मुरादाबाद में एसटीएफ की कार्रवाई: 50 हजार का इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर

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मुरादाबाद में एसटीएफ की कार्रवाई: 50 हजार का इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर

सारांश

मुरादाबाद में एसटीएफ ने 50 हजार का इनामी बदमाश आशु चड्ढा को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है, जिसने लंबे समय से सक्रिय अपराधी को खत्म किया है।

Key Takeaways

  • एसटीएफ ने मुरादाबाद में एक बदमाश को मुठभेड़ में ढेर किया।
  • आशु चड्ढा पर 36 गंभीर मुकदमे थे।
  • यह मुठभेड़ पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है।
  • पुलिस का अभियान अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगा।
  • आशु उधम सिंह गैंग से जुड़ा हुआ था।

मुरादाबाद, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने ₹50,000 के इनामी बदमाश आशु चड्ढा उर्फ मोंटी को एक मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। यह कार्रवाई एसटीएफ की मेरठ यूनिट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई थी। मारा गया बदमाश कुख्यात उधम सिंह गैंग का एक शार्प शूटर बताया जा रहा है, जो लंबे समय से पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ था।

पुलिस के अनुसार, आशु चड्ढा पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और रंगदारी समेत कुल 36 गंभीर मुकदमे दर्ज थे। हाल ही में वह मुरादाबाद के एक व्यापारी से ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगने और जानलेवा हमला करने के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी और एसटीएफ को उसकी लोकेशन के संबंध में जानकारी मिली थी।

सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी की, जिसके बाद बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में आशु चड्ढा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक स्विफ्ट कार, .32 बोर की फैक्ट्री मेड पिस्टल, एक रिवॉल्वर, 12 बोर की बंदूक, भारी मात्रा में कारतूस और कई खोखे बरामद किए हैं। यह बरामदगी उसके आपराधिक नेटवर्क और सक्रियता को दर्शाती है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आशु मूल रूप से हापुड़ जिले के मीरपुर कला गांव का निवासी था। वर्ष 2010 में हत्या के एक मामले में वह जेल गया था, जहां उसकी मुलाकात उधम सिंह गैंग के सदस्यों से हुई। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने इस गैंग के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया।

धीरे-धीरे उसने अपराध को ही अपना पेशा बना लिया और लूट, हत्या और रंगदारी जैसी वारदातों में सक्रिय हो गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वह गैंग का एक भरोसेमंद शूटर बन चुका था और कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है।

एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ से क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

Point of View

NationPress
02/04/2026

Frequently Asked Questions

आशु चड्ढा कौन था?
आशु चड्ढा उर्फ मोंटी एक 50 हजार का इनामी बदमाश था, जो उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर था।
एसटीएफ ने उसे कैसे मारा?
एसटीएफ ने सूचना के आधार पर घेराबंदी की, जिसके बाद आशु चड्ढा ने पुलिस पर फायरिंग की, और मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
आशु पर कितने मामले दर्ज थे?
आशु चड्ढा पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और रंगदारी समेत कुल 36 गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
इस मुठभेड़ का क्या संदेश है?
इस मुठभेड़ से क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है कि पुलिस अपराधियों को बख्शने वाली नहीं है।
आशु चड्ढा की गिरफ्तारी क्यों महत्वपूर्ण थी?
आशु चड्ढा कई गंभीर अपराधों में शामिल था, और उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
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