बिहार: पूर्वी चंपारण में जहरीली शराब त्रासदी के बाद 200 लीटर स्पिरिट जब्त, पुलिस का जीरो-टोलरेंस अभियान
सारांश
Key Takeaways
पूर्वी चंपारण पुलिस ने 2 मई 2026 को मेहसी पुलिस थाना क्षेत्र में नियमित वाहन निरीक्षण अभियान के दौरान एक बोलेरो वाहन से लगभग 200 लीटर स्पिरिट बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, यह खेप कथित तौर पर अवैध शराब के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली थी। यह कार्रवाई अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में जिले में हुई जहरीली शराब त्रासदी के बाद प्रशासन द्वारा तेज किए गए अभियान की कड़ी है, जिसमें 15 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस दल ने मेहसी थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान संदिग्ध बोलेरो को रोका। तलाशी में लगभग 10 बाल्टियों और प्लास्टिक कंटेनरों में भरी करीब 200 लीटर स्पिरिट मिली। जब्त वाहन को हिरासत में ले लिया गया है और घटनास्थल पर मौजूद व्यक्तियों से पूछताछ जारी है।
संगठित नेटवर्क की आशंका
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह बरामदगी क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और आपूर्ति में सक्रिय एक व्यापक, संगठित नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। गौरतलब है कि बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, फिर भी अवैध शराब व्यापार एक दशक बाद भी प्रवर्तन एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।
जहरीली शराब त्रासदी की पृष्ठभूमि
अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में पूर्वी चंपारण में नकली शराब के सेवन से 15 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इस त्रासदी के बाद जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया और पुलिस ने पूरे जिले में छापेमारी, निगरानी तथा वाहन जांच अभियान तेज कर दिए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शराबबंदी कानून के उल्लंघन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक का सख्त रुख
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने सभी थाना अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने वाहनों की निरंतर जांच, संदिग्ध स्थानों पर नियमित छापेमारी और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शराबबंदी कानूनों को लागू करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि अवैध शराब नेटवर्क को खत्म करने और नकली शराब से जुड़ी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा। दस साल के प्रतिबंध के बाद भी अवैध शराब व्यापार की निरंतरता प्रवर्तन तंत्र की सीमाओं को उजागर करती है और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करती है।