गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को BSE-NSE बंद, 15 सितंबर को फिर खुलेगा बाजार
सारांश
मुख्य बातें
गणेश चतुर्थी 2026 के अवसर पर सोमवार, 14 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार पूरी तरह बंद रहेगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) — दोनों प्रमुख बेंचमार्क पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में आज कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। निवेशकों को अगले कारोबारी सत्र के लिए मंगलवार, 15 सितंबर 2026 तक प्रतीक्षा करनी होगी।
किन सेगमेंट पर पड़ेगा असर
शेयर बाजार अवकाश सूची के मुताबिक, 14 सितंबर को इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, NDS-RST और ट्राई-पार्टी रेपो से जुड़े सभी लेनदेन स्थगित रहेंगे। यह सितंबर 2026 में शेयर बाजार का एकमात्र निर्धारित अवकाश है।
हालाँकि, कमोडिटी डेरिवेटिव्स और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में आंशिक कारोबार होगा। कमोडिटी बाजार में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का सत्र बंद रहेगा, जबकि शाम 5 बजे के बाद सीमित ट्रेडिंग फिर शुरू होगी।
अवकाश से पहले बाजार का हाल
गणेश चतुर्थी अवकाश से पूर्व समाप्त हुए सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार लगातार पाँचवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी 50 में 2 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई और यह 23,398 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स करीब 2.27 प्रतिशत फिसलकर 74,781 पर बंद हुआ।
विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड में तेजी बाजार पर दबाव के प्रमुख कारण रहे। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर निवेशक धारणा पहले से ही सतर्क बनी हुई है।
2026 में आगामी बाजार अवकाश
गणेश चतुर्थी के बाद वर्ष 2026 में शेयर बाजार निम्नलिखित तिथियों पर बंद रहेगा:
2 अक्टूबर (शुक्रवार) — महात्मा गांधी जयंती; 20 अक्टूबर (मंगलवार) — दशहरा; 10 नवंबर (मंगलवार) — दिवाली बलिप्रतिपदा; 24 नवंबर (मंगलवार) — प्रकाश गुरुपर्व श्री गुरु नानक देव; 25 दिसंबर (शुक्रवार) — क्रिसमस।
गणेश चतुर्थी का महत्व
इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए इसी समय गणेश स्थापना और पूजा को सर्वाधिक शुभ माना जाता है।
गौरतलब है कि यह पर्व देशभर में विशेषकर महाराष्ट्र में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, और मुंबई — जो भारत की वित्तीय राजधानी भी है — में इसका विशेष महत्व है। अगले कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि वैश्विक संकेत और घरेलू कारक किस रुख को आकार देते हैं।