मणिपुर में 24 घंटे में 8 उग्रवादी गिरफ्तार, दो महिला कैडर; हथियार, ड्रग्स बरामद
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 3 अगस्त 2026 को बीते 24 घंटों के भीतर चलाए गए कई संयुक्त अभियानों में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं। गिरफ्तारियों के साथ-साथ हथियारों का बड़ा जखीरा, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कहाँ-कहाँ से हुईं गिरफ्तारियाँ
मणिपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त दल ने इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्व और बिष्णुपुर जिलों में छापेमारी कर इन आठ उग्रवादियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार व्यक्ति प्रतिबंधित कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP), पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसके राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (RPF) से कथित तौर पर जुड़े बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादी कथित तौर पर अपहरण और जबरदस्ती वसूली जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त थे। उनके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज, सब्सक्रिप्शन रसीदें, नकद, बिक्री से जुड़ी सामग्री और प्रतिबंधित संगठनों के लेटरहेड बरामद हुए।
हथियारों की बरामदगी
दो अलग-अलग ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने हथियारों और गोला-बारूद का उल्लेखनीय जखीरा बरामद किया। पहली बरामदगी थोउबल जिले के थोउबल पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अरोन्ग नदी के निकट एकोक पाट से हुई, जबकि दूसरी तेंगनौपाल जिले के मोरेह पुलिस स्टेशन क्षेत्र के एक जंगली इलाके से।
गौरतलब है कि तेंगनौपाल जिला म्यांमार के साथ बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जो उग्रवादी गतिविधियों और हथियारों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बरामद हथियारों में दो INSAS राइफल, एक MP-5 सबमशीन गन, एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR), दो .303 राइफल, आठ मैगजीन, एक स्मोक बम और विभिन्न कैलिबर के 379 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार
एक अलग अभियान में मणिपुर पुलिस ने सेनापति जिले के खुलेन नाका चेकपोस्ट पर ड्रग्स तस्करी के आरोप में अरुण दत्ता (50) को गिरफ्तार किया। वह असम के डिब्रूगढ़ का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक कार और साबुन की आठ डिब्बियाँ जब्त कीं, जिनमें नशीले पदार्थ छिपाए गए थे।
व्यापक सुरक्षा अभियान जारी
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टुकड़ियाँ राज्य भर के बाहरी इलाकों, मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर उग्रवाद-विरोधी अभियान जारी रखे हुए हैं। घाटी और पहाड़ी जिलों में 111 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं, ताकि उग्रवादियों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर नज़र रखी जा सके।
सुरक्षा बल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इम्फाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर आवश्यक सामान ले जाने वाले वाहनों को सशस्त्र एस्कॉर्ट भी दे रहे हैं। राजमार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर काफिले की सुरक्षा और कड़े पहरे के ज़रिए यात्रियों और माल वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव की पृष्ठभूमि में सुरक्षा बल लगातार दबाव में काम कर रहे हैं, और इस तरह की बरामदगियाँ राज्य में उग्रवादी नेटवर्क की सक्रियता की ओर इशारा करती हैं।