क्या अमिताभ बच्चन हर दिन कुछ नया सीखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वक्त आगे निकल जाता है?
सारांश
Key Takeaways
- सीखने की प्रक्रिया
- आउटसोर्सिंग से काम करना आसान हो सकता है।
- विशेषज्ञों की मदद लेने में कोई शर्म नहीं होनी चाहिए।
- तकनीकी विकास के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है।
- आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल करना फायदेमंद है।
मुंबई, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन न केवल अपनी फिल्मों के लिए, बल्कि अपने विचारों और लेखन के माध्यम से भी लोगों से जुड़े रहते हैं। वह कई वर्षों से अपने व्यक्तिगत ब्लॉग पर जिंदगी, काम, समय, उम्र और तकनीक जैसे विषयों पर अपने मन की बातें साझा कर रहे हैं। हाल ही में, अपने नए ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने सीखने की प्रक्रिया, समय की रफ्तार और आज के बदलते कामकाजी माहौल पर गहरी बातें की।
अपने ब्लॉग में बिग बी ने कहा कि इंसान हर दिन कुछ नया सीखता है, लेकिन इसके साथ एक तरह का अफसोस भी जुड़ा रहता है। उन्होंने लिखा, "कई बार ऐसा लगता है कि जो चीजें आज सीखनी पड़ रही हैं, काश वे पहले सीख ली होतीं। हालाँकि, जिन तकनीकों और प्रणालियों को आज समझने की कोशिश की जा रही है, वे पहले मौजूद नहीं थीं। उम्र बढ़ने के साथ सीखने की इच्छा, मेहनत और ऊर्जा में कमी आना स्वाभाविक है, और यही सच्चाई मुझे बार-बार सोचने पर मजबूर करती है।"
अमिताभ बच्चन ने आज के दौर में तकनीकी विकास की तेज रफ्तार पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, "नए आविष्कार और सिस्टम इतनी तेजी से सामने आ रहे हैं कि जब तक कोई व्यक्ति उन्हें ठीक से समझना शुरू करता है, तब तक समय काफी आगे निकल चुका होता है। इस बदलाव के कारण कई बार ऐसा लगता है कि इंसान पीछे छूटता जा रहा है, खासकर जब उम्र के साथ नई चीजें सीखना और अपनाना कठिन हो जाता है।"
अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए अमिताभ बच्चन ने बताया, "इन चर्चाओं से मुझे एक महत्वपूर्ण सीख मिली। किसी भी काम में सबसे पहले उसकी बुनियाद को मजबूत करना आवश्यक है। इसके बाद, उस काम को आगे बढ़ाने के लिए नए जमाने के हुनरमंद और विशेषज्ञ लोगों को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए। इससे न केवल काम बेहतर होता है, बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होती है।"
ब्लॉग में उन्होंने कहा, "अगर किसी व्यक्ति को कोई काम नहीं आता है, तो इसमें शर्म या परेशानी की बात नहीं होनी चाहिए। इसे स्वीकार करना ही समझदारी है। इसके बाद उस काम को जानने वाले लोगों के साथ पूरा किया जा सकता है।"
अमिताभ बच्चन ने माना, "विशेषज्ञों को रखने में खर्च जरूर आता है, लेकिन यह तरीका ज्यादा फायदेमंद है। इस प्रक्रिया में काम की जिम्मेदारी और नियंत्रण आपके पास रहता है, जबकि तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को विशेषज्ञ संभालते हैं।"
उन्होंने अपनी पोस्ट में 'आउटसोर्सिंग' शब्द का उल्लेख किया। उन्होंने आउटसोर्सिंग का मतलब समझाते हुए कहा कि इसमें काम आपके नाम से होता है, लेकिन उसे करने के लिए ज्यादा काबिल और जानकार लोगों को जिम्मेदारी दी जाती है। इससे बड़े स्तर पर काम करना आसान हो जाता है।"
ब्लॉग के अंत में अमिताभ बच्चन ने आधुनिक तकनीक की तारीफ करते हुए बताया कि जब वह सही शब्द खोजने में अटक जाते हैं, तो एआई का सहारा लेते हैं। कुछ ही सेकंड में उन्हें सही जवाब मिल जाता है। उन्होंने इसे आज के दौर की बड़ी सुविधा बताया।