महिला एशिया कप 2026: भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराया, मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 14 सितंबर 2026 को दुबई में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। हालाँकि जीत की खुशी के बीच एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी गया — हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया।
मैच का स्कोरकार्ड
फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम मात्र 111 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में एकतरफा अंदाज में हर मुकाबला जीता।
बीसीसीआई सचिव का बयान
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने इस निर्णय के पीछे की वजह साफ करते हुए कहा, "एशिया कप में ट्रॉफी एक विवादित मुद्दा है। हमारी पुरुष टीम ने एशिया कप जीता था। हालाँकि, अप्रैल 2025 की पहलगाम घटना के बाद हालात पूरी तरह बदल गए।"
सैकिया ने आगे कहा, "देश के नागरिकों का हम पर दबाव था कि हमें पड़ोसी देश के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहिए और न ही उनके साथ क्रिकेट खेलना चाहिए। मगर हमारी सरकार की नीति है कि मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में हमें हर देश के खिलाफ खेलना होगा। इसी नीति का पालन करते हुए हम मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में हर टीम के खिलाफ खेल रहे हैं।"
ट्रॉफी न लेने के पीछे की दलील
सैकिया ने स्थिति को और स्पष्ट करते हुए कहा, "इसका मतलब यह नहीं है कि हम सारी शर्तें मान लेंगे। जिस देश के साथ हमारे रिश्ते पहले से खराब हैं और अप्रैल 2025 से और भी बिगड़ गए हैं — और जिस देश के साथ अभी भी हमारा ऑपरेशन जारी है — उस देश के मुख्य नेताओं में से एक, जो हमारे देश के खिलाफ काम कर रहा है, उससे हम ट्रॉफी नहीं ले सकते।" उन्होंने यह भी बताया कि डेढ़ साल पहले भारतीय पुरुष टीम ने एशिया कप जीतने के बाद भी मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था, और महिला टीम ने उसी परंपरा को जारी रखा।
महिला क्रिकेट की तेज़ रफ्तार
सैकिया ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के प्रदर्शन की जमकर सराहना करते हुए कहा कि उन्हें टीम पर गर्व है और देश में महिला क्रिकेट काफी तेजी से उभर रहा है। गौरतलब है कि भारतीय महिला टीम ने इस टूर्नामेंट के दौरान एक भी मैच नहीं गँवाया।
आगे का रास्ता
यह ऐसे समय में आया है जब भारत पाकिस्तान के बीच क्रिकेटीय और राजनयिक संबंध अत्यंत तनावपूर्ण हैं। BCCI का रुख स्पष्ट है — बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी जारी रहेगी, लेकिन सांकेतिक स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले टूर्नामेंटों में भी यही नीति बरकरार रहने की संभावना है।