मणिपुर में 7 उग्रवादी गिरफ्तार: KCP, PLA और KYKL के सदस्य, भारी हथियार जब्त
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) ने 9 अगस्त 2026 को संयुक्त अभियानों में पिछले 24 घंटों के भीतर प्रतिबंधित विद्रोही संगठनों से जुड़े सात उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद तथा आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। इंफाल पश्चिम और बिष्णुपुर जिलों में चलाए गए इन अभियानों की जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को दी।
कौन हैं गिरफ्तार उग्रवादी
अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए सातों उग्रवादी तीन प्रतिबंधित संगठनों से संबद्ध हैं — कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP), पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसका राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF), तथा कांगलेई यावोल कन्ना लुप (KYKL)। ये संगठन दशकों से मणिपुर में सक्रिय हैं और भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित हैं।
गैरकानूनी गतिविधियाँ और बरामद सामग्री
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी कथित तौर पर अपहरण, जबरन चंदा वसूली और प्रतिबंधित संगठनों में युवाओं की भर्ती जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त थे। उनके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज, चंदे की रसीदें, नकदी, मुहरें और प्रतिबंधित संगठनों के लेटरहेड बरामद किए गए।
इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों में तीन अलग-अलग अभियानों के दौरान बरामद हथियारों में शामिल हैं: 11 सिंगल-बैरल ब्रीच-लोडिंग शॉटगन, 6 पिस्तौल, 1 एंटी-रायट गन, 37 हैंड ग्रेनेड, 1 सफेद फास्फोरस ग्रेनेड, लगभग 4.6 किलोग्राम वजन का एक आईईडी, SLR, INSAS और .303 राइफलों की 6 खाली मैगजीन, 86 प्रकार के गोला-बारूद, 6 एंटी-रायट शेल, 162 जिंदा कारतूस, 26 खाली केस और 2 स्टन शेल। इसके अतिरिक्त एक वाहन सेट और दो हैंड-हेल्ड कम्युनिकेशन सेट भी जब्त किए गए।
सैन्य सामग्री भी जब्त
अभियानों के दौरान कुछ सैन्य वर्दी और उपकरण भी बरामद हुए, जिनमें एक बुलेटप्रूफ लोहे की प्लेट, बुलेटप्रूफ जैकेट कवर, गोला-बारूद चार्जर और कम्युनिकेशन सेट शामिल हैं। ऐसे उपकरणों की बरामदगी यह संकेत देती है कि उग्रवादी समूह संगठित और सुसज्जित ढंग से काम कर रहे थे।
राज्यभर में सुरक्षा अभियान जारी
मणिपुर पुलिस और CAPF ने राज्य के सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में उग्रवाद-विरोधी अभियान जारी रखे हैं। घाटी और पहाड़ी जिलों में उग्रवादियों और संदिग्ध वाहनों की निगरानी के लिए 111 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं।
सुरक्षा बल रणनीतिक दृष्टि से अहम इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर आवश्यक सामग्री ले जाने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों को सशस्त्र सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। राजमार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर काफिला सुरक्षा और कड़ी निगरानी जारी है ताकि यात्री व माल वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव और उग्रवादी गतिविधियों पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों की नज़र बनी हुई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में राज्य में सुरक्षा अभियान तेज किए गए हैं।