अमिताभ बच्चन बोले — '24 घंटे कम पड़ते हैं, दिन 36 घंटे का होना चाहिए'
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने 18 जून 2026 को अपने ब्लॉग के ज़रिए समय की कमी पर एक दिलचस्प और हल्के-फुल्के अंदाज़ में विचार साझा किए। उन्होंने लिखा कि 24 घंटे में इतना काम होता है कि दिन को 36 घंटे का होना चाहिए — और फिर उसी दार्शनिक अंदाज़ में जोड़ा कि अगर ऐसा हो भी जाए, तो बात 48 घंटे की होने लगेगी। यह पोस्ट मुंबई में बैठे उनके लाखों प्रशंसकों के बीच तेज़ी से चर्चा का विषय बन गई।
ब्लॉग में क्या लिखा बिग बी ने
'शहंशाह' के नाम से मशहूर अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा, '24 घंटे में करने के लिए बहुत कुछ है, दिन को 36 घंटे का होना चाहिए और फिर जीवन का दर्शन कहता है कि जब ऐसा होगा तो इसे 48 घंटे करने पर बात होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि समय लगातार आगे बढ़ता रहता है और सब कुछ उसी की रफ़्तार के साथ चलता रहता है।
बात को हल्के अंदाज़ में समाप्त करते हुए उन्होंने लिखा, 'तो चलो भाई, अब वो खेल देखते हैं जो पैरों से खेला जाता है' — यानी फुटबॉल देखने का वक़्त आ गया।
एक्स पर फुटबॉल मैच को लेकर प्रतिक्रिया
अमिताभ बच्चन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी पोस्ट किया — 'टी 5775 - हाहाहाहाहा.. कितना मज़ा आया.. !' यह पोस्ट कथित तौर पर पुर्तगाल और कांगो के बीच खेले गए 1-1 ड्रॉ मैच से जुड़ी थी, जो फीफा विश्व कप 2026 के दौरान खेला गया था। उनकी इस मज़ेदार प्रतिक्रिया ने प्रशंसकों को भी मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया।
काम के मोर्चे पर क्या चल रहा है
फ़िलहाल अमिताभ बच्चन अपनी आगामी फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल की तैयारियों में व्यस्त हैं। इस फिल्म का निर्देशन नाग अश्विन कर रहे हैं। यह फंतासी साइंस-फिक्शन फिल्म एक डिस्टोपियन भविष्य — 2898 एडी — में काशी शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
फिल्म में प्रभास, कमल हासन, दीपिका पादुकोण और दिशा पाटनी भी अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे। कहानी एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की रक्षा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे भगवान विष्णु के अंतिम अवतार 'कल्कि' से जोड़ा जाता है।
प्रशंसकों की प्रतिक्रिया
83 वर्षीय अमिताभ बच्चन का यह अंदाज़ उनके चाहने वालों को हमेशा से भाता रहा है — गंभीर विषयों को भी हल्के-फुल्के तरीके से पेश करने की उनकी यह ख़ासियत उन्हें पीढ़ियों से जोड़े रखती है। उनकी यह सोच — कि काम कभी खत्म नहीं होता — उनके अनवरत सक्रिय करियर की भी झलक देती है।