मोहन भगवत: शिक्षा ही जनजातीय सशक्तिकरण की असली कुंजी, 5,000 एकल विद्यालयों के विस्तार का रोडमैप जारी

Click to start listening
मोहन भगवत: शिक्षा ही जनजातीय सशक्तिकरण की असली कुंजी, 5,000 एकल विद्यालयों के विस्तार का रोडमैप जारी

सारांश

RSS सरसंघचालक मोहन भगवत ने मुंबई में 1,800 आदिवासी शिक्षकों के बीच कहा — शिक्षा आत्मा का जागरण है, साक्षरता भर नहीं। विदर्भ के 1,300 स्कूलों से महाराष्ट्र भर में 5,000 स्कूल, 6,000 शिक्षक और 1 लाख आदिवासी छात्रों तक पहुँचने का रोडमैप — यह सिर्फ शैक्षिक विस्तार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण की लड़ाई भी है।

Key Takeaways

RSS सरसंघचालक मोहन भगवत ने 3 मई 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर आयोजित कर्मयोगी एकल शिक्षक मेले में 1,800 से अधिक आदिवासी शिक्षकों को संबोधित किया। भगवत ने शिक्षा को सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली साधन बताया और एकल सिंगल-टीचर स्कूल मॉडल की सराहना की। वर्तमान में विदर्भ क्षेत्र में 1,300 स्कूल संचालित हैं जिनमें 30,000 छात्र अध्ययनरत हैं। नए रोडमैप के तहत महाराष्ट्र में 5,000 स्कूलों तक विस्तार, 6,000 शिक्षकों की तैनाती और 1 लाख से अधिक आदिवासी छात्रों तक पहुँचने का लक्ष्य। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भगवत ने 3 मई 2025 को मुंबई में शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का सर्वाधिक शक्तिशाली माध्यम बताया। गेटवे ऑफ इंडिया पर आयोजित कर्मयोगी एकल शिक्षक मेले में 1,800 से अधिक आदिवासी शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वनवासी समुदायों की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उन्हें राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में लाना आज की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

एकल शिक्षक मॉडल की सराहना

भगवत ने एकल सिंगल-टीचर स्कूल मॉडल को एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए इसमें कार्यरत शिक्षकों को सच्चे कर्मयोगी और नि:स्वार्थ कार्यकर्ता की संज्ञा दी। उन्होंने कहा,

Point of View

300 से 5,000 स्कूलों तक का विस्तार महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये स्कूल सरकारी शिक्षा के विकल्प बनते हैं या पूरक — क्योंकि दोनों के निहितार्थ अलग-अलग हैं। गडकरी और उइके जैसे वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति इस पहल को राजनीतिक समर्थन की मुहर देती है, जो सरकारी संसाधनों के संभावित जुड़ाव का संकेत भी है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

कर्मयोगी एकल शिक्षक मेला क्या है?
यह आदिवासी और वनवासी क्षेत्रों में एकल शिक्षक विद्यालय चलाने वाले शिक्षकों का वार्षिक सम्मेलन है। 3 मई 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर आयोजित इस मेले में 1,800 से अधिक शिक्षक एकत्रित हुए।
एकल विद्यालय नेटवर्क का नया विस्तार रोडमैप क्या है?
नए रोडमैप के अनुसार महाराष्ट्र में 5,000 स्कूल खोले जाएँगे, 6,000 शिक्षकों की तैनाती होगी और 1 लाख से अधिक आदिवासी छात्रों तक पहुँचने का लक्ष्य है। अभी विदर्भ में 1,300 स्कूलों में 30,000 छात्र पढ़ रहे हैं।
मोहन भगवत ने आदिवासी शिक्षा पर क्या कहा?
भगवत ने कहा कि शिक्षा केवल साक्षरता नहीं, बल्कि आत्मा का जागरण है। उन्होंने आग्रह किया कि आधुनिक शिक्षा आदिवासी परंपराओं और संस्कृति की कीमत पर न दी जाए।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख नेता उपस्थित थे?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
स्वर्गीय लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था का इस पहल में क्या योगदान है?
भगवत के अनुसार इस संस्था द्वारा किया गया कार्य इस बात का प्रमाण है कि सामूहिक सामाजिक इच्छाशक्ति शहरी विकास और ग्रामीण उपेक्षा के बीच की खाई को पाट सकती है। यह संस्था एकल विद्यालय नेटवर्क के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
Nation Press