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गाजीपुर में ऑपरेशन वज्रपात: 49 आपराधिक गैंगों के 401 सदस्य चिन्हित, 11 गिरफ्तार

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गाजीपुर में ऑपरेशन वज्रपात: 49 आपराधिक गैंगों के 401 सदस्य चिन्हित, 11 गिरफ्तार

सारांश

गाजीपुर पुलिस का ऑपरेशन वज्रपात महज एक छापेमारी नहीं — यह सोशल मीडिया पर दबदबा दिखाने वाली गैंग-संस्कृति के खिलाफ सीधा प्रहार है। पाँच दिनों में 49 गैंगों के 401 सदस्यों की पहचान और 11 गिरफ्तारियाँ बताती हैं कि डिजिटल अपराध अब पुलिस की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।

मुख्य बातें

ऑपरेशन वज्रपात 1 जून से 5 जून 2025 तक गाजीपुर में चलाया गया।
49 आपराधिक गैंगों के 401 सदस्यों की पहचान की गई।
अभियान में 39 मुकदमे दर्ज और 11 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
कटरा गैंग , महाकाल गैंग , 315 गैंग और फरसा गैंग समेत कई गुट चिन्हित।
गिरफ्तार सदस्यों में 5581 गैंग , 999 गैंग , 0777 गैंग और राधे-राधे गैंग के आरोपी शामिल।
ईराज राजा ने भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की घोषणा की।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस ने 1 जून से 5 जून 2025 के बीच चलाए गए पाँच दिवसीय विशेष अभियान ऑपरेशन वज्रपात में बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान में 49 आपराधिक गैंगों के 401 सदस्यों की पहचान की गई और 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इंटरनेट मीडिया व स्थानीय स्तर पर सक्रिय इन गुटों के विरुद्ध 39 मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।

अभियान का स्वरूप और कार्यप्रणाली

पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्णा के निर्देशन में संचालित इस अभियान में गैंगों के नेताओं और सक्रिय सदस्यों की विस्तृत जानकारी जुटाई गई। गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा ने बताया कि जिले में कटरा गैंग, महाकाल गैंग, 315 गैंग और फरसा गैंग समेत कई गुट सक्रिय हैं। इन गैंगों के सदस्य समूह बनाकर कई बाइकों पर घूमते हैं और आम नागरिकों को भयभीत करते हैं।

इसके अलावा ये गुट सोशल मीडिया पर आक्रामक पोस्ट, वीडियो, फेसबुक लाइव तथा इंस्टाग्राम रील्स के माध्यम से अपनी आपराधिक गतिविधियों का प्रदर्शन करते हैं। डॉ. राजा ने कहा कि कई सदस्य अवैध हथियारों के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट कर दबदबा बनाने की कोशिश करते पाए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

अभियान के दौरान इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय सात गैंगों के 10 सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में 5581 गैंग के शुभम यादव, 999 गैंग के सौरभ, 0777 गैंग के महेंद्र यादव, अंकुर, सोनू राजभर, स्वान 191773 गैंग के संदीप, पंछी गैंग 1303 के अजय यादव, राधे-राधे गैंग के लक्ष्मी नारायण राय, तथा कारोवीर गैंग के कामरान और मो. राशिद शामिल हैं।

पुलिस की चेतावनी और आगे की रणनीति

एसपी डॉ. ईराज राजा ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे गैंगों के विरुद्ध अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हथियारों का प्रदर्शन, धमकी भरे पोस्ट, लोगों को डराना-धमकाना या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा। चिन्हित सभी गैंगों और उनके सदस्यों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर गैंग-संस्कृति के बढ़ते प्रदर्शन ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएँ बढ़ाई हैं। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। इस अभियान को जिले में अमन-चैन और कानून का राज स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सोशल मीडिया पर गैंग-प्रदर्शन को अपराध मानकर कार्रवाई करने की मंशा में है — जो उत्तर प्रदेश पुलिस की रणनीति में एक नया आयाम है। गौरतलब है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हथियारों का प्रदर्शन और धमकी भरे वीडियो लंबे समय से कानून-प्रवर्तन की चुनौती रहे हैं, और अब तक इन पर ठोस कार्रवाई सीमित रही है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या चिन्हित 401 सदस्यों के विरुद्ध मुकदमे अदालत तक पहुँचते हैं या अभियान केवल निरोधात्मक गिरफ्तारियों तक सिमट जाता है। बिना दीर्घकालिक अभियोजन ढाँचे के, ऐसे अभियान प्रायः अस्थायी राहत देते हैं और गैंग-संस्कृति की जड़ें बरकरार रहती हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन वज्रपात क्या है?
ऑपरेशन वज्रपात गाजीपुर पुलिस द्वारा 1 जून से 5 जून 2025 के बीच चलाया गया पाँच दिवसीय विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य इंटरनेट मीडिया और स्थानीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक गैंगों पर शिकंजा कसना था। इसमें 49 गैंगों के 401 सदस्यों की पहचान की गई और 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गाजीपुर में कौन-कौन से प्रमुख गैंग सक्रिय पाए गए?
अभियान में कटरा गैंग, महाकाल गैंग, 315 गैंग, फरसा गैंग, 5581 गैंग, 999 गैंग, 0777 गैंग, स्वान 191773 गैंग, पंछी गैंग 1303, राधे-राधे गैंग और कारोवीर गैंग समेत कुल 49 गुटों को चिन्हित किया गया। ये गैंग सोशल मीडिया पर आक्रामक वीडियो और पोस्ट के जरिए दबदबा बनाते थे।
ऑपरेशन वज्रपात में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
अभियान के दौरान कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें सात इंटरनेट मीडिया-सक्रिय गैंगों के 10 सदस्य शामिल हैं। इनके विरुद्ध 39 मुकदमे विभिन्न धाराओं में दर्ज किए गए हैं।
क्या भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे?
हाँ, एसपी डॉ. ईराज राजा ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गैंगों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हथियारों का प्रदर्शन, धमकी भरे पोस्ट और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा।
ये गैंग सोशल मीडिया का उपयोग किस तरह करते थे?
इन गैंगों के सदस्य फेसबुक लाइव, इंस्टाग्राम रील्स और अन्य प्लेटफॉर्म पर अवैध हथियारों के साथ फोटो-वीडियो पोस्ट करते थे। पुलिस के अनुसार इस डिजिटल प्रदर्शन का मकसद आम नागरिकों में भय फैलाना और गुट की धाक जमाना था।
राष्ट्र प्रेस
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