31 अगस्त 2026
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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 'छारा गैंग' के वांछित बदमाश को दबोचा, ₹8.68 लाख का माल बरामद

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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 'छारा गैंग' के वांछित बदमाश को दबोचा, ₹8.68 लाख का माल बरामद

सारांश

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 'छारा गैंग' के कथित सदस्य विशाल उर्फ भाऊ तनवानी को दबोचा — सात मामलों में वांछित यह आरोपी आंगड़िया फर्मों को निशाना बनाने वाले सुनियोजित गिरोह का हिस्सा था। ₹8.68 लाख की बरामदगी और दिल्ली तक फैले आपराधिक रिकॉर्ड ने इस गिरफ्तारी को अहम बनाया।

मुख्य बातें

अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने 30 अगस्त 2026 को 'छारा गैंग' के कथित सदस्य विशाल उर्फ भाऊ तनवानी को गिरफ्तार किया।
आरोपी लूट, चोरी और GCTOC कानून के तहत दर्ज सात मामलों में वांछित था।
गिरफ्तारी कृष्णा नगर में ₹50 लाख की आंगड़िया लूट के मामले में हुई।
पुलिस ने ₹7.5 लाख नकद, दो मोबाइल, मोटरसाइकिल सहित कुल ₹8.68 लाख का माल बरामद किया।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड अहमदाबाद के कई थानों के अलावा दिल्ली के कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन तक फैला है।
गिरोह के अन्य फरार साथियों की तलाश जारी है।

अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने 30 अगस्त 2026 को 'छारा गैंग' के कथित सदस्य विशाल उर्फ भाऊ तनवानी (उम्र 35 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जो लूट, चोरी और गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम (GCTOC) कानून के तहत दर्ज सात मामलों में वांछित था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से ₹8.68 लाख मूल्य की नकदी और अन्य सामग्री जब्त की।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

विशाल उर्फ भाऊ को कृष्णा नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में पकड़ा गया। इस मामले में एक आंगड़िया फर्म के लिए ₹50 लाख नकद ले जा रहे व्यक्ति से कथित तौर पर लूट की गई थी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित कृष्णा नगर क्षेत्र में एडीसी बैंक के सामने स्थित मारुति प्लाजा के निकट अपनी कार में था, जब आरोपी और उसके साथियों ने उसे रोका।

आरोपियों ने झूठा दावा किया कि पीड़ित की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है। जब पीड़ित बहस में उलझा हुआ था, तभी गिरोह के एक अन्य सदस्य ने कार का शीशा तोड़कर अंदर रखी नकदी लेकर फरार हो गया। इसके बाद तीनों आरोपी मौके से भाग निकले।

गिरोह का तरीकावार

क्राइम ब्रांच के अनुसार, यह गिरोह एक सुनियोजित तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य पहले आंगड़िया फर्मों की गतिविधियों पर नज़र रखते थे और नकदी लेकर चलने वाले लोगों की रेकी करते थे। इसके बाद मोटरसाइकिल पर पीछा कर दुर्घटना या विवाद का बहाना बनाकर पीड़ित को रोका जाता था।

जब गिरोह का एक सदस्य पीड़ित को बातों में उलझाए रखता था, तब अन्य सदस्य एलन-की की मदद से दोपहिया वाहन की डिक्की खोलकर नकदी और कीमती सामान चुरा लेते थे। कारों को निशाना बनाने के मामलों में आरोपी चालक का ध्यान भटकाकर आगे की सीट पर रखे बैग चुरा लेते थे। पार्क की गई कारों के मामले में शीशा तोड़ने वाले विशेष उपकरण का इस्तेमाल किया जाता था।

पहचान छिपाने के लिए आरोपी हेलमेट पहनते थे, चेहरे पर रुमाल बाँधते थे, वारदात के दौरान कपड़े बदलते थे और मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेट भी बदल देते थे।

बरामदगी और पुराने मामले

क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास से ₹7.5 लाख नकद, ₹18,000 मूल्य के दो मोबाइल फोन, ₹1 लाख मूल्य की एक मोटरसाइकिल, शीशा तोड़ने का उपकरण, एलन-की और एक हेलमेट बरामद किया। जब्त सामान की कुल कीमत ₹8.68 लाख आँकी गई है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विशाल उर्फ भाऊ के खिलाफ सरखेज, बोपाल, ओढव, सोला हाईकोर्ट और एलिसब्रिज पुलिस थानों के अलावा नवरंगपुरा, वस्त्रापुर, अडालज और वाडज थानों में भी मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, दिल्ली के उत्तर जिले के कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।

इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत लूट, चोरी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएँ शामिल हैं।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया गया है। क्राइम ब्रांच अन्य फरार साथियों की तलाश जारी रखे हुए है। यह गिरफ्तारी अहमदाबाद में संगठित अपराध पर पुलिस की बढ़ती कार्रवाई का हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्षों से सक्रिय है। गिरोह का हेलमेट, रुमाल और नंबर प्लेट बदलने जैसा सुनियोजित तरीका बताता है कि यह महज़ मौकापरस्त अपराध नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षित ऑपरेशन था। सवाल यह है कि सात मामलों और दिल्ली तक के रिकॉर्ड के बावजूद आरोपी इतने समय तक फरार कैसे रहा — और उसके अन्य साथी अभी भी पकड़ से बाहर हैं। क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन असली परीक्षा गिरोह के पूरे नेटवर्क को तोड़ने में होगी।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाल उर्फ भाऊ तनवानी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
उसे कृष्णा नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज उस मामले में गिरफ्तार किया गया, जिसमें एक आंगड़िया फर्म के ₹50 लाख नकद ले जा रहे व्यक्ति से कथित तौर पर लूट की गई थी। आरोपी कुल सात मामलों में वांछित था।
'छारा गैंग' का तरीकावार क्या था?
गिरोह पहले आंगड़िया फर्मों की गतिविधियों पर नज़र रखता था और नकदी ले जाने वाले लोगों की रेकी करता था। इसके बाद दुर्घटना या विवाद का बहाना बनाकर पीड़ित को रोका जाता था और एक सदस्य उसे बातों में उलझाए रखता था जबकि अन्य नकदी चुरा लेते थे।
गिरफ्तारी में कितना माल बरामद हुआ?
क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास से ₹7.5 लाख नकद, ₹18,000 के दो मोबाइल फोन, ₹1 लाख की मोटरसाइकिल, शीशा तोड़ने का उपकरण, एलन-की और एक हेलमेट बरामद किया। कुल जब्त सामान की कीमत ₹8.68 लाख आँकी गई है।
आरोपी के खिलाफ कहाँ-कहाँ मामले दर्ज हैं?
विशाल उर्फ भाऊ के खिलाफ अहमदाबाद के सरखेज, बोपाल, ओढव, सोला हाईकोर्ट, एलिसब्रिज, नवरंगपुरा, वस्त्रापुर, अडालज और वाडज थानों में मामले दर्ज हैं। इसके अलावा दिल्ली के उत्तर जिले के कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन में भी उसके खिलाफ मामले हैं।
आरोपी पर कौन-से कानूनी प्रावधान लगाए गए हैं?
आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत लूट, चोरी और आपराधिक साजिश के मामले दर्ज हैं। पुराने मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) और गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम (GCTOC) कानून भी शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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