मणिपुर में 24 घंटे में 12 गिरफ्तार: छह उग्रवादी और छह ड्रग तस्कर पकड़े, हथियार-नशे का जखीरा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स समेत केंद्रीय सुरक्षा बलों ने 17 अगस्त 2026 को राज्य के अलग-अलग जिलों में चलाए गए संयुक्त अभियानों में पिछले 24 घंटों के भीतर छह उग्रवादियों (एक महिला सहित) और छह ड्रग तस्करों (एक महिला सहित) को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारियों के साथ-साथ भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए हैं।
कौन हैं गिरफ्तार उग्रवादी
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इंफाल ईस्ट और इंफाल वेस्ट जिलों से पकड़े गए छह उग्रवादी कई प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं। इनमें पीपल्स डिफेंस आर्मी, मणिपुर (PDA), पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसका राजनीतिक संगठन रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (RPF), तथा पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (PREPAK) शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, ये उग्रवादी आम नागरिकों पर हमले, अपहरण, जबरन चंदा वसूली और युवाओं की प्रतिबंधित संगठनों में भर्ती जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों में सक्रिय रूप से लिप्त थे। इनके पास से हथियार, गोला-बारूद, आपत्तिजनक दस्तावेज, चंदे की रसीदें, नकद, मुहरें और प्रतिबंधित संगठनों के लेटरहेड बरामद किए गए।
बरामद हथियारों का ब्यौरा
टेंगनौपाल जिले — जिसकी सीमा बिना बाड़ के म्यांमार से लगती है — और जिरीबाम जिले — जो दक्षिणी असम से सटा है — के आदिवासी इलाकों में दो अलग-अलग अभियानों में सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार जब्त किए।
बरामद सामग्री में एक AK-56 राइफल, एक INSAS एक्सकैलिबर राइफल, दो INSAS राइफलें, एक मैगजीन, तीन INSAS LMG मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, 9 mm पिस्तौल के तीन खाली कारतूस और 5.56 mm INSAS के पाँच कारतूस शामिल हैं।
ड्रग तस्करी पर भी शिकंजा
कांगपोकपी और इंफाल ईस्ट जिलों में अलग कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने एक महिला सहित छह ड्रग तस्करों को दबोचा। उनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन और अफीम बरामद की गई, जिसकी बाज़ार कीमत कथित तौर पर कई करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर लंबे समय से 'गोल्डन ट्राएंगल' मादक पदार्थ तस्करी मार्ग के निकट होने के कारण नशे की तस्करी की चुनौती से जूझ रहा है। म्यांमार सीमा पर बाड़ न होना इस समस्या को और जटिल बनाता है।
व्यापक सुरक्षा अभियान जारी
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और मणिपुर पुलिस के संयुक्त दस्ते राज्य के बाहरी इलाकों, मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर उग्रवाद-विरोधी अभियान चला रहे हैं। इनमें सर्च ऑपरेशन और एरिया-डोमिनेशन एक्सरसाइज शामिल हैं।
गौरतलब है कि मणिपुर पिछले कई वर्षों से जातीय तनाव और उग्रवाद की चुनौतियों से जूझ रहा है, और यह ताज़ा कार्रवाई राज्य में सुरक्षा बलों के निरंतर सक्रिय रुख का हिस्सा है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।