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मणिपुर में 7 उग्रवादी गिरफ्तार: KCP, PLA और KYKL के सदस्य, भारी हथियार जब्त

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मणिपुर में 7 उग्रवादी गिरफ्तार: KCP, PLA और KYKL के सदस्य, भारी हथियार जब्त

सारांश

मणिपुर में 24 घंटे के भीतर सुरक्षा बलों ने KCP, PLA-RPF और KYKL से जुड़े 7 उग्रवादियों को इंफाल पश्चिम और बिष्णुपुर से गिरफ्तार किया। 37 ग्रेनेड, 11 शॉटगन, एक IED और 162 जिंदा कारतूस सहित भारी हथियार जब्त। राज्यभर में 111 चेकपॉइंट सक्रिय।

मुख्य बातें

मणिपुर पुलिस और CAPF ने 9 अगस्त 2026 को 24 घंटों में 7 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार उग्रवादी प्रतिबंधित संगठनों KCP , PLA-RPF और KYKL से जुड़े हैं।
बरामद हथियारों में 37 हैंड ग्रेनेड , 11 शॉटगन , 6 पिस्तौल , 4.6 किग्रा का IED और 162 जिंदा कारतूस शामिल।
उग्रवादी कथित तौर पर अपहरण, जबरन चंदा वसूली और युवाओं की भर्ती में संलिप्त थे।
राज्यभर में 111 नाके और चेकपॉइंट स्थापित; NH-37 पर काफिला सुरक्षा जारी।

मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) ने 9 अगस्त 2026 को संयुक्त अभियानों में पिछले 24 घंटों के भीतर प्रतिबंधित विद्रोही संगठनों से जुड़े सात उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद तथा आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। इंफाल पश्चिम और बिष्णुपुर जिलों में चलाए गए इन अभियानों की जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को दी।

कौन हैं गिरफ्तार उग्रवादी

अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए सातों उग्रवादी तीन प्रतिबंधित संगठनों से संबद्ध हैं — कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP), पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसका राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF), तथा कांगलेई यावोल कन्ना लुप (KYKL)। ये संगठन दशकों से मणिपुर में सक्रिय हैं और भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित हैं।

गैरकानूनी गतिविधियाँ और बरामद सामग्री

अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी कथित तौर पर अपहरण, जबरन चंदा वसूली और प्रतिबंधित संगठनों में युवाओं की भर्ती जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त थे। उनके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज, चंदे की रसीदें, नकदी, मुहरें और प्रतिबंधित संगठनों के लेटरहेड बरामद किए गए।

इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों में तीन अलग-अलग अभियानों के दौरान बरामद हथियारों में शामिल हैं: 11 सिंगल-बैरल ब्रीच-लोडिंग शॉटगन, 6 पिस्तौल, 1 एंटी-रायट गन, 37 हैंड ग्रेनेड, 1 सफेद फास्फोरस ग्रेनेड, लगभग 4.6 किलोग्राम वजन का एक आईईडी, SLR, INSAS और .303 राइफलों की 6 खाली मैगजीन, 86 प्रकार के गोला-बारूद, 6 एंटी-रायट शेल, 162 जिंदा कारतूस, 26 खाली केस और 2 स्टन शेल। इसके अतिरिक्त एक वाहन सेट और दो हैंड-हेल्ड कम्युनिकेशन सेट भी जब्त किए गए।

सैन्य सामग्री भी जब्त

अभियानों के दौरान कुछ सैन्य वर्दी और उपकरण भी बरामद हुए, जिनमें एक बुलेटप्रूफ लोहे की प्लेट, बुलेटप्रूफ जैकेट कवर, गोला-बारूद चार्जर और कम्युनिकेशन सेट शामिल हैं। ऐसे उपकरणों की बरामदगी यह संकेत देती है कि उग्रवादी समूह संगठित और सुसज्जित ढंग से काम कर रहे थे।

राज्यभर में सुरक्षा अभियान जारी

मणिपुर पुलिस और CAPF ने राज्य के सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में उग्रवाद-विरोधी अभियान जारी रखे हैं। घाटी और पहाड़ी जिलों में उग्रवादियों और संदिग्ध वाहनों की निगरानी के लिए 111 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं।

सुरक्षा बल रणनीतिक दृष्टि से अहम इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर आवश्यक सामग्री ले जाने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों को सशस्त्र सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। राजमार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर काफिला सुरक्षा और कड़ी निगरानी जारी है ताकि यात्री व माल वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव और उग्रवादी गतिविधियों पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों की नज़र बनी हुई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में राज्य में सुरक्षा अभियान तेज किए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

PLA और KYKL जैसे संगठन जबरन वसूली और भर्ती के ज़रिए अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। भारी मात्रा में IED और सफेद फास्फोरस ग्रेनेड की बरामदगी यह दर्शाती है कि ये समूह केवल छिटपुट नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से सक्रिय हैं। 111 चेकपॉइंट और NH-37 पर काफिला सुरक्षा जैसे कदम ज़रूरी हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये उपाय दीर्घकालिक शांति की दिशा में पर्याप्त हैं या केवल दबाव प्रबंधन। जातीय तनाव की जड़ें गहरी हैं और सुरक्षा अभियान बिना राजनीतिक समाधान के अधूरे साबित होते रहे हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में गिरफ्तार 7 उग्रवादी किन संगठनों से जुड़े हैं?
गिरफ्तार उग्रवादी तीन प्रतिबंधित संगठनों — कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP), पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसका राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF), तथा कांगलेई यावोल कन्ना लुप (KYKL) — से संबद्ध हैं। ये सभी संगठन भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित हैं।
मणिपुर में इस अभियान में क्या-क्या हथियार बरामद हुए?
बरामद हथियारों में 11 सिंगल-बैरल शॉटगन, 6 पिस्तौल, 37 हैंड ग्रेनेड, 1 सफेद फास्फोरस ग्रेनेड, 4.6 किग्रा का IED, 162 जिंदा कारतूस, 6 एंटी-रायट शेल और 2 स्टन शेल शामिल हैं। इसके अलावा बुलेटप्रूफ जैकेट, कम्युनिकेशन सेट और सैन्य वर्दी भी जब्त की गई।
गिरफ्तार उग्रवादी किन गतिविधियों में शामिल थे?
अधिकारियों के अनुसार, ये उग्रवादी कथित तौर पर अपहरण, जबरन चंदा वसूली और प्रतिबंधित संगठनों में युवाओं की भर्ती जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त थे। उनके पास से चंदे की रसीदें, मुहरें और संगठनों के लेटरहेड भी बरामद हुए।
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने क्या-क्या कदम उठाए हैं?
सुरक्षा बलों ने राज्यभर में 111 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए हैं और NH-37 पर काफिला सुरक्षा जारी है। CAPF और मणिपुर पुलिस संयुक्त रूप से सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में उग्रवाद-विरोधी तलाशी अभियान चला रही हैं।
यह गिरफ्तारी किन जिलों में हुई?
गिरफ्तारियाँ इंफाल पश्चिम और बिष्णुपुर जिलों में हुईं, जबकि हथियार इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों में तीन अलग-अलग संयुक्त अभियानों के दौरान बरामद किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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