मणिपुर में 8 उग्रवादी गिरफ्तार, दो बड़े नेता भी पकड़े; हथियारों का जखीरा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े दो शीर्ष उग्रवादी नेताओं समेत कुल आठ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। 12 मई को अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के पास से उन्नत हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद, आपत्तिजनक दस्तावेज़ और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई चुराचांदपुर, इंफाल वेस्ट, काकचिंग और इंफाल ईस्ट जिलों में एक साथ चलाए गए इंटेलिजेंस-आधारित अभियान के तहत की गई।
कौन हैं गिरफ्तार शीर्ष उग्रवादी नेता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दो प्रमुख उग्रवादियों में विंसेंट पुमजामांग ताइथुल शामिल हैं, जो खुद को जोगम लिबरेशन फ्रंट का कमांडर-इन-चीफ बताते थे। दूसरे प्रमुख गिरफ्तार व्यक्ति खुम्बोंगमयुम आनंद मेइतेई उर्फ लाम्फेल उर्फ इबोमचा हैं, जो कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी में खुद को सलाहकार बताते थे। इन दोनों की गिरफ्तारी को सुरक्षा बल एक बड़ी सफलता मान रहे हैं।
पीएलए और आरपीएफ के सदस्य भी पकड़े, तीन बंधक मुक्त
इंफाल ईस्ट जिले के लामलाई पुलिस स्टेशन क्षेत्र से प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसके सहयोगी संगठन रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF) के चार सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इन उग्रवादियों ने तीन निर्दोष युवकों को प्रतिबंधित संगठन में जबरन भर्ती करने के लिए बंधक बना रखा था। सुरक्षा बलों ने तीनों युवकों को सुरक्षित मुक्त करा लिया है।
राज्यव्यापी सर्च ऑपरेशन जारी
अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर में अपहरण, जबरन वसूली और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को पकड़ने के लिए विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग, कॉर्डन और सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इंफाल घाटी और पहाड़ी जिलों के बाहरी इलाकों में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की ओर से एरिया डॉमिनेशन एक्सरसाइज भी की जा रही है। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब राज्य में जातीय तनाव की पृष्ठभूमि में सुरक्षा बलों की तैनाती पहले से बढ़ाई गई है।
114 चेकपॉइंट, हाईवे पर एस्कॉर्ट सेवा
राज्य में घाटी और पहाड़ी दोनों जिलों में कुल 114 नाके (चेकपॉइंट) स्थापित किए गए हैं ताकि संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की आवाजाही पर नज़र रखी जा सके। इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर अनाज और आवश्यक वस्तुएँ ले जाने वाले ट्रकों को सुरक्षा एस्कॉर्ट भी दी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर काफिले की सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
अफवाहों और फर्जी वीडियो से सावधान रहने की अपील
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों और फर्जी वीडियो पर ध्यान न दें। पुलिस के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि किसी भी वीडियो या ऑडियो क्लिप की सत्यता सेंट्रल कंट्रोल रूम से सत्यापित की जा सकती है। फर्जी पोस्ट अपलोड या शेयर करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों के अभियान और तेज़ होने की संभावना है।