांस्य पदक जीते थे। 17 वर्षीया कुमकुम मोहोद के लिए यह लगातार दूसरा वर्ल्ड कप स्वर्ण पदक है — वह पिछले महीने शंघाई में महिला रिकर्व टीम की जीत का भी हिस्सा थीं, जहाँ उन्होंने चीन के खिलाफ शूट-ऑफ में निर्णायक तीर चलाया था।
एएआई की प्रतिक्रिया
आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएआई) के सचिव जनरल वीरेंद्र सचदेवा ने एक्स पर इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'भारत एक बार फिर दुनिया के मंच पर अपनी जगह बना रहा है। धीरज और कुमकुम को अंताल्या वर्ल्ड कप में रिकर्व मिश्रित टीम स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई। फाइनल में ओलंपिक चैंपियन को हराना उनके असाधारण हुनर, धैर्य और पक्के इरादे का सबूत है।' सचदेवा ने आगे कहा, 'यह शानदार कामयाबी भारतीय तीरंदाजी की बढ़ती ताकत, लचीलेपन और विश्व-स्तरीय क्षमता को दिखाती है।'
भारतीय तीरंदाजी की बढ़ती ताकत
गौरतलब है कि यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारतीय तीरंदाजी अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। शंघाई वर्ल्ड कप में महिला टीम की जीत और अब अंताल्या में मिक्स्ड टीम का स्वर्ण — यह भारत की तीरंदाजी में गहराती बेंच स्ट्रेंथ का संकेत है। दक्षिण कोरिया जैसी दिग्गज टीम को हराना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो ओलंपिक में रिकर्व वर्ग में सर्वाधिक स्वर्ण पदक विजेता रही है।
आगे की राह
इस जीत से धीरज और कुमकुम की जोड़ी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रबल दावेदार के रूप में उभरी है। वीरेंद्र सचदेवा ने दोनों खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर और ऊँचाइयाँ छूने की शुभकामनाएँ दी हैं।