ओआरएस की आड़ में विदेशी शराब तस्करी: पूर्णिया पुलिस ने 1074.6 लीटर शराब सहित तीन तस्करों को पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया पुलिस ने 14 सितंबर 2026 को एक बड़ी कार्रवाई में ओआरएस (हाइड्रेशन ड्रिंक) की आड़ में विदेशी शराब की तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और ट्रक से 1074.6 लीटर विदेशी शराब बरामद की। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद तस्कर अब एंबुलेंस, डाक पार्सल के बाद हाइड्रेशन ड्रिंक की पेटियों जैसे नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
कैसे पकड़ी गई खेप
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक असम से शराब की खेप लेकर पूर्णिया के रास्ते समस्तीपुर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जीरो माइल शीशाबाड़ी मस्जिद के पास घेराबंदी कर ट्रक को रोक लिया। ट्रक में चालक के अलावा दो अन्य व्यक्ति भी सवार थे।
पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि ट्रक में 'एप्पल हाइड्रेशन ड्रिंक' लदा हुआ है। पुलिस को संदेह हुआ तो विधिवत तलाशी ली गई, और हाइड्रेशन ड्रिंक की पेटियों के बीच छिपाकर रखी विदेशी शराब की बड़ी खेप सामने आई।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने ट्रक से विभिन्न ब्रांड की 110 पेटी विदेशी शराब बरामद की, जिसकी कुल मात्रा 1074.6 लीटर बताई गई है। इसके अलावा ट्रक में 1100 पेटी एप्पल हाइड्रेशन ड्रिंक भी मिली, जिसकी कुल मात्रा करीब 17,820 लीटर थी। तस्करों ने इन्हीं वैध पेटियों की आड़ में शराब छिपाई थी।
गिरफ्तार आरोपी और नेटवर्क
पुलिस ने इस मामले में भूषण राय (ट्रक चालक सह मालिक), प्रमोद राय और नीलेश कुमार को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के चकजलाल गाँव के रहने वाले बताए गए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि बरामद शराब समस्तीपुर के नीतीश कुमार (नाम का उल्लेख आरोपियों ने किया) की है।
जाँच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब की खेप कहाँ से मँगाई गई थी और इसे समस्तीपुर में किस व्यक्ति तक पहुँचाया जाना था।
बिहार शराबबंदी और तस्करी के बदलते तरीके
गौरतलब है कि बिहार में वर्ष 2016 से शराबबंदी लागू है, लेकिन तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इससे पहले एंबुलेंस और डाक पार्सल जैसे माध्यमों से तस्करी के मामले उजागर हो चुके हैं। यह मामला इस बात का संकेत है कि तस्कर नेटवर्क लगातार नई रणनीति अपनाकर कानून को चकमा देने की कोशिश कर रहा है।
आगे की जाँच
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगालने में जुटी है। इस कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि असम से बिहार तक के इस तस्करी रूट और इससे जुड़े अन्य लोगों का भी पर्दाफाश होगा।