14 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अमिताभ बच्चन का मीडिया पर तंज: 'सच्चाई भाड़ में जाए, यह बिजनेस है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमिताभ बच्चन का मीडिया पर तंज: 'सच्चाई भाड़ में जाए, यह बिजनेस है'

सारांश

अमिताभ बच्चन ने गणेश चतुर्थी के बीच अपने ब्लॉग पर मीडिया को आईना दिखाया — 'खरीदा हुआ कंटेंट लागत वसूलेगा ही, यह बिजनेस है और सच्चाई भाड़ में जाए।' 83 वर्षीय मेगास्टार ने खुद इंतज़ार जताया कि इस ब्लॉग को भी तोड़-मरोड़ा जाएगा — यह आत्म-जागरूक व्यंग्य उनकी कलम की धार का सबूत है।

मुख्य बातें

अमिताभ बच्चन ने 14 सितंबर 2026 को अपने ब्लॉग पर मीडिया की गलत व्याख्या की प्रवृत्ति पर तंज कसा।
उन्होंने लिखा कि 'सबसे पहले' खबर देने की होड़ में सच्चाई की बलि चढ़ाई जाती है।
तीखी पंक्ति: 'खरीदा हुआ कंटेंट है, तो लागत वसूल तो करनी ही है — यह बिजनेस है और सच्चाई भाड़ में जाए।' उन्होंने इंतज़ार जताया कि इस ब्लॉग को भी तोड़-मरोड़ा जाएगा, और फिर 'आराम' की बात कही।
गणेश चतुर्थी पर अपने पाठकों के लिए शांति, समृद्धि और खुशी की भी कामना की।

मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने 14 सितंबर 2026 को अपने ब्लॉग पर मजाकिया लेकिन तीखे अंदाज में मीडिया की उस प्रवृत्ति पर निशाना साधा, जिसमें उनके लिखे शब्दों की गलत व्याख्या कर खबरें बनाई जाती हैं। गणेश चतुर्थी के उत्सव के बीच लिखे इस ब्लॉग पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 'सबसे पहले' खबर देने की होड़ में सच्चाई को ताक पर रख दिया जाता है।

ब्लॉग में क्या लिखा बच्चन ने

अपने ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने लिखा, 'और काम जारी है, इस त्योहार की रौनक के बीच अपनों के घर जाने का न्योता जब वे 'गणपति' को घर लाते हैं। आशीर्वाद लेने के लिए और ब्लॉग पर लिखी बातों के अजीब-ओ-गरीब मतलब निकाले जाने की विसंगतियाँ, जो हँसी से भी परे हैं।' उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी गलत व्याख्याएँ अब उन्हें हँसाती हैं, भले ही वे निराशाजनक हों।

ध्यान और पैसे की दौड़ पर कड़ा प्रहार

बच्चन ने मीडिया की 'ब्रेकिंग न्यूज़' संस्कृति पर सीधा प्रहार करते हुए लिखा, 'लोगों के बीच सबसे पहले आने की बेचैनी, ताकि उन्हें ध्यान और पैसा मिल सके, भले ही इसके लिए बात का गलत मतलब निकालना पड़े या खबर देने वालों को ही भाषा की सही समझ न हो — यही आज के दिन हँसी की बात है।' यह टिप्पणी उन मीडिया प्रतिष्ठानों पर सीधी चोट है जो क्लिक और विज्ञापन राजस्व के लिए सामग्री को तोड़-मरोड़ते हैं।

बिजनेस बनाम सच्चाई

इसी क्रम में उन्होंने आगे लिखा, 'इसे सच दिखाने के लिए फालतू और गलत बातें जोड़ देना, ताकि वह असली लगे — यह उस पल की कीमत पर किया गया बिजनेस है जो कभी हुआ ही नहीं था।' सबसे चर्चित पंक्ति में उन्होंने लिखा, 'खरीदा हुआ कंटेंट है, तो उसे अपनी लागत वसूल तो करनी ही है — यह बिजनेस है और सच्चाई भाड़ में जाए।' यह पंक्ति व्यावसायिक पत्रकारिता के उस पहलू की ओर इशारा करती है जहाँ विज्ञापन-वित्त पोषित कंटेंट संपादकीय निष्पक्षता को प्रभावित करता है।

आत्मविश्लेषण और आगे की प्रतीक्षा

बच्चन ने इस पूरे प्रसंग को हल्के-फुल्के अंदाज में खत्म करते हुए लिखा, 'आह, मैं इंतज़ार कर रहा हूँ कि मेरे इस ब्लॉग की बात को तोड़-मरोड़ कर क्या बनाया जाएगा — और अब मैं आराम करता हूँ।' यह आत्म-जागरूक टिप्पणी उनकी उस समझ को दर्शाती है कि इस ब्लॉग की भी शायद वही नियति होगी जिसकी वे आलोचना कर रहे हैं।

गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ

आलोचना के बीच बच्चन ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर अपने पाठकों के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ भी दीं। उन्होंने लिखा, 'गणपति का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे। शांति, समृद्धि और खुशी के लिए।' गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाने वाला पर्व है, जिसकी शुरुआत घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से होती है। गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन लंबे समय से अपने ब्लॉग के माध्यम से अपनी बात सीधे प्रशंसकों तक पहुँचाते रहे हैं, और यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने मीडिया व्याख्याओं पर असंतोष जताया हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बड़े मीडिया संस्थानों की विश्वसनीयता दाँव पर है। बच्चन जैसी हस्तियाँ जब सीधे दर्शकों से जुड़ती हैं, तो यह पारंपरिक मीडिया गेटकीपिंग को चुनौती देता है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में मीडिया पर क्या कहा?
अमिताभ बच्चन ने लिखा कि मीडिया उनके ब्लॉग की गलत व्याख्या करता है ताकि 'सबसे पहले' खबर दी जा सके और पैसा कमाया जा सके। उन्होंने कहा, 'सच्चाई भाड़ में जाए — यह बिजनेस है।'
यह ब्लॉग पोस्ट कब लिखा गया?
यह ब्लॉग पोस्ट 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के उत्सव के बीच प्रकाशित हुआ। बच्चन उस समय अपनों के यहाँ गणपति का आशीर्वाद लेने गए थे।
अमिताभ बच्चन ने 'खरीदे हुए कंटेंट' से क्या मतलब निकाला?
बच्चन ने इशारा किया कि जब मीडिया संस्थान कंटेंट में निवेश करते हैं, तो वे उसकी 'लागत वसूलने' के लिए सच्चाई से समझौता करने को तैयार हो जाते हैं। यह व्यावसायिक दबाव के चलते संपादकीय निष्पक्षता पर उठाया गया सवाल है।
क्या अमिताभ बच्चन पहले भी मीडिया की आलोचना कर चुके हैं?
जी हाँ, अमिताभ बच्चन लंबे समय से अपने ब्लॉग के ज़रिए मीडिया की व्याख्याओं पर असंतोष जताते रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अपने लिखे शब्दों की गलत प्रस्तुति पर आपत्ति दर्ज की हो।
गणेश चतुर्थी पर बच्चन ने क्या संदेश दिया?
गणेश चतुर्थी पर अमिताभ बच्चन ने लिखा, 'गणपति का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे। शांति, समृद्धि और खुशी के लिए।' यह त्योहार भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले