क्या दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हत्या के प्रयास के वांछित आरोपी को पकड़ा?
सारांश
Key Takeaways
- मोहम्मद एजाज को गिरफ्तारी से पहले कई महीने तक फरार रहना पड़ा।
- गिरफ्तारी में क्राइम ब्रांच की विशेष टीम का योगदान महत्वपूर्ण था।
- यह गिरफ्तारी स्थानीय अपराधियों में दहशत पैदा करेगी।
- पुलिस की कार्रवाई से कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
- अभियान जारी है और अन्य फरार अपराधियों को भी पकड़ा जाएगा।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हत्या के प्रयास के एक पुराने मामले में वांछित आरोपी को पकड़कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
आरोपी की पहचान मोहम्मद एजाज उर्फ अम्बे के रूप में हुई है। उसकी उम्र 22 वर्ष है और वह मूल रूप से दिल्ली के जखीरा क्षेत्र का निवासी है। यह गिरफ्तारी ईआर-दो के विशेष दल द्वारा की गई। आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
यह मामला पटेल नगर थाने में दर्ज किया गया था। 2022 में एफआईआर दायर की गई थी, जिसमें धारा 307 और 34 शामिल थीं। एजाज ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर व्यक्तिगत रंजिश के चलते पीड़ित रवि पर चाकू से हमला किया था, जिसमें रवि को गंभीर चोटें आई थीं। चार आरोपियों में से एक रोशन पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन एजाज घटना के बाद से फरार था।
गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस, आर्म्स और जघन्य अपराधों में वांछित अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया था। इसी बीच, एसआई ब्रह्मपाल को गुप्त सूचना मिली कि एजाज जखीरा और मोती नगर क्षेत्र में कहीं छिपा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने स्थानीय मुखबिरों का सहयोग लिया और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी।
इंस्पेक्टर उमेश सती के नेतृत्व में एसआई ब्रह्मपाल, एसआई विशन कुमार, एसआई राहुल, हेड कांस्टेबल विकास तोमर और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र की एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने बेहतरीन समन्वय और मेहनत से आरोपी को पकड़ लिया।
आरोपी मोहम्मद एजाज अनपढ़ है और मजदूरी करता है। वह मोहम्मद साकिर का बेटा है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से इलाके में अपराधियों में दहशत फैलेगी। क्राइम ब्रांच का यह अभियान जारी है और अन्य फरार अपराधियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा। इस सफलता के लिए टीम को पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बधाई दी है।