मोहर्रम पर शेयर बाजार बंद: NSE और BSE पर 27 जून को नहीं होगा कारोबार, अगली ट्रेडिंग 29 जून को
सारांश
मुख्य बातें
मोहर्रम के सार्वजनिक अवकाश के कारण नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 27 जून, शुक्रवार को कोई कारोबार नहीं होगा। इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) और करेंसी डेरिवेटिव्स — सभी सेगमेंट पूरे दिन के लिए बंद रहेंगे। निवेशकों के लिए अगला कारोबारी दिन 29 जून, सोमवार होगा।
कौन-से सेगमेंट बंद रहेंगे
शुक्रवार को इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, SLB और करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में पूरे दिन ट्रेडिंग पूरी तरह बंद रहेगी। कमोडिटी सेगमेंट में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का सत्र भी बंद रहेगा, हालाँकि शाम 5 बजे से रात 11:30/11:55 बजे तक का सायंकालीन सत्र सामान्य रूप से संचालित होगा। शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण बाजार 29 जून को पुनः खुलेगा।
आगे की छुट्टियाँ कब हैं
बाजार के कैलेंडर के अनुसार, जुलाई और अगस्त में कोई शेयर बाजार अवकाश नहीं है। इसके बाद अगला अवकाश गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को पड़ेगा। निवेशकों को इस दौरान अपनी ट्रेडिंग योजना तदनुसार बनानी होगी।
बैंकों पर भी असर
मोहर्रम के चलते कई राज्यों में बैंक शाखाएँ भी बंद हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हैदराबाद, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और कर्नाटक शामिल हैं। ऑनलाइन बैंकिंग और ATM सेवाएँ सामान्यतः उपलब्ध रह सकती हैं, लेकिन शाखा-आधारित लेनदेन प्रभावित होंगे।
गुरुवार को बाजार का हाल
26 जून, गुरुवार को बाजार बंद होने से पहले BSE सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 34.35 अंक यानी 0.14 प्रतिशत ऊपर 24,056.00 पर बंद हुआ। क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी ऑटो सबसे आगे रहा, जिसने 2.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। निफ्टी FMCG में करीब 0.7 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 0.3 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.16 प्रतिशत की बढ़त रही। दूसरी ओर, निफ्टी मेटल, निफ्टी IT, निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी फार्मा में गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने रुपए को सहारा दिया और बाजार को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं रही। ऑटो सेक्टर के अच्छे प्रदर्शन के पीछे मेटल की कीमतों में कमी, सप्लाई चेन की बाधाओं का घटना और महीने के दौरान रिटेल माँग में सुधार को कारण माना जा रहा है। हालाँकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली आने वाले सत्रों में तेजी को सीमित कर सकती है।