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अहमदाबाद पुलिस ने 'मदारी गैंग' के सरगना को दबोचा, 10 महीने से था फरार

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अहमदाबाद पुलिस ने 'मदारी गैंग' के सरगना को दबोचा, 10 महीने से था फरार

सारांश

10 महीने की फरारी के बाद 'मदारी गैंग' का कथित सरगना अमरनाथ पाढियार अहमदाबाद के सरखेज इलाके से गिरफ्तार। 2019 से सक्रिय इस आरोपी पर गुजरात के कई जिलों में कुल 12 से अधिक मामले दर्ज हैं। रथ यात्रा से पहले पुलिस के विशेष अभियान की यह बड़ी उपलब्धि है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद LCB जोन-7 ने 13 जुलाई को 'मदारी गैंग' के कथित सरगना अमरनाथ पाढियार उर्फ 'मदारी' को गिरफ्तार किया।
आरोपी 10 महीनों से फरार था और 3 मामलों में वांछित था — राजकोट के 2 और वलसाड के 1 पुलिस स्टेशन में।
पाढियार का आपराधिक रिकॉर्ड 2019 से है; इससे पहले 9 मामलों में गिरफ्तारी हो चुकी थी।
गिरफ्तारी रथ यात्रा से पूर्व फरार अपराधियों को पकड़ने के विशेष अभियान के तहत हुई।
लंबित मामले भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) , 61 और 54 के तहत दर्ज हैं।

अहमदाबाद पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) जोन-7 ने सोमवार, 13 जुलाई को कुख्यात 'मदारी गैंग' के कथित सरगना को गिरफ्तार कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की। आरोपी राज्य के तीन आपराधिक मामलों में वांछित था और कथित तौर पर पिछले 10 महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर था। यह गिरफ्तारी रथ यात्रा से पूर्व फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए शुरू किए गए एक विशेष अभियान के तहत हुई।

आरोपी की पहचान

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 37 वर्षीय अमरनाथ पाढियार उर्फ 'मदारी' के रूप में हुई है। वह साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर स्थित भोलेश्वर सोसायटी का निवासी है और मूलतः गांधीनगर जिले के दहेगाम तालुका के गणेशपुरा गाँव से है। अधिकारियों के अनुसार, पाढियार का आपराधिक इतिहास 2019 से चला आ रहा है और उसके विरुद्ध राजकोट, भावनगर, नवसारी तथा मेहसाणा में मामले दर्ज हैं।

विशेष अभियान और गिरफ्तारी की कार्रवाई

अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर और जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेक्टर-1) के निर्देशों पर डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस शिवम वर्मा ने जोन-7 के पुलिस स्टेशनों और LCB को ह्यूमन इंटेलिजेंस एवं तकनीकी निगरानी का उपयोग कर वांछित अपराधियों की तलाश तेज करने के आदेश दिए थे।

गश्त के दौरान पीएसआई एचडी वाघेला के नेतृत्व वाली टीम — जिसमें एएसआई नसरुल्लाखान, हेड कॉन्स्टेबल महेंद्रसिंह और पुलिस कॉन्स्टेबल इरफानभाई शामिल थे — को विशेष खुफिया जानकारी मिली। इस सूचना के आधार पर टीम ने सरखेज पुलिस स्टेशन क्षेत्र से पाढियार को रविवार को गिरफ्तार कर लिया।

आपराधिक रिकॉर्ड और लंबित मामले

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को इससे पहले गुजरात के विभिन्न जिलों में दर्ज नौ आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका था। फिलहाल वह राजकोट शहर के गांधीग्राम और प्रद्युम्न नगर पुलिस स्टेशनों तथा वलसाड ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन मामलों में वांछित था।

लंबित मामले भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61 और 54 के तहत दर्ज हैं। पाढियार के कथित अपराधों में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और संबंधित अपराध शामिल हैं।

रथ यात्रा से पहले सुरक्षा का संदेश

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब अहमदाबाद में रथ यात्रा की तैयारियाँ जोरों पर थीं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान यात्रा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि बड़े आयोजनों से पहले फरार अपराधियों की धरपकड़ का यह क्रम गुजरात पुलिस की स्थापित कार्यप्रणाली रही है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जाँचकर्ता अब पाढियार के गैंग के अन्य सदस्यों और उसके आपराधिक नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 2019 से सक्रिय और नौ बार गिरफ्तार हो चुका यह आरोपी हर बार कानून के शिकंजे से निकलकर फिर सक्रिय कैसे हो जाता है। बार-बार की जमानत और फरारी का यह चक्र गुजरात की आपराधिक न्याय प्रणाली में गहरी खामियों की ओर इशारा करता है। रथ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों से पहले की यह धरपकड़ सराहनीय है, परंतु दीर्घकालिक समाधान के लिए महज गिरफ्तारी नहीं, बल्कि प्रभावी अभियोजन और ज़मानत प्रक्रिया की समीक्षा ज़रूरी है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मदारी गैंग' का सरगना कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
'मदारी गैंग' का कथित सरगना 37 वर्षीय अमरनाथ पाढियार उर्फ 'मदारी' है, जिसे अहमदाबाद LCB जोन-7 ने 13 जुलाई को सरखेज क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वह राजकोट और वलसाड के तीन पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामलों में वांछित था और 10 महीनों से फरार था।
अमरनाथ पाढियार पर कौन-से आरोप हैं?
पाढियार पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और चोरी सहित कई आरोप हैं। लंबित मामले भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61 और 54 के तहत दर्ज हैं। 2019 से अब तक उसे गुजरात के विभिन्न जिलों में कुल नौ मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह गिरफ्तारी रथ यात्रा से कैसे जुड़ी है?
अहमदाबाद पुलिस ने रथ यात्रा से पहले कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था। इसी अभियान के तहत फरार आरोपियों की तलाश तेज की गई और पाढियार की गिरफ्तारी इस अभियान की प्रमुख उपलब्धि है।
गिरफ्तारी में किस पुलिस टीम ने भूमिका निभाई?
पीएसआई एचडी वाघेला के नेतृत्व में एएसआई नसरुल्लाखान, हेड कॉन्स्टेबल महेंद्रसिंह और पुलिस कॉन्स्टेबल इरफानभाई की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर यह गिरफ्तारी की। डीसीपी शिवम वर्मा के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई।
आरोपी का आपराधिक इतिहास कितना पुराना है?
अधिकारियों के अनुसार अमरनाथ पाढियार का आपराधिक रिकॉर्ड 2019 से है। राजकोट, भावनगर, नवसारी और मेहसाणा में उसके विरुद्ध मामले दर्ज हैं और वह अब तक नौ बार गिरफ्तार हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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