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मोतिहारी में ₹60 लाख की विदेशी शराब बरामद: बांसवारी में छिपाई थी 2160 लीटर खेप, तस्कर फरार

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मोतिहारी में ₹60 लाख की विदेशी शराब बरामद: बांसवारी में छिपाई थी 2160 लीटर खेप, तस्कर फरार

सारांश

बिहार में 10 साल की शराबबंदी के बावजूद मोतिहारी की बांसवारी से ₹60 लाख की 2160 लीटर विदेशी शराब बरामद। उसी जिले में अप्रैल में जहरीली शराब से 10 मौतें हो चुकी हैं और 14 अधिकारी निलंबित हैं — फिर भी तस्करी बेरोकटोक जारी है।

मुख्य बातें

मधुबन थाना क्षेत्र, पूर्वी चंपारण में पुलिस ने 250 कार्टन में 2160 लीटर विदेशी शराब जब्त की।
बरामद शराब की अनुमानित कीमत ₹60 लाख बताई जा रही है।
शराब गाँव की बांसवारी में छिपाकर रखी गई थी; तस्कर अभी फरार हैं।
थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पांडेय के अनुसार, संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
इसी जिले में अप्रैल 2026 में जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत के बाद 14 मद्यनिषेध पदाधिकारियों को निलंबित किया गया था।
बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, फिर भी राज्य में तस्करी का नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन थाना क्षेत्र में पुलिस ने 23 मई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹60 लाख की अनुमानित कीमत वाली 2160 लीटर विदेशी शराब जब्त की। 250 कार्टन में विभिन्न ब्रांड की यह शराब गाँव की बांसवारी — यानी बाँस के जंगल — में छिपाकर रखी गई थी। राज्य में पिछले 10 वर्षों से पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद यह बरामदगी तस्करी नेटवर्क की निरंतर सक्रियता को उजागर करती है।

कैसे हुई कार्रवाई

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मधुबन थाना क्षेत्र के एक गाँव की बांसवारी में भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाई गई है। इसी आधार पर छापेमारी की गई और 250 कार्टन में पैक 2160 लीटर शराब बरामद हुई। थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

तस्करी का तरीका

रिपोर्टों के अनुसार, दूसरे राज्यों से बिहार में शराब मँगवाई जा रही है और इसे चोरी-छिपे बेचा जा रहा है — यहाँ तक कि होम डिलीवरी तक की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शराबबंदी कानून को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ाई गई है, फिर भी तस्करी के नेटवर्क पर लगाम नहीं लग पा रही।

पृष्ठभूमि: जहरीली शराब और निलंबन

गौरतलब है कि इसी पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर और तुरकौलिया इलाके में अप्रैल 2026 में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। इस गंभीर घटना के बाद मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारियों को एक साथ निलंबित किया था — जिनमें 3 मद्यनिषेध निरीक्षक, 4 अवर निरीक्षक और 7 सहायक अवर निरीक्षक शामिल थे।

शराबबंदी की चुनौती

बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन प्रतिदिन किसी न किसी जिले से बरामदगी की खबरें आती रहती हैं। आलोचकों का कहना है कि बड़े तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के बिना केवल खेप जब्त करना पर्याप्त नहीं है। राज्य में शराब को लेकर राजनीतिक बहस भी लगातार जारी रहती है। मधुबन की इस बरामदगी से यह सवाल फिर उठा है कि क्या मौजूदा प्रवर्तन तंत्र तस्करी की जड़ तक पहुँच पा रहा है।

आगे क्या

थानाध्यक्ष पांडेय के अनुसार, पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल छापेमारी का दौर जारी है और तस्करी नेटवर्क की कड़ियाँ खँगाली जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बरामदगी के आँकड़े केवल सतही सफलता की कहानी बनते रहेंगे।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोतिहारी में कितनी शराब बरामद हुई और उसकी कीमत क्या है?
पूर्वी चंपारण के मधुबन थाना क्षेत्र में पुलिस ने 250 कार्टन में 2160 लीटर विदेशी शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत ₹60 लाख बताई जा रही है। शराब गाँव की बांसवारी में छिपाकर रखी गई थी।
बिहार में शराबबंदी कब से लागू है और क्या यह प्रभावी है?
बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन प्रतिदिन किसी न किसी जिले से बरामदगी की खबरें सामने आती हैं। आलोचकों का कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के बिना कानून का असर सीमित रहता है।
पूर्वी चंपारण में जहरीली शराब कांड क्या था?
अप्रैल 2026 में पूर्वी चंपारण के रघुनाथपुर और तुरकौलिया इलाके में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद मद्य निषेध विभाग ने लापरवाही के आरोप में 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित किया था।
मधुबन शराब मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए?
अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पांडेय के अनुसार, संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
बिहार में शराब की तस्करी कैसे होती है?
रिपोर्टों के अनुसार, दूसरे राज्यों से शराब बिहार में लाई जाती है और इसे चोरी-छिपे बेचा जाता है — यहाँ तक कि होम डिलीवरी तक की जाती है। इस बार बांसवारी जैसी दुर्गम जगह में खेप छिपाना तस्करों के बदलते तरीकों को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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