मोतिहारी में ₹60 लाख की विदेशी शराब बरामद: बांसवारी में छिपाई थी 2160 लीटर खेप, तस्कर फरार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन थाना क्षेत्र में पुलिस ने 23 मई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹60 लाख की अनुमानित कीमत वाली 2160 लीटर विदेशी शराब जब्त की। 250 कार्टन में विभिन्न ब्रांड की यह शराब गाँव की बांसवारी — यानी बाँस के जंगल — में छिपाकर रखी गई थी। राज्य में पिछले 10 वर्षों से पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद यह बरामदगी तस्करी नेटवर्क की निरंतर सक्रियता को उजागर करती है।
कैसे हुई कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मधुबन थाना क्षेत्र के एक गाँव की बांसवारी में भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाई गई है। इसी आधार पर छापेमारी की गई और 250 कार्टन में पैक 2160 लीटर शराब बरामद हुई। थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
तस्करी का तरीका
रिपोर्टों के अनुसार, दूसरे राज्यों से बिहार में शराब मँगवाई जा रही है और इसे चोरी-छिपे बेचा जा रहा है — यहाँ तक कि होम डिलीवरी तक की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शराबबंदी कानून को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ाई गई है, फिर भी तस्करी के नेटवर्क पर लगाम नहीं लग पा रही।
पृष्ठभूमि: जहरीली शराब और निलंबन
गौरतलब है कि इसी पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर और तुरकौलिया इलाके में अप्रैल 2026 में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। इस गंभीर घटना के बाद मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारियों को एक साथ निलंबित किया था — जिनमें 3 मद्यनिषेध निरीक्षक, 4 अवर निरीक्षक और 7 सहायक अवर निरीक्षक शामिल थे।
शराबबंदी की चुनौती
बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन प्रतिदिन किसी न किसी जिले से बरामदगी की खबरें आती रहती हैं। आलोचकों का कहना है कि बड़े तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के बिना केवल खेप जब्त करना पर्याप्त नहीं है। राज्य में शराब को लेकर राजनीतिक बहस भी लगातार जारी रहती है। मधुबन की इस बरामदगी से यह सवाल फिर उठा है कि क्या मौजूदा प्रवर्तन तंत्र तस्करी की जड़ तक पहुँच पा रहा है।
आगे क्या
थानाध्यक्ष पांडेय के अनुसार, पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल छापेमारी का दौर जारी है और तस्करी नेटवर्क की कड़ियाँ खँगाली जा रही हैं।