मणिपुर में 24 घंटे में छह उग्रवादी गिरफ्तार, ₹5 करोड़ का ब्राउन शुगर और हथियारों का जखीरा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े छह कट्टर उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद एवं विस्फोटक जब्त किए। इसी दौरान एक अलग अभियान में एक ड्रग तस्कर को भी हिरासत में लिया गया और उसके पास से अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में करीब ₹5 करोड़ मूल्य की 2.5 किलो ब्राउन शुगर बरामद की गई।
गिरफ्तारियाँ और संगठन
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान में इम्फाल वेस्ट, इम्फाल ईस्ट, तेंगनौपाल और काकचिंग जिलों से यह गिरफ्तारियाँ की गईं। गिरफ्तार उग्रवादी प्रतिबंधित संगठनों — कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP), पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA), उसके राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF) और सोशलिस्ट रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (SOREPA) — से जुड़े बताए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, ये उग्रवादी अपहरण और जबरन 'चंदा' वसूली जैसी आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे। उग्रवादी समूहों में 'चंदा' शब्द का इस्तेमाल रंगदारी के लिए किया जाता है।
ड्रग तस्करी पर प्रहार
एक अलग नशा-विरोधी अभियान में मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग इलाके से 33 वर्षीय लेतमिनतगांग हाओलाई नामक कथित ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया। उसके पास से 2.5 किलो ब्राउन शुगर — जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में लगभग ₹5 करोड़ आँकी गई है — और एक दोपहिया वाहन जब्त किया गया।
गौरतलब है कि चुराचांदपुर जिले की सीमा एक ओर मिजोरम से और दूसरी ओर म्यांमार से लगती है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ नहीं है। पुलिस को संदेह है कि जब्त नशीला पदार्थ म्यांमार सीमा के रास्ते राज्य में तस्करी कर लाया गया था।
बरामद हथियारों का विवरण
इम्फाल ईस्ट, बिष्णुपुर और अन्य जिलों के संवेदनशील इलाकों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। इसमें शामिल हैं:
5 सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR), 5 इनसास राइफल, 4 AK-सीरीज राइफल, 6 .303 राइफल, 10 सिंगल-बैरल बंदूकें, 4 डबल-बैरल बंदूकें, 1 देसी स्नाइपर राइफल, 3 पिस्तौल, 1 देसी 'पोम्पी' बंदूक, 1 12-बोर राइफल, कई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और कुछ वायरलेस कम्युनिकेशन सेट।
सुरक्षा ग्रिड और आगे की रणनीति
केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के सुरक्षा बलों ने पूरे मणिपुर में उग्रवाद-विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं। बाहरी इलाकों, मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर व्यापक सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन एक्सरसाइज जारी हैं।
घाटी और पहाड़ी जिलों में उग्रवादियों, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए कुल 111 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, सुरक्षा बल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इम्फाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर आवश्यक वस्तुएँ ले जाने वाले ट्रकों सहित अन्य वाहनों को सशस्त्र एस्कॉर्ट दे रहे हैं, ताकि आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो।
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब मणिपुर में जातीय तनाव और उग्रवादी गतिविधियों के बीच सुरक्षा बलों पर दबाव लगातार बना हुआ है। राज्य में सुरक्षा बलों की बढ़ती सक्रियता संकेत देती है कि आने वाले दिनों में और बड़े अभियान चलाए जा सकते हैं।