बक्सर में जूट के बोरों में छिपी विदेशी शराब बरामद, उत्पाद विभाग ने दो तस्करों को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बक्सर में उत्पाद विभाग को 2 जून 2026 की सुबह बड़ी सफलता मिली, जब वीर कुंवर सिंह सेतु (नए पुल) स्थित चेक पोस्ट पर एक डीसीएम वाहन की तलाशी के दौरान जूट के बोरों के नीचे छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की गई। इस कार्रवाई में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और वाहन को भी सील कर लिया गया है।
कैसे हुई बरामदगी
मंगलवार की अहले सुबह उत्पाद विभाग की टीम उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे वीर कुंवर सिंह सेतु पर नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध डीसीएम वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने वाहन में लदे जूट के बोरों के बंडलों के नीचे बड़ी मात्रा में विदेशी शराब की खेप बरामद की। तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर उसमें सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया गया।
उत्पाद अधीक्षक का बयान
उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल ने बताया कि बिहार में शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विभाग लगातार विशेष जांच अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि यह जून माह की पहली बड़ी सफलता है। जमाल के अनुसार, उत्तर प्रदेश से बिहार में शराब की खेप पहुँचाने की लगातार कोशिश होती रहती है, लेकिन खुफिया इनपुट और नियमित जांच के आधार पर तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले माह विभाग ने करीब 7,000 लीटर विदेशी शराब जब्त की थी, जिसकी बाज़ार कीमत ₹75 लाख से अधिक आँकी गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों का पक्ष
गिरफ्तार वाहन चालक राहुल सिंह ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि वह हरियाणा से माल लेकर आ रहा था और उसे वाहन में शराब छिपी होने की कोई जानकारी नहीं थी। उसके अनुसार, चेक पोस्ट पर उसने स्वयं वाहन रोककर तलाशी में पूरा सहयोग किया। वाहन में उसके साथ सचिन उर्फ भूरा नामक एक अन्य व्यक्ति भी सवार था, जिसे भी हिरासत में लिया गया है। हालाँकि, अधिकारियों ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं की है।
जांच की दिशा
उत्पाद विभाग फिलहाल जब्त शराब की कुल मात्रा का आकलन कर रहा है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह खेप किस स्थान से लाई जा रही थी और बिहार में इसकी डिलीवरी कहाँ की जानी थी। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। गौरतलब है कि बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, फिर भी राज्य की सीमाओं से शराब तस्करी की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रहीं।
आगे क्या होगा
उत्पाद अधीक्षक जमाल ने स्पष्ट किया कि इस माह भी जांच अभियान बिना रुके जारी रहेगा और अधिक से अधिक शराब की खेप पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। यह मामला बिहार में शराब तस्करी के बदलते तौर-तरीकों को उजागर करता है, जहाँ तस्कर अब रोज़मर्रा की वस्तुओं — जैसे जूट के बोरे — की आड़ में अवैध माल पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।