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मुजफ्फरपुर में बांस की आड़ में ₹30 लाख की विदेशी बीयर तस्करी, गुप्त तहखाने से 350 कार्टन बरामद

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मुजफ्फरपुर में बांस की आड़ में ₹30 लाख की विदेशी बीयर तस्करी, गुप्त तहखाने से 350 कार्टन बरामद

सारांश

बिहार में शराबबंदी को धता बताने के लिए तस्करों ने बांस से भरे कंटेनर में गुप्त तहखाना बनाकर असम से मुजफ्फरपुर तक ₹30 लाख की विदेशी बीयर पहुँचाने की कोशिश की। मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग की सतर्कता ने इस नई तरकीब को नाकाम कर दिया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मुख्य बातें

मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग ने 20 जून 2026 को बांस लदे कंटेनर के गुप्त तहखाने से 350 से अधिक कार्टन विदेशी कैन बीयर जब्त की।
जब्त शराब की अनुमानित कीमत ₹30 लाख से अधिक ; बरामदगी में किंगफिशर और ट्यूबर ब्रांड शामिल।
कंटेनर असम से लाया गया था और मुजफ्फरपुर में खेप उतारी जानी थी।
गिरफ्तार आरोपी — चालक अमित कुमार और सहचालक निक्की कुमार — दोनों करजा थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
कार्रवाई बोचहा थाना क्षेत्र के मझौली चौक के पास की गई; स्थानीय तस्करी नेटवर्क की पहचान जारी।

मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग ने 20 जून 2026 को एक बड़ी कार्रवाई में बांस से लदे कंटेनर के भीतर बने गुप्त तहखाने से 350 से अधिक कार्टन विदेशी कैन बीयर बरामद की। जब्त शराब की अनुमानित कीमत ₹30 लाख से अधिक बताई जा रही है। कंटेनर के चालक और सहचालक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

कैसे हुई कार्रवाई

उत्पाद विभाग के थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि असम से विदेशी बीयर की एक बड़ी खेप मुजफ्फरपुर लाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर एक विशेष टीम गठित कर बोचहा थाना क्षेत्र से लेकर गायघाट के मैठी टोल प्लाजा तक सघन जांच अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान बोचहा थाना क्षेत्र के मझौली चौक के पास एक संदिग्ध कंटेनर को रोका गया। चालक और सहचालक ने पूछताछ में दावा किया कि कंटेनर में केवल बांस लदा है। प्रारंभिक जांच में कंटेनर बांस से भरा दिखाई दिया, लेकिन अधिकारियों को संदेह होने पर बांस के कुछ हिस्से हटाकर गहन तलाशी ली गई — और उसके पीछे छिपा गुप्त तहखाना सामने आया।

बरामदगी का विवरण

उत्पाद विभाग के अनुसार, बरामद बीयर में किंगफिशर और ट्यूबर ब्रांड की कैन बीयर शामिल है। कार्टनों की अंतिम गणना अभी जारी है, लेकिन संख्या 350 से अधिक होने की संभावना बताई जा रही है। जब्त खेप की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹30 लाख से अधिक आँकी गई है।

गिरफ्तार आरोपी

इस कार्रवाई में गिरफ्तार चालक अमित कुमार और सहचालक निक्की कुमार, दोनों करजा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि कंटेनर असम से लाया गया था और शराब की खेप मुजफ्फरपुर में किसी अज्ञात स्थान पर उतारी जानी थी। हालांकि उन्होंने डिलीवरी स्थल और मुख्य कारोबारी की जानकारी होने से इनकार किया।

जांच की दिशा

थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में तस्करी के पीछे सक्रिय स्थानीय नेटवर्क और माफियाओं की पहचान की जा रही है। पूरे मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया कि मद्य निषेध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। यह मामला बिहार में शराबबंदी को चुनौती देने वाले तस्करी नेटवर्क की बढ़ती चालाकी को उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार में शराबबंदी कानून की ज़मीनी विफलता का संकेत है। तस्कर हर बार नई तकनीक अपनाते हैं, जो दर्शाता है कि माँग और आपूर्ति शृंखला दोनों मज़बूत हैं। असली सवाल यह है कि असम से मुजफ्फरपुर तक इतनी लंबी दूरी तय करने वाला यह कंटेनर चेकपोस्टों से कैसे गुज़रा — और इस नेटवर्क के 'मुख्य कारोबारी' तक जांच कब पहुँचेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुजफ्फरपुर में बांस के कंटेनर से क्या बरामद हुआ?
मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग ने बांस से लदे एक कंटेनर के गुप्त तहखाने से 350 से अधिक कार्टन विदेशी कैन बीयर बरामद की। जब्त शराब की अनुमानित कीमत ₹30 लाख से अधिक बताई जा रही है।
बिहार शराबबंदी के बावजूद यह खेप कहाँ से आ रही थी?
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कंटेनर असम से लाया गया था और शराब की खेप मुजफ्फरपुर में किसी अज्ञात स्थान पर उतारी जानी थी। डिलीवरी स्थल और मुख्य कारोबारी की जानकारी आरोपियों ने होने से इनकार किया।
इस मामले में कौन गिरफ्तार हुए?
कंटेनर के चालक अमित कुमार और सहचालक निक्की कुमार को गिरफ्तार किया गया है, दोनों करजा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। जांच में गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।
तस्करों ने शराब छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाया?
तस्करों ने कंटेनर को ऊपर से पूरी तरह बांस से भर दिया था ताकि प्रारंभिक जांच में शराब नज़र न आए। बांस के पीछे एक गुप्त तहखाना बनाया गया था जिसमें किंगफिशर और ट्यूबर ब्रांड की कैन बीयर छिपाई गई थी।
आगे क्या कार्रवाई होगी?
थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह के अनुसार स्थानीय तस्करी नेटवर्क और माफियाओं की पहचान की जा रही है। जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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