मणिपुर में 8 उग्रवादी गिरफ्तार, दो बड़े नेता भी पकड़े; हथियारों का जखीरा बरामद

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मणिपुर में 8 उग्रवादी गिरफ्तार, दो बड़े नेता भी पकड़े; हथियारों का जखीरा बरामद

सारांश

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई — जोगम लिबरेशन फ्रंट के कथित कमांडर-इन-चीफ और कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी के कथित सलाहकार समेत आठ उग्रवादी गिरफ्तार। तीन बंधक युवक भी मुक्त कराए गए। राज्य में 114 चेकपॉइंट और NH-37 पर एस्कॉर्ट सेवा जारी।

मुख्य बातें

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 12 मई को इंटेलिजेंस-आधारित अभियान में 8 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार नेताओं में जोगम लिबरेशन फ्रंट के कथित कमांडर-इन-चीफ विंसेंट पुमजामांग ताइथुल और कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी के कथित सलाहकार खुम्बोंगमयुम आनंद मेइतेई शामिल।
आरोपियों के पास से उन्नत हथियार , भारी गोला-बारूद , आपत्तिजनक दस्तावेज़ और मोबाइल फोन बरामद।
PLA/RPF के 4 सदस्य इंफाल ईस्ट के लामलाई क्षेत्र से पकड़े गए; 3 बंधक युवक सुरक्षित मुक्त।
राज्यभर में 114 चेकपॉइंट स्थापित; NH-37 पर ट्रकों को सुरक्षा एस्कॉर्ट जारी।

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े दो शीर्ष उग्रवादी नेताओं समेत कुल आठ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। 12 मई को अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के पास से उन्नत हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद, आपत्तिजनक दस्तावेज़ और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई चुराचांदपुर, इंफाल वेस्ट, काकचिंग और इंफाल ईस्ट जिलों में एक साथ चलाए गए इंटेलिजेंस-आधारित अभियान के तहत की गई।

कौन हैं गिरफ्तार शीर्ष उग्रवादी नेता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दो प्रमुख उग्रवादियों में विंसेंट पुमजामांग ताइथुल शामिल हैं, जो खुद को जोगम लिबरेशन फ्रंट का कमांडर-इन-चीफ बताते थे। दूसरे प्रमुख गिरफ्तार व्यक्ति खुम्बोंगमयुम आनंद मेइतेई उर्फ लाम्फेल उर्फ इबोमचा हैं, जो कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी में खुद को सलाहकार बताते थे। इन दोनों की गिरफ्तारी को सुरक्षा बल एक बड़ी सफलता मान रहे हैं।

पीएलए और आरपीएफ के सदस्य भी पकड़े, तीन बंधक मुक्त

इंफाल ईस्ट जिले के लामलाई पुलिस स्टेशन क्षेत्र से प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसके सहयोगी संगठन रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF) के चार सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इन उग्रवादियों ने तीन निर्दोष युवकों को प्रतिबंधित संगठन में जबरन भर्ती करने के लिए बंधक बना रखा था। सुरक्षा बलों ने तीनों युवकों को सुरक्षित मुक्त करा लिया है।

राज्यव्यापी सर्च ऑपरेशन जारी

अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर में अपहरण, जबरन वसूली और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को पकड़ने के लिए विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग, कॉर्डन और सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इंफाल घाटी और पहाड़ी जिलों के बाहरी इलाकों में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की ओर से एरिया डॉमिनेशन एक्सरसाइज भी की जा रही है। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब राज्य में जातीय तनाव की पृष्ठभूमि में सुरक्षा बलों की तैनाती पहले से बढ़ाई गई है।

114 चेकपॉइंट, हाईवे पर एस्कॉर्ट सेवा

राज्य में घाटी और पहाड़ी दोनों जिलों में कुल 114 नाके (चेकपॉइंट) स्थापित किए गए हैं ताकि संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की आवाजाही पर नज़र रखी जा सके। इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर अनाज और आवश्यक वस्तुएँ ले जाने वाले ट्रकों को सुरक्षा एस्कॉर्ट भी दी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर काफिले की सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।

अफवाहों और फर्जी वीडियो से सावधान रहने की अपील

मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों और फर्जी वीडियो पर ध्यान न दें। पुलिस के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि किसी भी वीडियो या ऑडियो क्लिप की सत्यता सेंट्रल कंट्रोल रूम से सत्यापित की जा सकती है। फर्जी पोस्ट अपलोड या शेयर करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों के अभियान और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या इन नेटवर्कों की जड़ें — वित्त पोषण, भर्ती और हथियार आपूर्ति — भी तोड़ी जा सकती हैं। तीन निर्दोष युवकों को जबरन भर्ती के लिए बंधक बनाने की घटना यह भी बताती है कि आम नागरिक इन संगठनों के सबसे पहले शिकार हैं। NH-37 पर एस्कॉर्ट और 114 चेकपॉइंट की ज़रूरत यह दर्शाती है कि राज्य में सामान्य स्थिति अभी दूर है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में गिरफ्तार आठ उग्रवादी कौन हैं?
गिरफ्तार आठ उग्रवादियों में जोगम लिबरेशन फ्रंट के कथित कमांडर-इन-चीफ विंसेंट पुमजामांग ताइथुल और कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी के कथित सलाहकार खुम्बोंगमयुम आनंद मेइतेई उर्फ लाम्फेल उर्फ इबोमचा शामिल हैं। इनके अलावा प्रतिबंधित PLA और RPF के चार सदस्य भी पकड़े गए।
गिरफ्तारियाँ मणिपुर के किन जिलों में हुईं?
यह गिरफ्तारियाँ चुराचांदपुर, इंफाल वेस्ट, काकचिंग और इंफाल ईस्ट जिलों में एक साथ चलाए गए इंटेलिजेंस-आधारित अभियान के तहत की गईं। PLA और RPF के चार सदस्यों को विशेष रूप से इंफाल ईस्ट के लामलाई पुलिस स्टेशन क्षेत्र से पकड़ा गया।
गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से क्या बरामद हुआ?
आरोपियों के पास से उन्नत हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद, आपत्तिजनक दस्तावेज़ और मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने बरामद हथियारों को उग्रवादी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाला बताया है।
मणिपुर में बंधक बनाए गए युवकों को कैसे मुक्त कराया गया?
PLA/RPF के गिरफ्तार सदस्यों ने तीन निर्दोष युवकों को प्रतिबंधित संगठन में जबरन भर्ती के लिए बंधक बना रखा था। सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों की गिरफ्तारी के दौरान तीनों युवकों को सुरक्षित मुक्त करा लिया।
मणिपुर में सुरक्षा बलों का अभियान कितना व्यापक है?
राज्य में घाटी और पहाड़ी दोनों जिलों में 114 चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं और इंफाल-जिरीबाम NH-37 पर ट्रकों को सुरक्षा एस्कॉर्ट दी जा रही है। केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की ओर से कॉम्बिंग, कॉर्डन और एरिया डॉमिनेशन अभियान लगातार जारी हैं।
राष्ट्र प्रेस