अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 24 साल से फरार हत्या के आरोपी को वेजलपुर से दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 20 सितंबर 2026 को 54 वर्षीय दिनेश देसाई को गिरफ्तार किया, जो राजस्थान के पाली जिले में 2002 में हुई एक हत्या के मामले में 24 साल से फरार था। देसाई को अहमदाबाद के वेजलपुर इलाके के सागर सम्राट अपार्टमेंट से पकड़ा गया, जहाँ वह कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाकर परिवार के साथ रह रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
मामला पाली जिले के सादरी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले डुंगली गाँव से जुड़ा है, जहाँ दलाराम नाई की हत्या की गई थी। पुलिस के अनुसार, देसाई और तीन अन्य आरोपी अहमदाबाद से पाली एक चार-पहिया वाहन में गए और जानबूझकर उस मोटरसाइकिल को टक्कर मारी जिस पर दलाराम सवार थे। यह घटना शरद डुंगली के निकट बेरा तिलावानी में हुई थी।
टक्कर इतनी घातक थी कि दलाराम की मौत हो गई। आरोपियों ने मौके पर ही कार छोड़ दी और फरार हो गए — उनका इरादा था कि मौत को एक दुर्घटना का रूप दिया जाए। बाद में पुलिस जाँच और पूर्व में दर्ज शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 302, 120(बी), 481 और 308 के तहत मामला दर्ज किया गया।
हत्या की साजिश की पृष्ठभूमि
क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस हत्या की जड़ में पुश्तैनी संपत्ति और कारोबार को लेकर दो रिश्तेदारों के बीच विवाद था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, रमेश नाई, देसाई का रिश्तेदार था और कथित तौर पर उसी संपत्ति विवाद में शामिल था जिसने हत्या को अंजाम देने की प्रेरणा दी।
क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर एपी जेबलिया ने बताया, 'उनके बीच प्रॉपर्टी को लेकर पारिवारिक झगड़ा था, जिसके कारण उन्होंने हत्या करने का फैसला किया। जब पीड़ित मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तो उन्होंने पीछे से टाटा सूमो से टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।'
24 साल तक कैसे छिपा रहा आरोपी
हत्या के बाद देसाई पहले अपने पैतृक जिले बनासकांठा के कांकरेज गाँव लौटा, लेकिन जैसे ही पुलिस ने वहाँ दबिश दी, वह अहमदाबाद भाग आया। शुरुआत में उसने सतेज इलाके में मज़दूर के रूप में काम किया और पहचान छिपाने के लिए बार-बार ठिकाना बदला।
बाद में वह वेजलपुर चला गया, जहाँ पाँच-छह घरों में रहने के बाद अंततः रेडियो मिर्ची रोड पर स्थित सागर सम्राट अपार्टमेंट में परिवार के साथ बस गया। क्राइम ब्रांच ने मुखबिरों और तकनीकी निगरानी के ज़रिये उसकी पहचान सुनिश्चित की और मौजूदा ठिकाने का पता लगाया।
पुलिस की जाँच और आगे की कार्रवाई
इंस्पेक्टर जेबलिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच गुजरात और राज्य के बाहर लंबे समय से लंबित मामलों में वांछित आरोपियों की तलाश करती है। पीएसआई एबी देसाई को गुप्त सूचना मिली कि डुंगली गाँव की हत्या का आरोपी अहमदाबाद में छिपा है, जिसके बाद तफ्तीश तेज़ की गई।
इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब जाँच इस बात पर केंद्रित होगी कि देसाई 24 वर्षों के दौरान किन-किन स्थानों पर रहा और क्या किसी ने उसकी पहचान छिपाने में सहायता की। क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि देसाई को शीघ्र राजस्थान पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा।