अहमदाबाद पुलिस ने 'मदारी गैंग' के सरगना को दबोचा, 10 महीने से था फरार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) जोन-7 ने सोमवार, 13 जुलाई को कुख्यात 'मदारी गैंग' के कथित सरगना को गिरफ्तार कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की। आरोपी राज्य के तीन आपराधिक मामलों में वांछित था और कथित तौर पर पिछले 10 महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर था। यह गिरफ्तारी रथ यात्रा से पूर्व फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए शुरू किए गए एक विशेष अभियान के तहत हुई।
आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 37 वर्षीय अमरनाथ पाढियार उर्फ 'मदारी' के रूप में हुई है। वह साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर स्थित भोलेश्वर सोसायटी का निवासी है और मूलतः गांधीनगर जिले के दहेगाम तालुका के गणेशपुरा गाँव से है। अधिकारियों के अनुसार, पाढियार का आपराधिक इतिहास 2019 से चला आ रहा है और उसके विरुद्ध राजकोट, भावनगर, नवसारी तथा मेहसाणा में मामले दर्ज हैं।
विशेष अभियान और गिरफ्तारी की कार्रवाई
अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर और जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेक्टर-1) के निर्देशों पर डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस शिवम वर्मा ने जोन-7 के पुलिस स्टेशनों और LCB को ह्यूमन इंटेलिजेंस एवं तकनीकी निगरानी का उपयोग कर वांछित अपराधियों की तलाश तेज करने के आदेश दिए थे।
गश्त के दौरान पीएसआई एचडी वाघेला के नेतृत्व वाली टीम — जिसमें एएसआई नसरुल्लाखान, हेड कॉन्स्टेबल महेंद्रसिंह और पुलिस कॉन्स्टेबल इरफानभाई शामिल थे — को विशेष खुफिया जानकारी मिली। इस सूचना के आधार पर टीम ने सरखेज पुलिस स्टेशन क्षेत्र से पाढियार को रविवार को गिरफ्तार कर लिया।
आपराधिक रिकॉर्ड और लंबित मामले
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को इससे पहले गुजरात के विभिन्न जिलों में दर्ज नौ आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका था। फिलहाल वह राजकोट शहर के गांधीग्राम और प्रद्युम्न नगर पुलिस स्टेशनों तथा वलसाड ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन मामलों में वांछित था।
लंबित मामले भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61 और 54 के तहत दर्ज हैं। पाढियार के कथित अपराधों में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और संबंधित अपराध शामिल हैं।
रथ यात्रा से पहले सुरक्षा का संदेश
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब अहमदाबाद में रथ यात्रा की तैयारियाँ जोरों पर थीं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान यात्रा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि बड़े आयोजनों से पहले फरार अपराधियों की धरपकड़ का यह क्रम गुजरात पुलिस की स्थापित कार्यप्रणाली रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जाँचकर्ता अब पाढियार के गैंग के अन्य सदस्यों और उसके आपराधिक नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।