14 सितंबर 2026
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मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम को केरल में शेख अबूबक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड, BRICS दौरे के दौरान सम्मान

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मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम को केरल में शेख अबूबक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड, BRICS दौरे के दौरान सम्मान

सारांश

18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम ने केरल में सुन्नी कल्चरल सेंटर का दौरा किया और शेख अबूबक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड प्राप्त किया। भारत के ग्रैंड मुफ्ती से मुलाकात में AI और इस्लामी नैतिकता पर भी विमर्श हुआ।

मुख्य बातें

मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने 14 सितंबर 2026 को BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान केरल का दौरा किया।
उन्हें शेख अबूबक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद की उपस्थिति में सम्मानित किया गया।
करंथूर स्थित मरकजू सकाफती सुन्निया में आयोजित कार्यक्रम में लगभग दो हजार छात्र और केरल के著名 विद्वान शामिल हुए।
इब्राहिम ने पुरस्कार को विद्वानों, धर्म प्रचारकों और ज्ञान प्रेमियों को समर्पित किया।
मलेशिया-केरल के बीच शैक्षिक-धार्मिक सहयोग और AI व इस्लामी नैतिकता पर भी विचार-विमर्श हुआ।

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने 14 सितंबर 2026 को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत दौरे से इतर केरल का विशेष भ्रमण किया, जहाँ उन्हें शेख अबूबक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया। करंथूर स्थित मरकजू सकाफती सुन्निया में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद की अध्यक्षता में स्मरण और प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ, जिसमें केरल के著名 विद्वान और लगभग दो हजार छात्र उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का विवरण

सुन्नी कल्चरल सेंटर में आयोजित ज़ियाराह महब्बाह कार्यक्रम में मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल भी प्रधानमंत्री इब्राहिम के साथ शामिल हुआ। इस सभा की अध्यक्षता ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद ने की और कार्यक्रम में धार्मिक शिक्षा, ज्ञान की परंपरा तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु को मजबूत करने पर विमर्श हुआ।

प्रधानमंत्री इब्राहिम ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'सुन्नी कल्चरल सेंटर में मुझे मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के साथ स्मरण और प्रार्थना सभा में शामिल होने का सम्मान मिला। इस कार्यक्रम में केरल के सम्मानित विद्वान और लगभग दो हजार छात्र शामिल हुए। इस सभा का नेतृत्व भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद ने किया।'

पुरस्कार स्वीकृति और समर्पण

पुरस्कार ग्रहण करते हुए प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि वे इस सम्मान को 'बहुत विनम्रता के साथ स्वीकार' करते हैं और इसे उन सभी विद्वानों, धर्म प्रचारकों, वैज्ञानिकों और ज्ञान प्रेमियों को समर्पित करते हैं, जिन्होंने लोगों तक ईमान और आस्था का संदेश पहुंचाने के लिए अपना जीवन अर्पित किया।

उन्होंने यह भी कहा कि मलेशिया आगे भी उलेमा (धार्मिक विद्वानों) के साथ मिलकर शैक्षिक और धार्मिक प्रयासों का समर्थन करता रहेगा, जिसमें हदीस की पुस्तकों के अध्ययन और उनके समापन समारोह जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

मलेशिया–केरल संबंध और भविष्य की आकांक्षाएँ

प्रधानमंत्री इब्राहिम ने आशा व्यक्त की कि ये प्रयास मलेशिया और केरल के बीच संबंधों को और मजबूत करेंगे, ज्ञान की परंपरा को समृद्ध बनाएंगे, और ऐसी पीढ़ी तैयार करेंगे जो 'ईमान में मजबूत, ज्ञान में समृद्ध और चरित्र में उत्कृष्ट हो।' गौरतलब है कि केरल और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक रूप से मजबूत सांस्कृतिक, शैक्षिक और प्रवासी संबंध रहे हैं।

AI और इस्लामी नैतिकता पर विमर्श

करंथूर में ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद से मुलाकात के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इब्राहिम के अनुसार, AI ज्ञान, शोध और प्रगति के नए रास्ते खोल रहा है, लेकिन साथ ही यह आस्था, विश्वास, नैतिक मूल्यों और बौद्धिक स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करता है।

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि AI के लिए एक ऐसा दृष्टिकोण तैयार किया जाए जो इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित हो और तकनीकी प्रगति व मानवीय मूल्यों के बीच संतुलन सुनिश्चित करे। इब्राहिम ने संकेत दिया कि इस चर्चा को आगे और विकसित किया जाएगा ताकि AI की प्रगति का पूरा लाभ उठाते हुए आस्था और नैतिकता से कोई समझौता न हो।

BRICS के बाद केरल दौरे का महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब 18वाँ BRICS शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित हो रहा है और विश्व के प्रमुख नेता नई दिल्ली में एकत्र हैं। शिखर सम्मेलन से इतर केरल की यात्रा को मलेशिया-भारत द्विपक्षीय सांस्कृतिक कूटनीति के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच धार्मिक-शैक्षिक सहयोग के नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आर्थिक और सामाजिक आयाम भी देता है। AI और इस्लामी नैतिकता पर हुई चर्चा भी संकेत देती है कि धार्मिक नेतृत्व अब तकनीकी विमर्श में सक्रिय भूमिका चाहता है — यह प्रवृत्ति वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है और भारत-मलेशिया संबंधों को एक नया आयाम दे सकती है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनवर इब्राहिम को शेख अबूबक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड क्यों दिया गया?
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को केरल के सुन्नी कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार का आयोजन भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद की अध्यक्षता में हुआ, जो ज्ञान, आस्था और धार्मिक-शैक्षिक योगदान को मान्यता देता है।
अनवर इब्राहिम की केरल यात्रा का BRICS से क्या संबंध है?
अनवर इब्राहिम 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आए थे और इसी दौरे के दौरान उन्होंने शिखर सम्मेलन से इतर केरल का भ्रमण किया। यह यात्रा आधिकारिक BRICS एजेंडे से अलग एक सांस्कृतिक-धार्मिक कूटनीतिक पहल थी।
करंथूर के मरकजू सकाफती सुन्निया में क्या कार्यक्रम हुआ?
करंथूर स्थित मरकजू सकाफती सुन्निया में ज़ियाराह महब्बाह कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद से मुलाकात और AI व इस्लामी नैतिकता पर विचार-विमर्श शामिल था। इसमें लगभग दो हजार छात्र और केरल के著名 विद्वान शामिल हुए।
अनवर इब्राहिम ने AI पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि AI ज्ञान और प्रगति के नए रास्ते खोलता है, लेकिन आस्था, नैतिक मूल्यों और बौद्धिक स्वतंत्रता के लिए चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करता है। उन्होंने इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित AI दृष्टिकोण विकसित करने की बात कही।
मलेशिया और केरल के बीच भविष्य में क्या सहयोग प्रस्तावित है?
अनवर इब्राहिम ने कहा कि मलेशिया उलेमा के साथ मिलकर हदीस अध्ययन और धार्मिक-शैक्षिक कार्यक्रमों का समर्थन जारी रखेगा। उनका लक्ष्य मलेशिया-केरल संबंधों को और प्रगाढ़ करना और ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो ज्ञान व चरित्र में उत्कृष्ट हो।
राष्ट्र प्रेस
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