26 जून 2026
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तिब्बत एट्रोसिटीज डिटरमिनेशन एक्ट: अमेरिकी सीनेटरों ने चीन के कथित जनसंहार पर नया बिल पेश किया

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तिब्बत एट्रोसिटीज डिटरमिनेशन एक्ट: अमेरिकी सीनेटरों ने चीन के कथित जनसंहार पर नया बिल पेश किया

सारांश

अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट और जेफ मर्कले ने 29 अप्रैल को 'तिब्बत एट्रोसिटीज डिटरमिनेशन एक्ट' पेश किया — जो चीन की तिब्बत नीतियों को जनसंहार की कानूनी कसौटी पर परखने की माँग करता है। यह बिल उइगर जनसंहार घोषणा के बाद तिब्बत को भी उसी अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही के दायरे में लाने का प्रयास है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट और जेफ मर्कले ने 29 अप्रैल 2026 को ' तिब्बत एट्रोसिटीज डिटरमिनेशन एक्ट ' पेश किया।
बिल के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री को यह तय करना होगा कि चीन की तिब्बत नीतियाँ 1948 के जनसंहार कन्वेंशन के अंतर्गत आती हैं या नहीं।
1995 में गायब हुए 11वें पंचेन लामा का मामला भी बिल में उद्धृत साक्ष्यों में शामिल है।
तिब्बत में बड़े पैमाने पर बोर्डिंग स्कूलों के ज़रिए बच्चों को परिवार से अलग कर सांस्कृतिक पहचान मिटाने का आरोप है।
यह बिल तिब्बत के मुद्दे को शिनजियांग (उइगर) जनसंहार घोषणा के समकक्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट और जेफ मर्कले ने 29 अप्रैल 2026 को 'तिब्बत एट्रोसिटीज डिटरमिनेशन एक्ट' पेश किया, जिसके तहत अमेरिकी विदेश मंत्री को यह निर्धारित करना होगा कि तिब्बत में चीन की कार्रवाइयाँ 1948 के जनसंहार कन्वेंशन के अंतर्गत जनसंहार या मानवता के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में आती हैं या नहीं। यह बिल ऐसे समय पेश किया गया जब तिब्बती यूथ कांग्रेस अपना वार्षिक 'शहीद दिवस' मना रही थी।

बिल में क्या है

इस विधेयक के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग को एक औपचारिक कानूनी मूल्यांकन करना होगा कि चीन की तिब्बत नीतियाँ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जनसंहार या मानवता के विरुद्ध अपराध की परिभाषा में आती हैं या नहीं। गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका पहले ही शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के साथ हो रहे व्यवहार को आधिकारिक रूप से जनसंहार घोषित कर चुका है।

सीनेटरों के बयान

सीनेटर स्कॉट ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि अमेरिकी कांग्रेस में ऐसे विधेयक अक्सर द्विदलीय समर्थन के बावजूद कार्यपालिका-स्तरीय कार्रवाई में नहीं बदलते। चीन-अमेरिका व्यापार तनाव के मौजूदा दौर में यह बिल बीजिंग पर कूटनीतिक दबाव का एक और औजार बन सकता है, लेकिन इसके व्यावहारिक परिणाम काफी हद तक व्हाइट हाउस की प्राथमिकताओं पर निर्भर करेंगे।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिब्बत एट्रोसिटीज डिटरमिनेशन एक्ट क्या है?
यह अमेरिकी सीनेट में 29 अप्रैल 2026 को पेश किया गया एक विधेयक है, जो अमेरिकी विदेश मंत्री को यह निर्धारित करने के लिए बाध्य करता है कि तिब्बत में चीन की कार्रवाइयाँ 1948 के जनसंहार कन्वेंशन के तहत जनसंहार या मानवता के विरुद्ध अपराध हैं या नहीं। इसे सीनेटर रिक स्कॉट और जेफ मर्कले ने संयुक्त रूप से पेश किया है।
यह बिल किसने और कब पेश किया?
यह बिल अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट (रिपब्लिकन) और जेफ मर्कले (डेमोक्रेट) ने 29 अप्रैल 2026 को पेश किया। यह तारीख तिब्बती यूथ कांग्रेस के 'शहीद दिवस' के साथ मेल खाती है।
बिल में तिब्बत के खिलाफ चीन के कौन से कथित अत्याचारों का उल्लेख है?
बिल में हत्या, यातना, जबरन नसबंदी, जबरन विस्थापन, सरकारी अपहरण, बोर्डिंग स्कूलों के ज़रिए सांस्कृतिक पहचान मिटाने और 1995 में गायब हुए 11वें पंचेन लामा के मामले का उल्लेख है। ये आरोप अमेरिकी विदेश विभाग और मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों पर आधारित हैं।
11वें पंचेन लामा का मामला क्या है?
1995 में दलाई लामा ने एक बालक को 11वें पंचेन लामा के रूप में मान्यता दी थी, जिसके तुरंत बाद चीन ने उसे और उसके परिवार को हिरासत में ले लिया। कथित तौर पर तब से उनका कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं हो पाया है और उनका ठिकाना आज भी अज्ञात है।
यह बिल अमेरिका-चीन संबंधों पर क्या असर डाल सकता है?
यदि यह बिल पारित होता है, तो यह तिब्बत के मुद्दे को शिनजियांग की तरह आधिकारिक अमेरिकी नीति का हिस्सा बना सकता है, जिससे अमेरिका-चीन संबंधों में नया तनाव पैदा हो सकता है। हालाँकि, बिल का व्यावहारिक प्रभाव अमेरिकी कार्यपालिका की प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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