राहुल गांधी की मांसाहार टिप्पणी पर मुफ्ती वजाहत कासमी का पलटवार: 'सनातन संस्कृति में मांस का कोई स्थान नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मांसाहारी भोजन संबंधी टिप्पणी पर इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती वजाहत कासमी ने 14 सितंबर 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी है। कासमी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत सनातन की भूमि है और सनातन सभ्यता एवं संस्कृति में मांसाहारी भोजन का कोई स्थान नहीं है। यह प्रतिक्रिया उस समय आई है जब राहुल गांधी की उक्त टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है।
मुफ्ती कासमी का राहुल गांधी पर सीधा प्रहार
मुफ्ती वजाहत कासमी ने कहा, 'भारत सनातन की भूमि है। सनातन सभ्यता और संस्कृति में मांसाहारी भोजन का कोई स्थान नहीं है। मुझे नहीं पता कि राहुल गांधी की सोच कैसी है या उन्हें क्या हो गया है। अगर वह मांसाहारी भोजन करना चाहते हैं, तो कोई समस्या नहीं है — उन्हें कोई रोक नहीं रहा है, लेकिन हर देश ऐसे मौकों का इस्तेमाल अपनी संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं को दिखाने के लिए करता है।'
उन्होंने आगे कहा कि BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों ने यह साबित किया है कि भारत कितना शक्तिशाली है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कितने मज़बूत नेता हैं। कासमी ने राहुल गांधी को सलाह दी कि उन्हें 'ओछी बातें' करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसे बयानों से उनका कद ही छोटा होता है।
समान नागरिक संहिता पर कासमी का स्वागत
मुफ्ती वजाहत कासमी ने पूरे देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किए जाने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'UCC देश के विकास में बहुत अहम भूमिका निभाएगा। दुनिया भर के सभी विकसित और शिक्षित देशों में UCC लागू है। एक देश, एक कानून और एक संविधान होना चाहिए।'
उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सबसे पहले उत्तराखंड में UCC लागू किया। कासमी को उम्मीद है कि NDA सरकार के कार्यकाल में पूरे देश में UCC लागू हो जाएगा। गौरतलब है कि UCC का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र रहा है।
पश्चिम बंगाल में मदरसे बंद होने पर कासमी की राय
पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों के बंद होने पर कासमी ने कहा कि मदरसा धार्मिक शिक्षा की जगह है, लेकिन इसे लेकर राजनीति ने बहुत दुविधाएँ पैदा की हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मुसलमानों को इतनी आज़ादी दी कि उन्होंने गैर-कानूनी जगहों पर मस्जिदें और मदरसे बना लिए।
कासमी ने स्पष्ट किया कि NDA सरकार कानून के मुताबिक काम करती है। यदि गैर-कानूनी मदरसे बंद किए जा रहे हैं या कानूनी कार्रवाई की जा रही है, तो यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा, 'इस्लाम गैर-कानूनी मदरसों या गैर-कानूनी मस्जिदों को मंजूरी नहीं देता।'
'वंदे मातरम' और राष्ट्रीय एकता पर कासमी का संदेश
भारत-अफगानिस्तान टी-20 मैच से पहले 'वंदे मातरम' गाए जाने पर कासमी ने कहा कि राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के बराबर कानूनी सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा, 'यह देश के लिए खुशी की बात है। मुझे उम्मीद है कि देशभर के लोग उसी सम्मान के साथ वंदे मातरम गाएंगे और अपनी देशभक्ति जाहिर करेंगे।'
उन्होंने उन लोगों के लिए भी प्रार्थना की जो 'वंदे मातरम' का विरोध करते हैं, कहा कि उन्हें ईश्वर-अल्लाह सद्बुद्धि दे। कासमी के ये बयान एक ऐसे समय में आए हैं जब सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर बहस तेज़ हो रही है।