14 सितंबर 2026
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धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास: तीरंदाजी विश्व कप फाइनल गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष

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धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास: तीरंदाजी विश्व कप फाइनल गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष

सारांश

दो बार खाली हाथ लौटने के बाद धीरज बोम्मादेवरा ने तीसरे प्रयास में वो कर दिखाया जो आज तक कोई भारतीय पुरुष तीरंदाज नहीं कर पाया था — साल्टिलो में शूट-ऑफ के एक निर्णायक तीर से विश्व कप फाइनल का गोल्ड। यह 19 साल बाद भारत का पहला विश्व कप फाइनल स्वर्ण है।

मुख्य बातें

धीरज बोम्मादेवरा तीरंदाजी विश्व कप फाइनल गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बने।
फाइनल में जापान के नाकानिशी जुन्या को 6-5 से हराया; शूट-ऑफ में धीरज का स्कोर 10 , नाकानिशी का 9 ।
यह 2007 में डोला बनर्जी के दुबई खिताब के बाद 19 साल में भारत का पहला विश्व कप फाइनल स्वर्ण है।
जयंत तालुकदार के 2010 के ब्रॉन्ज के बाद 16 साल में पुरुष रिकर्व वर्ग की सबसे बड़ी उपलब्धि।
धीरज 2023 और 2024 में बिना पदक लौटे थे; यह उनका तीसरा विश्व कप फाइनल था।

धीरज बोम्मादेवरा ने 14 सितंबर 2026 को साल्टिलो (मेक्सिको) में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया — वह यह खिताब अपने नाम करने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं। जयंत तालुकदार के 2010 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के 16 साल बाद यह भारत की पुरुष रिकर्व वर्ग में सबसे बड़ी उपलब्धि है।

रोमांचक फाइनल और निर्णायक शूट-ऑफ

दुनिया के नंबर 10 तीरंदाज और भारतीय सेना के 25 वर्षीय खिलाड़ी धीरज का सामना जापान के नाकानिशी जुन्या (विश्व रैंकिंग 20) से था। पाँच सेटों में कड़ी टक्कर के बाद मुकाबला 5-5 की बराबरी पर समाप्त हुआ। फिर शूट-ऑफ में धीरज ने 10 का स्कोर किया, जबकि नाकानिशी 9 पर रुक गए — और इस एक अंक के अंतर ने धीरज के माथे पर स्वर्ण का तिलक लगाया।

पाँच सेटों के स्कोर क्रमशः 28-28, 28-29, 29-28, 28-30 और 28-27 रहे, जो दर्शाता है कि दोनों तीरंदाज एक-दूसरे को बिल्कुल भी आसान नहीं लेने दे रहे थे। मैच का फैसला अंतिम तीर तक अनिश्चित रहा।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

धीरज के लिए यह जीत व्यक्तिगत संघर्ष की परिणति भी है। 2023 और 2024 में वह विश्व कप फाइनल में बिना पदक लौटे थे — दो बार खाली हाथ आने के बाद तीसरे प्रयास में उन्होंने सीधे स्वर्ण पर निशाना साधा। यह सफलता दर्शाती है कि दो असफल अभियानों से उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि मानसिक और तकनीकी तौर पर खुद को और मज़बूत किया।

भारतीय तीरंदाजी में ऐतिहासिक संदर्भ

इस खिताब के साथ धीरज डोला बनर्जी के बाद भारत के दूसरे व्यक्तिगत विश्व कप फाइनल चैंपियन बन गए हैं। बनर्जी ने 2007 में दुबई में महिला वर्ग का खिताब जीता था — यानी यह 19 साल बाद भारत का पहला विश्व कप फाइनल स्वर्ण पदक है। गौरतलब है कि दीपिका कुमारी इस प्रतिष्ठित सीज़न-एंडिंग टूर्नामेंट में भारत की सबसे सफल तीरंदाज हैं — उन्होंने 8 बार हिस्सा लेते हुए 6 पदक (5 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज) जीते हैं — लेकिन स्वर्ण उनसे भी दूर रहा। धीरज ने वह काम किया जो अब तक कोई भारतीय पुरुष तीरंदाज नहीं कर पाया था।

आम जनता और खेल जगत पर असर

यह सफलता ऐसे समय में आई है जब भारतीय तीरंदाजी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है। सेना के एक खिलाड़ी का शीर्ष पर पहुँचना उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक संकेत है जो खेल में करियर बनाना चाहते हैं। भारतीय तीरंदाजी संघ के लिए भी यह एक बड़ा मनोबल-वर्धक क्षण है, खासकर तब जब अगले ओलंपिक की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।

आगे का सफर

साल्टिलो की यह जीत धीरज बोम्मादेवरा को तीरंदाजी के विश्व मानचित्र पर एक नई पहचान देती है। विश्व रैंकिंग में भी सुधार की उम्मीद है। भारतीय तीरंदाज अब आगामी अंतरराष्ट्रीय सत्र में और मज़बूत दावेदार के रूप में उतरेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह भी एक अकेली चमक बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धीरज बोम्मादेवरा ने कौन-सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया?
धीरज बोम्मादेवरा तीरंदाजी विश्व कप फाइनल का स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बने हैं। इससे पहले किसी भी भारतीय पुरुष ने इस प्रतिष्ठित सीज़न-एंडिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल नहीं जीता था।
विश्व कप फाइनल 2026 का फाइनल मुकाबला कैसा रहा?
साल्टिलो में धीरज बोम्मादेवरा और जापान के नाकानिशी जुन्या के बीच फाइनल पाँच सेटों के बाद 5-5 से बराबर रहा। इसके बाद शूट-ऑफ में धीरज ने 10 और नाकानिशी ने 9 का स्कोर किया, जिससे धीरज ने 6-5 से स्वर्ण पदक जीता।
भारत में इससे पहले विश्व कप फाइनल गोल्ड किसने जीता था?
भारत की एकमात्र अन्य व्यक्तिगत विश्व कप फाइनल चैंपियन डोला बनर्जी हैं, जिन्होंने 2007 में दुबई में महिला वर्ग का खिताब जीता था। धीरज की यह जीत उसके 19 साल बाद भारत का पहला विश्व कप फाइनल स्वर्ण है।
धीरज बोम्मादेवरा पहले कितनी बार विश्व कप फाइनल में हिस्सा ले चुके थे?
धीरज 2023 और 2024 में भी विश्व कप फाइनल में हिस्सा ले चुके थे, लेकिन दोनों बार बिना पदक के लौटे थे। साल्टिलो 2026 उनका तीसरा विश्व कप फाइनल था, जिसमें उन्होंने सीधे स्वर्ण पदक जीता।
जयंत तालुकदार का तीरंदाजी विश्व कप फाइनल से क्या संबंध है?
जयंत तालुकदार ने 2010 में एडिनबर्ग में पुरुष रिकर्व वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जो धीरज की जीत से पहले भारत की इस वर्ग में सबसे बड़ी उपलब्धि थी। 16 साल बाद धीरज ने पुरुष रिकर्व में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता।
राष्ट्र प्रेस
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