विक्रम मिस्री की कोलंबो यात्रा: PM हरिनी अमरसूर्या से मिले, भारत-श्रीलंका सहयोग पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 5 अगस्त 2026 को कोलंबो की एकदिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा सहित दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बैठकें और घटनाक्रम
बैठक के बाद भारतीय उच्चायोग ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के बीच करीबी रिश्तों की 'मजबूत और जन-केंद्रित नींव' की पुनः पुष्टि की। हाल की उच्चस्तरीय मुलाकातों को रेखांकित करते हुए उन्होंने व्यापार, तकनीक, निवेश और लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने पर सहमति जताई।
मिस्री ने इसी दौरे में श्रीलंका के विपक्ष के नेता साजित प्रेमदासा से भी मुलाकात की। उच्चायोग के अनुसार दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और भारत-श्रीलंका साझेदारी को व्यापार, निवेश, तकनीक, विकास तथा जन-संपर्क के स्तर पर और सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया।
तमिल समुदाय और विकेंद्रीकरण पर चर्चा
विदेश सचिव मिस्री ने श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी प्रांतों के तमिल राजनीतिक दलों के नेताओं से भी बातचीत की। उच्चायोग ने बताया कि इस बातचीत में शक्तियों के विकेंद्रीकरण और महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। मिस्री ने श्रीलंकाई तमिल समुदाय के कल्याण के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके अतिरिक्त मिस्री ने भारतीय मूल के तमिल (IOT) राजनीतिक दलों के नेताओं से भी मुलाकात की। चर्चा का केंद्र IOT समुदाय के विकास से जुड़ी भारतीय पहलों पर रहा।
भारत की प्रमुख सहायता परियोजनाएँ
उच्चायोग के अनुसार बैठकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रैल 2025 की श्रीलंका यात्रा और भारत के उपराष्ट्रपति की अप्रैल 2026 की यात्रा के दौरान घोषित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा हुई। विशेष रूप से चक्रवात 'डिटवाह' से प्रभावित श्रीलंका के पर्वतीय क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए भारत के 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के सहायता पैकेज के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
राष्ट्रपति और विदेश मंत्री से भी मिले मिस्री
इस एकदिवसीय यात्रा में विदेश सचिव मिस्री ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और विदेश मंत्री विजिता हेराथ से भी मुलाकात की। उन्होंने अपने श्रीलंकाई समकक्ष अरुणी रणराजा के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की। यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक आदान-प्रदान की गति पिछले एक वर्ष में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह दौरा भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत श्रीलंका के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तमिल समुदाय के मुद्दों पर सीधी बातचीत और 45 करोड़ डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज की प्रगति-समीक्षा इस यात्रा के सबसे ठोस पहलू रहे। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश समझौतों पर ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।