19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बक्सर में जूट के बोरों में छिपी विदेशी शराब बरामद, उत्पाद विभाग ने दो तस्करों को दबोचा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बक्सर में जूट के बोरों में छिपी विदेशी शराब बरामद, उत्पाद विभाग ने दो तस्करों को दबोचा

सारांश

बिहार के बक्सर में उत्पाद विभाग ने वीर कुंवर सिंह सेतु चेक पोस्ट पर जूट के बोरों में छिपाई गई विदेशी शराब की बड़ी खेप पकड़ी। दो आरोपी गिरफ्तार, वाहन जब्त। पिछले माह भी 7,000 लीटर शराब पकड़ी गई थी — तस्करी के बदलते हथकंडे चिंता का विषय बने हुए हैं।

मुख्य बातें

बक्सर के वीर कुंवर सिंह सेतु चेक पोस्ट पर 2 जून 2026 को जूट के बोरों में छिपाई गई विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की गई।
उत्पाद विभाग ने एक डीसीएम वाहन जब्त कर राहुल सिंह और सचिन उर्फ भूरा को गिरफ्तार किया।
पिछले माह विभाग ने करीब 7,000 लीटर विदेशी शराब जब्त की थी, जिसकी कीमत ₹75 लाख से अधिक थी।
चालक राहुल सिंह ने दावा किया कि वह हरियाणा से माल लेकर आ रहा था और उसे शराब की जानकारी नहीं थी — अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।
जब्त शराब की कुल मात्रा का आकलन जारी है; आरोपियों से पूछताछ में खेप के स्रोत और गंतव्य का पता लगाया जा रहा है।

बिहार के बक्सर में उत्पाद विभाग को 2 जून 2026 की सुबह बड़ी सफलता मिली, जब वीर कुंवर सिंह सेतु (नए पुल) स्थित चेक पोस्ट पर एक डीसीएम वाहन की तलाशी के दौरान जूट के बोरों के नीचे छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की गई। इस कार्रवाई में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और वाहन को भी सील कर लिया गया है।

कैसे हुई बरामदगी

मंगलवार की अहले सुबह उत्पाद विभाग की टीम उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे वीर कुंवर सिंह सेतु पर नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध डीसीएम वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने वाहन में लदे जूट के बोरों के बंडलों के नीचे बड़ी मात्रा में विदेशी शराब की खेप बरामद की। तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर उसमें सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया गया।

उत्पाद अधीक्षक का बयान

उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल ने बताया कि बिहार में शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विभाग लगातार विशेष जांच अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि यह जून माह की पहली बड़ी सफलता है। जमाल के अनुसार, उत्तर प्रदेश से बिहार में शराब की खेप पहुँचाने की लगातार कोशिश होती रहती है, लेकिन खुफिया इनपुट और नियमित जांच के आधार पर तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले माह विभाग ने करीब 7,000 लीटर विदेशी शराब जब्त की थी, जिसकी बाज़ार कीमत ₹75 लाख से अधिक आँकी गई थी।

गिरफ्तार आरोपियों का पक्ष

गिरफ्तार वाहन चालक राहुल सिंह ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि वह हरियाणा से माल लेकर आ रहा था और उसे वाहन में शराब छिपी होने की कोई जानकारी नहीं थी। उसके अनुसार, चेक पोस्ट पर उसने स्वयं वाहन रोककर तलाशी में पूरा सहयोग किया। वाहन में उसके साथ सचिन उर्फ भूरा नामक एक अन्य व्यक्ति भी सवार था, जिसे भी हिरासत में लिया गया है। हालाँकि, अधिकारियों ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं की है।

जांच की दिशा

उत्पाद विभाग फिलहाल जब्त शराब की कुल मात्रा का आकलन कर रहा है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह खेप किस स्थान से लाई जा रही थी और बिहार में इसकी डिलीवरी कहाँ की जानी थी। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। गौरतलब है कि बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, फिर भी राज्य की सीमाओं से शराब तस्करी की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रहीं।

आगे क्या होगा

उत्पाद अधीक्षक जमाल ने स्पष्ट किया कि इस माह भी जांच अभियान बिना रुके जारी रहेगा और अधिक से अधिक शराब की खेप पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। यह मामला बिहार में शराब तस्करी के बदलते तौर-तरीकों को उजागर करता है, जहाँ तस्कर अब रोज़मर्रा की वस्तुओं — जैसे जूट के बोरे — की आड़ में अवैध माल पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी तस्करी के नए-नए तरीके सामने आते रहते हैं — जूट के बोरे इसकी ताज़ा मिसाल हैं। सवाल यह है कि चेक पोस्ट पर पकड़ी गई खेपें हिमशैल की नोक भर हैं या वास्तव में तस्करी नेटवर्क पर दबाव बन रहा है। पिछले माह ₹75 लाख की शराब और इस माह एक और बड़ी बरामदगी — आँकड़े बढ़ रहे हैं, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला के सरगनाओं तक पहुँच का कोई ठोस सबूत अभी सामने नहीं आया है। जब तक केवल वाहन चालकों और सहयोगियों की गिरफ्तारी होती रहेगी और नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार बेदाग बचते रहेंगे, तब तक यह अभियान प्रतीकात्मक ही बना रहेगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बक्सर में शराब बरामदगी का मामला क्या है?
2 जून 2026 को बक्सर के वीर कुंवर सिंह सेतु चेक पोस्ट पर उत्पाद विभाग ने एक डीसीएम वाहन की तलाशी में जूट के बोरों के नीचे छिपाई गई भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और वाहन जब्त किया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में वाहन चालक राहुल सिंह और उसके साथी सचिन उर्फ भूरा शामिल हैं। राहुल सिंह ने दावा किया कि वह हरियाणा से माल लेकर आ रहा था और उसे शराब की जानकारी नहीं थी, हालाँकि अधिकारियों ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी क्यों जारी है?
बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से लगी लंबी सीमाएँ तस्करों को अवसर देती हैं। तस्कर जूट के बोरे, सब्जियों की गाड़ियाँ और अन्य रोज़मर्रा की वस्तुओं की आड़ में शराब छिपाकर लाते हैं।
पिछले महीने बिहार में कितनी शराब जब्त हुई थी?
उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल के अनुसार, पिछले माह उत्पाद विभाग ने करीब 7,000 लीटर विदेशी शराब जब्त की थी, जिसकी बाज़ार कीमत ₹75 लाख से अधिक आँकी गई थी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
उत्पाद विभाग जब्त शराब की कुल मात्रा का आकलन कर रहा है और दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। अधिकारी खेप के स्रोत और बिहार में उसके गंतव्य का पता लगाने में जुटे हैं। विभाग ने जून माह में भी अभियान जारी रखने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले