14 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अलवर में तीन युवकों की मौत: पुलिस ने नामजद आरोपी समेत 3 को हिरासत में लिया, 8 टीमें जांच में जुटीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अलवर में तीन युवकों की मौत: पुलिस ने नामजद आरोपी समेत 3 को हिरासत में लिया, 8 टीमें जांच में जुटीं

सारांश

अलवर के मोती नगर में शनिवार शाम मंदिर से लौट रहे तीन युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवारों में कोहराम मच गया। पुलिस ने एक नामजद आरोपी समेत 3 को हिरासत में लिया है और 8 टीमें सीसीटीवी व साक्ष्यों के आधार पर जाँच कर रही हैं।

मुख्य बातें

अलवर के मोती नगर इलाके में तीन युवकों — जितेंद्र राजपूत (21) , युवराज सैनी (22) और हिमांशु (21) — की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
पुलिस ने 14 सितंबर 2026 को एफआईआर में नामजद एक आरोपी और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए 8 विशेष टीमें गठित; 3 आरपीएस अधिकारी और 5 थानाधिकारी जाँच की निगरानी कर रहे हैं।
परिजनों का आरोप — घटनास्थल पर खून के निशान और टायरों के निशान मिले; युवकों के शरीर पर गंभीर चोटें थीं।
राजीव गांधी सामान्य अस्पताल के बाहर सैकड़ों लोगों ने धरना दिया, आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग की।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।

राजस्थान के अलवर शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र के मोती नगर इलाके में तीन युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने 14 सितंबर 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर में नामजद एक आरोपी और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि तीनों से गहन पूछताछ जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

घटनाक्रम: शाम को निकले, रात को लाशें मिलीं

परिजनों के अनुसार, जितेंद्र राजपूत उर्फ छोटू (21) पुत्र बजरंग सिंह निवासी चोर डूंगरी, युवराज सैनी (22) पुत्र नेमीचंद निवासी तहसीलदार कॉलोनी और हिमांशु (21) पुत्र धर्मेंद्र शर्मा निवासी अय्यप्पा मंदिर के सामने — तीनों शनिवार शाम भूरासिद्ध मंदिर गए थे। वहाँ से तीनों को अपने-अपने घर लौटना था।

परिजनों के मुताबिक, युवराज का उसी दौरान परिवार को फोन भी आया था कि वह थोड़ी देर में घर पहुँच जाएगा। लेकिन कुछ ही देर बाद परिजनों को तीनों की मौत की खबर मिली।

परिजनों के गंभीर आरोप

परिजनों का कहना है कि घटनास्थल पर पहुँचने पर उन्हें बेहद दर्दनाक नज़ारा देखने को मिला। उनके अनुसार एक युवक का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, जबकि दूसरे युवक का हाथ भी कुचला हुआ था। तीनों के शरीर पर चोट के कई निशान बताए गए हैं।

परिजनों के अनुसार घटनास्थल के आसपास सड़क पर बड़ी मात्रा में खून बिखरा हुआ था और टायरों के निशान भी नज़र आए। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिजन तीनों की मौत को सामान्य सड़क हादसा नहीं, बल्कि बेरहमी से हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। हालाँकि, घटना की वास्तविक वजह और पूरा घटनाक्रम पुलिस जाँच के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस की कार्रवाई और जाँच टीमें

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि वारदात की गंभीरता को देखते हुए 8 विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों की निगरानी 3 आरपीएस अधिकारियों और 5 थानाधिकारियों के सुपरविजन में की जा रही है। पुलिस टीमें घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं और संदिग्ध आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

अरावली विहार थाने में दर्ज मुकदमे के तहत एफआईआर में नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

आक्रोश और धरना

तीनों युवकों की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन और समाज के लोग राजीव गांधी सामान्य अस्पताल पहुँच गए। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया और अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया। परिजनों की ओर से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की गई।

आगे क्या होगा

पुलिस सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और हिरासत में लिए गए तीनों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी है। मामले में शेष आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। यह मामला तब तक अनिश्चित बना रहेगा जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जाँच के नतीजे सामने नहीं आ जाते।

संपादकीय दृष्टिकोण

सड़क पर खून और टायरों के निशान — गंभीर हैं और मात्र पूछताछ से परे एक त्वरित फोरेंसिक जाँच की माँग करते हैं। 8 टीमों का गठन दबाव में उठाया गया कदम लगता है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा सीसीटीवी विश्लेषण कितनी जल्दी सार्वजनिक किए जाते हैं — क्योंकि अफवाहों से भड़की भीड़ का आक्रोश बिना पारदर्शी जाँच के शांत नहीं होता।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलवर में तीन युवकों की मौत कैसे हुई?
परिजनों के अनुसार तीनों युवक शनिवार शाम भूरासिद्ध मंदिर गए थे और वहाँ से घर लौटने के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन घटना को हत्या बता रहे हैं, जबकि पुलिस जाँच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने 14 सितंबर 2026 को एफआईआर में नामजद एक आरोपी समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। मामले की जाँच के लिए 8 विशेष टीमें गठित की गई हैं जो सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल के साक्ष्य खंगाल रही हैं।
परिजन मौत को हत्या क्यों मान रहे हैं?
परिजनों का आरोप है कि घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में खून और टायरों के निशान थे, एक युवक का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था और दूसरे का हाथ कुचला हुआ था। इन परिस्थितियों को आधार बनाकर परिजन इसे सामान्य सड़क हादसा नहीं मानते।
कौन-कौन से युवक इस घटना में मारे गए?
मारे गए तीनों युवकों की पहचान जितेंद्र राजपूत उर्फ छोटू (21), युवराज सैनी (22) और हिमांशु (21) के रूप में हुई है। तीनों अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र के निवासी थे।
मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम को स्थापित करने में जुटी है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है और जाँच के नतीजों के बाद मामले की दिशा तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले